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कमाने में पिछड़े कमाऊ पूत
झांसी / ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2015 12:49 AM IST
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सरकार के कमाऊ पूत कमाने में पिछड़ गए हैं। वह शासन द्वारा आवंटित राजस्व लक्ष्य छू नहीं पा रहे हैं। सबसे खराब स्थिति मंडी परिषद की है।
शासन ने चालू वित्तीय वर्ष 2015 - 16 में आबकारी विभाग को जिले से 185.21 करोड़ रुपये एकत्र करने का लक्ष्य दिया है। जबकि, बीते माह मई में विभाग को 25.44 करोड़ -रुपये बटोरने थे, परंतु इसके सापेक्ष 22.72 करोड़ ही हासिल हो पाए। प्रगति 89 प्रतिशत रही। परिवहन विभाग का सालाना लक्ष्य 78.16 करोड़ है। जबकि, मई में 12.03 करोड़ प्राप्त करने थे, परंतु हासिल हुए 10.15 करोड़। स्टांप वसूली का वार्षिक लक्ष्य 182 करोड़ दिया गया है। मई में 27.55 करोड़ वसूलने थे और वसूले गए 21.94 करोड़। मनोरंजन कर विभाग मई माह के लक्ष्य 48 लाख के सापेक्ष 44 करोड़ ही वसूल पाया। माह का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। सबसे खराब स्थिति मंडी परिषद की रही। मंडी मई माह के लक्ष्य 7.41 करोड़ के सापेक्ष 3.14 करोड़ ही प्राप्त कर पाई। लक्ष्य के मुकाबले प्रगति सिर्फ 42 प्रतिशत ही रही।
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शासन ने चालू वित्तीय वर्ष 2015 - 16 में आबकारी विभाग को जिले से 185.21 करोड़ रुपये एकत्र करने का लक्ष्य दिया है। जबकि, बीते माह मई में विभाग को 25.44 करोड़ -रुपये बटोरने थे, परंतु इसके सापेक्ष 22.72 करोड़ ही हासिल हो पाए। प्रगति 89 प्रतिशत रही। परिवहन विभाग का सालाना लक्ष्य 78.16 करोड़ है। जबकि, मई में 12.03 करोड़ प्राप्त करने थे, परंतु हासिल हुए 10.15 करोड़। स्टांप वसूली का वार्षिक लक्ष्य 182 करोड़ दिया गया है। मई में 27.55 करोड़ वसूलने थे और वसूले गए 21.94 करोड़। मनोरंजन कर विभाग मई माह के लक्ष्य 48 लाख के सापेक्ष 44 करोड़ ही वसूल पाया। माह का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। सबसे खराब स्थिति मंडी परिषद की रही। मंडी मई माह के लक्ष्य 7.41 करोड़ के सापेक्ष 3.14 करोड़ ही प्राप्त कर पाई। लक्ष्य के मुकाबले प्रगति सिर्फ 42 प्रतिशत ही रही।