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Jhansi: श्रीमद्भागवत कथा में व्यास ने किया सात कोस की परिक्रमा का गायन, गोपाष्टमी का महत्व भी बताया
Tue, 02 Dec 2025 07:34 AM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 02 Dec 2025 07:34 AM IST
सार
कथाव्यास ने गोपाष्टमी का महत्व बताते हुए कहा कि इसी दिन बाल कृष्ण को गोचारण का अधिकार मिला था, इसलिए यह पर्व गो-पूजन, गाय-सेवा और धर्म के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
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कथा सुनाते आचार्य पंडित रमाकांत व्यास
- फोटो : संवाद
विस्तार
चिरगांव के ग्राम पहाड़ी बुजुर्ग में स्थित रायसेनिया बाबा मंदिर पर स्वर्गीय किशोरी शरण दांगी की पांचवीं पुण्य स्मृति के अवसर पर सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भागवत आचार्य पंडित रमाकांत व्यास ने कथा वृंदावन की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि वृंदावन वह दिव्य धाम है, जहां कण-कण में कृष्ण का वास है। और जहां की रज, वायु, कदंब और यमुना स्वयं मोक्षदायिनी हैं।
कथाव्यास ने भगवान श्रीकृष्ण की गौचरण लीला का मार्मिक वर्णन किया, जिसमें कान्हा ग्वाल-सखाओं संग गो-सेवा, वन-भ्रमण और प्रकृति-संरक्षण का संदेश देते हैं। साथ ही गोपाष्टमी का महत्व बताते हुए कहा कि इसी दिन बाल कृष्ण को गोचारण का अधिकार मिला था, इसलिए यह पर्व गो-पूजन, गाय-सेवा और धर्म के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
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कथाव्यास ने भगवान श्रीकृष्ण की गौचरण लीला का मार्मिक वर्णन किया, जिसमें कान्हा ग्वाल-सखाओं संग गो-सेवा, वन-भ्रमण और प्रकृति-संरक्षण का संदेश देते हैं। साथ ही गोपाष्टमी का महत्व बताते हुए कहा कि इसी दिन बाल कृष्ण को गोचारण का अधिकार मिला था, इसलिए यह पर्व गो-पूजन, गाय-सेवा और धर्म के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
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कथा सुनते श्रद्धालु
- फोटो : संवाद
कथा में बकासुर वध, कालिया नाग दमन तथा ब्रज-रक्षा के प्रसंगों सहित अनेक दैत्य विनाश की लीलाओं का विस्तार पूर्वक वर्णन हुआ। उन्हेांने बताया कि चौरासी लाख योनियों के बाद मनुष्य जन्म मिलता है, अतः कथा-श्रवण, सत्कर्म और भक्ति द्वारा जीवन को सार्थक बनाना ही सबसे बड़ा पुण्य है। गोवर्धन गिरिराज पूजा प्रसंग में बताया गया कि कृष्ण ने गोवर्धन उठाकर इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासियों की रक्षा की और अहंकार पर करुणा की विजय स्थापित की।
कथा के दौरान पंडोकर महाराज ने श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर इस मौके पर विधायक राजीव सिंह पारीछा, पंजाब सिंह बबीना, देवेंद्र गुप्ता झांसी, उमाशंकर शास्त्री, आनंद गुप्ता कानपुर, नंदू गुप्ता, रिंकू दांगी, बृजराज सिंह, स्वतंत्र गुप्ता, दिनेश पाराशर, मनमोहन गेड़ा, रम्मू नेता, पवन राजपूत, बीर सिंह सितौरा, संजय सिंह, बीर सिंह, अतर सिंह हर्षित, निर्मल दांगी मौजूद रहे। अंत में गुलाब सिंह दांगी ने सभी आगंतुकों तथा संत महात्माओं का स्वागत किया। समापन अवसर पर आयोजक गुलाब सिंह दांगी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में प्रसाद वितरण के साथ ही कथा का समापन हुआ। रात में भजन संध्या कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
भागवत आचार्य पंडित रमाकांत व्यास कथा सुनाते हुए...
कथा के दौरान पंडोकर महाराज ने श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर इस मौके पर विधायक राजीव सिंह पारीछा, पंजाब सिंह बबीना, देवेंद्र गुप्ता झांसी, उमाशंकर शास्त्री, आनंद गुप्ता कानपुर, नंदू गुप्ता, रिंकू दांगी, बृजराज सिंह, स्वतंत्र गुप्ता, दिनेश पाराशर, मनमोहन गेड़ा, रम्मू नेता, पवन राजपूत, बीर सिंह सितौरा, संजय सिंह, बीर सिंह, अतर सिंह हर्षित, निर्मल दांगी मौजूद रहे। अंत में गुलाब सिंह दांगी ने सभी आगंतुकों तथा संत महात्माओं का स्वागत किया। समापन अवसर पर आयोजक गुलाब सिंह दांगी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में प्रसाद वितरण के साथ ही कथा का समापन हुआ। रात में भजन संध्या कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
भागवत आचार्य पंडित रमाकांत व्यास कथा सुनाते हुए...