फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Jhansi: Three thousand women made self-reliant, Neelam changed the picture

Jhansi: तीन हजार महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर, शहर से गांव पहुंचीं तो नीलम ने बदल दी तस्वीर

Fri, 22 Aug 2025 01:00 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Fri, 22 Aug 2025 01:00 PM IST
सार

अपनी दैनिक जरूरतों को भी पूरा न कर पाने की कसक देखी तो उन्होंने बबीना ब्लॉक से हो आत्मनिर्भरता अभियान की शुरुआत कर दी।

विज्ञापन
Jhansi: Three thousand women made self-reliant, Neelam changed the picture
नीलम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर में रहकर पली-बढ़ी बबीना के एक छोटे से गांव में व्याहकर आईं तो उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को जरूरतों को पूरा करने के लिए जूझते देखा। उन्होंने कम पढ़ी लिखी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह से जुड़कर काम शुरू किया। शुरुआत में घरवालों का विरोध झेलना पड़ा लेकिन अब उनकी मुहिम को पहचान मिल चुकी है। वह करीब तीन हजार महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ चुकी हैं।
विज्ञापन


2012 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं

बबीना के गांव रुंधा बलौरा की नीलम बताती हैं कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी करते ही शादी हो गई। 2012 में वह स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। उन्होंने जल संकट को देखते हुए लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरुकता पैदा करने में जुट गई। इसी दौरान वह देहाती परिवेश की महिलाओं को दुश्वारियों से रूबरू हुई।
विज्ञापन


छोटे ऋण से महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर

कई बार अपनी दैनिक जरूरतों को भी पूरा न कर पाने की कसक देखी तो उन्होंने बबीना ब्लॉक से हो आत्मनिर्भरता अभियान की शुरुआत कर दी। जैविक खेती, पशुपालन, चाट पकौड़ी के ठेले लगाने सहित कई तरह के रोजगार से महिलाओं को जोड़ना शुरू किया। छोटे ऋण दिलवाए। नीलम बताती हैं कि अब बड़ी संख्या में महिलाएं स्वरोजगार कर रही हैं। वह बताती हैं कि अभी तक समूह के माध्यम से वह करीब तीन हजार महिलाओं को आत्मनिर्भर बना चुकी हैं। उनका लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जल संरक्षण की चला रही मुहिम

वह परमार्थ समाजसेवी संस्था के साथ जुड़कर जल संरक्षण की मुहिम को धार देने में लगी हैं। उनका कहना है कि वह परदा प्रथा सहित अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी अभियान चला रही हैं। मकसद सिर्फ इतना है कि महिलाओं को चौके-चूल्हे से बाहर निकलकर अपनी जिंदगी खुद बनानी होगी, तभी गांवों की तस्वीर बदलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed