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सेफ सिटी बनेगा झांसी, महिला सुरक्षा होगी मजबूत
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झांसी। वीरांगना का शहर झांसी सेफ सिटी बनेगा। खासतौर पर यहां महिलाओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे। इससे महिलाएं महानगर के हर हिस्से में खुद को महफूज महसूस कर सकेंगी। शासन के निर्देश पर इसका प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया गया है। जल्द ही अमलीजामा पहनाने की तैयारी है।
स्मार्ट सिटी के सांचे में ढल चुकी झांसी अब सेफ सिटी बनने जा रही है। मिशन शक्ति के तहत लक्ष्मीबाई की नगरी को महिलाओं के लिए महफूज शहर बनाया जा रहा है। सेफ सिटी के लिए शासन ने प्रदेश के 20 शहरों का चयन किया था, जिसमें झांसी भी शामिल है। इसके लिए शासन की ओर से बिंदुवार प्रस्ताव मांगा गया था, जो भेज दिया गया है। सेफ सिटी के तहत महानगर में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा। प्रमुख बाजारों, मार्गों, पार्कों के अलावा उन सभी स्थानों की कैमरों से निगरानी की जाएगी, जहां महिलाओं की आवाजाही ज्यादा रहती है। साथ ही ऐसे सभी स्थानों पर रोशनी के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे। पुलिस के पिंक बूथ बनेंगे, जिन पर महिला पुलिस कर्मी तैनात रहेंगी। इसके अलावा पुलिस की महिला जवानों को पेट्रोलिंग के लिए स्कूटी दी जाएंगी। इस पर 27.40 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। ये रकम जल्द जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
सुरक्षा के ये होंगे इंतजाम
- 47 स्थान ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां शाम से ही अंधेरा छा जाता है या रोशनी कम रहती है। ऐसी सभी जगहों पर एलईडी लाइट के साथ सोलर लाइट भी लगाई जाएंगी। सोलर हाईमास्ट लाइट भी लगाई जाएंगी।
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- 350 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। शिक्षण संस्थान, पार्क, बाजार व प्रमुख मार्गों पर विशेष फोकस रहेगा।
- पुलिस की महिला जवानों को 18 पिंक स्कूटी दी जाएंगी, इसके जरिये वे पेट्रोलिंग करेंगी। स्कूटी से तंग रास्तों से भी गुजरना आसान होगा।
- सिटी बसों में पैनिक बटन लगाए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल महिलाएं आकस्मिक स्थिति में कर सकेंगी। पैनिक बटन इस तरह से होंगे कि महिलाएं बोलकर भी अपनी समस्या सुना सकेंगी। बटन के पास ही कैमरा लगा होगा। पैनिक बटन सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे।
- पिंक टॉयलेट की संख्या बढ़ाई जाएंगी। वर्तमान में पांच पिंक टॉयलेट हैं। सात और बनाए जाएंगे।
महिला सुरक्षा शासन की प्राथमिकता पर है। झांसी को सेफ सिटी बनाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जल्द बजट जारी होने की संभावना है। हालांकि, सेफ सिटी के तहत होने वाले कामों का लाभ सभी को मिलेगा।
- रामतीर्थ सिंघल, महापौर
सेफ सिटी का मॉडल महिला सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सेफ सिटी बन जाने पर महानगर का अधिकांश हिस्सा सीसीटीवी कैमरों की जद में आ जाएगा। कमांड कंट्रोल रूम से निगरानी होगी।
- विवेक त्रिपाठी, एसपी सिटी
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स्मार्ट सिटी के सांचे में ढल चुकी झांसी अब सेफ सिटी बनने जा रही है। मिशन शक्ति के तहत लक्ष्मीबाई की नगरी को महिलाओं के लिए महफूज शहर बनाया जा रहा है। सेफ सिटी के लिए शासन ने प्रदेश के 20 शहरों का चयन किया था, जिसमें झांसी भी शामिल है। इसके लिए शासन की ओर से बिंदुवार प्रस्ताव मांगा गया था, जो भेज दिया गया है। सेफ सिटी के तहत महानगर में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा। प्रमुख बाजारों, मार्गों, पार्कों के अलावा उन सभी स्थानों की कैमरों से निगरानी की जाएगी, जहां महिलाओं की आवाजाही ज्यादा रहती है। साथ ही ऐसे सभी स्थानों पर रोशनी के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे। पुलिस के पिंक बूथ बनेंगे, जिन पर महिला पुलिस कर्मी तैनात रहेंगी। इसके अलावा पुलिस की महिला जवानों को पेट्रोलिंग के लिए स्कूटी दी जाएंगी। इस पर 27.40 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। ये रकम जल्द जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
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सुरक्षा के ये होंगे इंतजाम
- 47 स्थान ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां शाम से ही अंधेरा छा जाता है या रोशनी कम रहती है। ऐसी सभी जगहों पर एलईडी लाइट के साथ सोलर लाइट भी लगाई जाएंगी। सोलर हाईमास्ट लाइट भी लगाई जाएंगी।
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- 350 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। शिक्षण संस्थान, पार्क, बाजार व प्रमुख मार्गों पर विशेष फोकस रहेगा।
- पुलिस की महिला जवानों को 18 पिंक स्कूटी दी जाएंगी, इसके जरिये वे पेट्रोलिंग करेंगी। स्कूटी से तंग रास्तों से भी गुजरना आसान होगा।
- सिटी बसों में पैनिक बटन लगाए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल महिलाएं आकस्मिक स्थिति में कर सकेंगी। पैनिक बटन इस तरह से होंगे कि महिलाएं बोलकर भी अपनी समस्या सुना सकेंगी। बटन के पास ही कैमरा लगा होगा। पैनिक बटन सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे।
- पिंक टॉयलेट की संख्या बढ़ाई जाएंगी। वर्तमान में पांच पिंक टॉयलेट हैं। सात और बनाए जाएंगे।
महिला सुरक्षा शासन की प्राथमिकता पर है। झांसी को सेफ सिटी बनाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जल्द बजट जारी होने की संभावना है। हालांकि, सेफ सिटी के तहत होने वाले कामों का लाभ सभी को मिलेगा।
- रामतीर्थ सिंघल, महापौर
सेफ सिटी का मॉडल महिला सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सेफ सिटी बन जाने पर महानगर का अधिकांश हिस्सा सीसीटीवी कैमरों की जद में आ जाएगा। कमांड कंट्रोल रूम से निगरानी होगी।
- विवेक त्रिपाठी, एसपी सिटी