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Jhansi: स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण, 12 दिन से भर्ती महिला के सैंपल तक नहीं लिए गए, मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज
Tue, 25 Aug 2026 01:50 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 25 Aug 2026 01:50 PM IST
सार
मेडिकल कॉलेज में जांच की सुविधा नहीं होने के कारण डॉक्टर इसकी पुष्टि नहीं कर पा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे जाने की व्यवस्था होने के बावजूद अब तक सैंपल ही नहीं लिया गया है।
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मेडिकल कॉलेज, झांसी
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
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विस्तार
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में करीब 12 दिन से भर्ती ललितपुर की महिला में स्वाइन फ्लू के लक्षण हैं। लगातार बुखार, खांसी और अब सांस लेने में परेशानी के बावजूद उसकी स्वाइन फ्लू की जांच नहीं हो सकी है। मेडिकल कॉलेज में जांच की सुविधा नहीं होने के कारण डॉक्टर इसकी पुष्टि नहीं कर पा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे जाने की व्यवस्था होने के बावजूद अब तक महिला का सैंपल ही नहीं लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, ललितपुर के पटेल नगर निवासी महिला को तेज बुखार, खांसी, बदन दर्द और सिरदर्द की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। शुरुआत में वायरल संक्रमण मानकर उपचार किया गया। कई दिन उपचार के बाद भी राहत नहीं मिली। इसके बाद कई जांचें कराई गईं, लेकिन बुखार की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी।
सांस लेने में होने लगी परेशानी
महिला का करीब 12 दिन से उपचार चल रहा है, लेकिन बुखार कम नहीं हो रहा है। अब उसे थकान के साथ सांस लेने में भी परेशानी होने लगी है। डॉक्टरों के अनुसार, ये लक्षण स्वाइन फ्लू से मिलते-जुलते हैं, लेकिन जांच के बिना बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती।
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आखिर कब होगी जांच?
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रामबाबू ने बताया कि वार्ड नंबर छह में भर्ती महिला में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण हैं। जांच रिपोर्ट के बिना इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। वहीं, माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ. नमिता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में फिलहाल स्वाइन फ्लू की जांच नहीं हो रही है, क्योंकि इसकी किट काफी महंगी आती है। सैंपल आने पर उसे जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा।
मौसम बदलने से वायरल संक्रमण बढ़ा, ओपीडी में मरीजों की भीड़
झांसी। बारिश के साथ मौसम का रुख बदलने से वायरल संक्रमण का असर बढ़ने लगा है। बुखार, खांसी-जुकाम और बदन दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। इससे जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बुखार के मरीजों की लाइन लग रही है।
इन्होंने यह बताया
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रामबाबू ने बताया कि ओपीडी में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. डीएस चौधरी के अनुसार, ओपीडी में आने वाले करीब 30 फीसदी बच्चे वायरल संक्रमण के कारण बुखार से पीड़ित मिल रहे हैं। इनमें से 10-11 बच्चों की हालत चिंताजनक होने पर उन्हें भर्ती किया जा रहा है।
बिजौली में मिला डेंगू का मरीज
बारिश और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। बिजौली में 56 वर्षीय व्यक्ति में डेंगू की पुष्टि हुई है। नोडल अधिकारी डॉ. उत्सव राज ने बताया कि मरीज मिलने के बाद टीम को भेजकर आसपास के क्षेत्र में मच्छरों के लार्वा की जांच कराई गई है। जिले में अब डेंगू मरीजों की संख्या 22 हो गई है।
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सूत्रों के मुताबिक, ललितपुर के पटेल नगर निवासी महिला को तेज बुखार, खांसी, बदन दर्द और सिरदर्द की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। शुरुआत में वायरल संक्रमण मानकर उपचार किया गया। कई दिन उपचार के बाद भी राहत नहीं मिली। इसके बाद कई जांचें कराई गईं, लेकिन बुखार की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी।
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सांस लेने में होने लगी परेशानी
महिला का करीब 12 दिन से उपचार चल रहा है, लेकिन बुखार कम नहीं हो रहा है। अब उसे थकान के साथ सांस लेने में भी परेशानी होने लगी है। डॉक्टरों के अनुसार, ये लक्षण स्वाइन फ्लू से मिलते-जुलते हैं, लेकिन जांच के बिना बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती।
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आखिर कब होगी जांच?
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रामबाबू ने बताया कि वार्ड नंबर छह में भर्ती महिला में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण हैं। जांच रिपोर्ट के बिना इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। वहीं, माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ. नमिता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में फिलहाल स्वाइन फ्लू की जांच नहीं हो रही है, क्योंकि इसकी किट काफी महंगी आती है। सैंपल आने पर उसे जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा।
मौसम बदलने से वायरल संक्रमण बढ़ा, ओपीडी में मरीजों की भीड़
झांसी। बारिश के साथ मौसम का रुख बदलने से वायरल संक्रमण का असर बढ़ने लगा है। बुखार, खांसी-जुकाम और बदन दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। इससे जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बुखार के मरीजों की लाइन लग रही है।
इन्होंने यह बताया
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रामबाबू ने बताया कि ओपीडी में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. डीएस चौधरी के अनुसार, ओपीडी में आने वाले करीब 30 फीसदी बच्चे वायरल संक्रमण के कारण बुखार से पीड़ित मिल रहे हैं। इनमें से 10-11 बच्चों की हालत चिंताजनक होने पर उन्हें भर्ती किया जा रहा है।
बिजौली में मिला डेंगू का मरीज
बारिश और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। बिजौली में 56 वर्षीय व्यक्ति में डेंगू की पुष्टि हुई है। नोडल अधिकारी डॉ. उत्सव राज ने बताया कि मरीज मिलने के बाद टीम को भेजकर आसपास के क्षेत्र में मच्छरों के लार्वा की जांच कराई गई है। जिले में अब डेंगू मरीजों की संख्या 22 हो गई है।