{"_id":"5ac3e4704f1c1bc4618b55bd","slug":"jila-hospital-me-dailesis-suru","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में पहले दिन हुईं छह डायलिसिस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में पहले दिन हुईं छह डायलिसिस
amarujala
Updated Wed, 04 Apr 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
doctor, jhansi news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट मंगलवार से शुरू हो गई। पहले दिन छह मरीजों की डायलिसिस हुईं। दस बेड की डायलिसिस यूनिट खुलने के बाद मरीजों को अब निजी केंद्रों पर पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। साथ ही मेडिकल कॉलेज पर पड़ने वाला मरीजों का दबाव भी कम होगा।
जिला अस्पताल में अब तक डायलिसिस नहीं होने के कारण मरीजों को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता था। इससे मेडिकल कॉलेज पर मरीजों की काफी भीड़ एकत्र हो जाती थी। कई मरीजों का एक-दो घंटे इंतजार करने के बाद डायलिसिस कराने का नंबर आता था। प्रदेश सरकार की पहल पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के आधार पर डीवीडी वार्ड में डायलिसिस यूनिट तैयार कराई गई। बनारस की कंपनी को झांसी समेत प्रदेश के 18 मंडलीय अस्पतालों में डायलिसिस यूनिट की स्थापना का काम दिया गया था। जिला अस्पताल में दस बेड की डायलिसिस यूनिट बनकर तैयार की गई। मंगलवार को कमिश्नर कुमुदलता श्रीवास्तव ने यूनिट का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि यूनिट खुलने से मरीजों को इलाज में बहुत मदद मिलेगी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके गुप्ता ने बताया कि डायलिसिस यूनिट में अलग से टेक्नीशियन, नर्स तैनात हैं। पहले दिन छह मरीजों ने डायलिसिस करवाई। उन्होंने बताया कि मरीजों को औसतन प्रति सप्ताह तीन डायलिसिस करानी पड़ती है। निजी केंद्रों पर एक बार में डायलिसिस कराने पर तीन हजार रुपये खर्च होते हैं। अब जिला अस्पताल में मरीज नि:शुल्क डायलिसिस करा सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अस्पताल में अब तक डायलिसिस नहीं होने के कारण मरीजों को महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता था। इससे मेडिकल कॉलेज पर मरीजों की काफी भीड़ एकत्र हो जाती थी। कई मरीजों का एक-दो घंटे इंतजार करने के बाद डायलिसिस कराने का नंबर आता था। प्रदेश सरकार की पहल पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के आधार पर डीवीडी वार्ड में डायलिसिस यूनिट तैयार कराई गई। बनारस की कंपनी को झांसी समेत प्रदेश के 18 मंडलीय अस्पतालों में डायलिसिस यूनिट की स्थापना का काम दिया गया था। जिला अस्पताल में दस बेड की डायलिसिस यूनिट बनकर तैयार की गई। मंगलवार को कमिश्नर कुमुदलता श्रीवास्तव ने यूनिट का शुभारंभ किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यूनिट खुलने से मरीजों को इलाज में बहुत मदद मिलेगी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके गुप्ता ने बताया कि डायलिसिस यूनिट में अलग से टेक्नीशियन, नर्स तैनात हैं। पहले दिन छह मरीजों ने डायलिसिस करवाई। उन्होंने बताया कि मरीजों को औसतन प्रति सप्ताह तीन डायलिसिस करानी पड़ती है। निजी केंद्रों पर एक बार में डायलिसिस कराने पर तीन हजार रुपये खर्च होते हैं। अब जिला अस्पताल में मरीज नि:शुल्क डायलिसिस करा सकेंगे।
विज्ञापन