झांसी: पदोन्नति के लिए रेल कर्मचारियों को अब देनी होंगी दो परीक्षा, रेलवे बोर्ड ने जारी किए निर्देश
अब तक रेल कर्मचारियों को ग्रुप ‘सी’ से ग्रुप ‘बी’ प्रमोशन के लिए एक लिखित परीक्षा देनी होती थी। इसमें सफल होने पर उनका प्रमोशन हो जाता था। लेकिन, रेलवे बोर्ड द्वारा हाल ही में जारी निर्देशों में परीक्षा प्रणाली में फेरबदल किया गया है।
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ग्रुप ‘सी’ से ग्रुप ‘बी’ पदोन्नति के लिए अब रेल कर्मचारियों को दो परीक्षाएं देनी होंगी, जबकि पहले एक परीक्षा में ही काम हो जाता था। इसके अलावा पहली परीक्षा में 75 फीसदी अंक हासिल करने वाले ही मुख्य परीक्षा में शामिल हो जाएंगे।
अब तक की व्यवस्था के तहत रेल कर्मचारियों को ग्रुप ‘सी’ से ग्रुप ‘बी’ प्रमोशन के लिए एक लिखित परीक्षा देनी होती थी। इसमें सफल होने पर उनका प्रमोशन हो जाता था। लेकिन, रेलवे बोर्ड द्वारा हाल ही में जारी निर्देशों में परीक्षा प्रणाली में फेरबदल किया गया है। कर्मचारियों को अब दो परीक्षाएं देनी होंगी। पहली परीक्षा बहुविकल्पीय होगी, जिसमें जो कर्मचारी 75 फीसदी या इससे अधिक अंक हासिल कर पाएंगे, उन्हें ही मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा।
जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि एक पद के लिए पांच उम्मीदवारों का चयन कर सूची प्रकाशित की जाएगी। अगर सूची में अंतिम क्रमांक पर दो कर्मचारी समान अंक पाते हैं तो दोनों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए पद के सापेक्ष उम्मीदवार की संख्या पांच से अधिक की जा सकती है। पदोन्नति की परीक्षा को लेकर रेलवे बोर्ड की ओर से नए निर्देश जारी किए गए हैं। नए नियमों के तहत ही परीक्षा का आयोजन होगा।
कर्मचारी कर रहे हैं विरोध
पदोन्नति के लिए रेल प्रशासन द्वारा बनाई गई नई नीति कर्मचारियों को रास नहीं आ रही है। एनसीआरएमयू के मंडल अध्यक्ष हुकुम सिंह चौहान ने कहा कि पदोन्नीति की नई नीति कर्मचारियों के हित में नहीं है। इसका संगठन की ओर से पुरजोर विरोध किया जा रहा है। हाल ही में ग्वालियर में आयोजित अधिवेशन में इस मुद्दे पर कड़ा विरोध जताया गया था।