कलाम के नाम फोरेंसिक विभाग
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि देते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेंसिक साइंस का नाम बदलकर उनके नाम पर रख दिया है। अब यह विभाग डा. एपीजे अब्दुल कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेंसिक साइंस के नाम से जाना जाएगा। कुलपति की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कार्य परिषद की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।
गौरतलब है कि हाल ही में वैज्ञानिक एवं राष्ट्रपति डॉ. कलाम के निधन के ठीक बाद प्रदेश सरकार ने यूपीटीयू का नाम बदलकर उनके नाम पर करने की घोषणा कर दी थी। इसी क्रम में अब बीयू ने भी अपने फोरेंसिक साइंस विभाग का नाम डॉ. कलाम के नाम से जोड़ दिया है। इसके साथ ही कार्य परिषद की बैठक में कुलपति की सर्च कमेटी के लिए शिक्षाविद प्रो. सीएल खेत्रपाल के नाम पर मुहर लगा दी गई। इस प्रस्ताव को राजभवन भेज दिया जाएगा। इसके साथ ही एक वरिष्ठ प्रोफेसर की पेंशन के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया गया। जानकारों ने बताया कि प्रोफेसर का रिटायरमेंट नजदीक है और पेंशन को लेकर कुछ परेशानियां आ रही हैं। इसके अलावा सेंट्रल जोन व नॉर्थ जोन यूथ फेस्टिवल की तैयारियों की समीक्षा के साथ ही जरूरी आदेश जारी किए गए। प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने बताया कि अलग-अलग विभागों का संशोधित अध्यादेश को भी देखा गया। अब इसको अप्रूवल के लिए राजभवन भेज दिया जाएगा।
कलाम के नाम पर विद्यार्थी उत्साहित
फोरेंसिक साइंस विभाग की स्थापना सन् 2001 में हुई थी। अभी इसकी नवीन बिल्डिंग का निर्माण चल रहा है। समन्वयक डा. अंकित श्रीवास्तव का कहना है कि अब विभाग में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित करने के साथ ही विदेश के इंस्टीट्यूट से अनुबंध कर विद्यार्थियों को एक-दूसरे के यहां भेजकर नई-नई विधियों, तरीकों से रू-ब-रू कराने की योजना है। वहीं, विभाग का नाम कलाम से जुड़ जाने के बाद छात्र-छात्राएं काफी उत्साहित हैं।
- डा. एपीजे अब्दुल कलाम हम सबके प्रेरणाश्रोत हैं और उनके सतत परिश्रम और नि:स्वार्थ भाव से राष्ट्रसेवा की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। विभाग का नाम उनके नाम पर रखे जाने से हम गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। - नैना अग्रवाल
- विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से यह बहुत अच्छा कार्य किया गया है। महापुरुष का नाम हमारे विभाग से जुड़ जाने के बाद अब विद्यार्थियों को डा. कलाम के पदचिह्नों पर चलने की प्रेरणा मिलेगी। - अभिमन्यु
- डॉ. कलाम ने जो राष्ट्र के लिए किया वह अद्वितीय है। विभाग का नामकरण उनके नाम पर करके उन्हें श्रद्धांजलि देने का प्रयास विश्वविद्यालय परिवार की ओर से किया गया है। यह गर्व की बात है। - प्राची शुक्ला
- पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम सभी विद्यार्थियों के प्रेरणाश्रोत हैं। उनके नाम पर विभाग का नामकरण होने से छात्र-छात्राओं में नई ऊर्जा का संचार होगा, राष्ट्रकार्य में समर्पित होने की प्रेरणा मिलेगी। - निशांत पाहूजा