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Jhansi: सर्वार्थ सिद्धि योग में मौनी अमावस्या कल, श्रद्धालु पवित्र नदियों में करेंगे स्नान, मौन व्रत भी रखेंगे
Sat, 17 Jan 2026 06:19 AM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 17 Jan 2026 06:19 AM IST
सार
धार्मिक मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान एवं दान करने से पापों का नाश होता है। पूर्वज अपने वंशजों को खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं।
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उनाव बालाजी की पहूज नदी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
रविवार 18 जनवरी को मौनी अमावस्या श्रद्धा से मनाई जाएगी। प्रयागराज में संगम सहित अन्य पवित्र नदियों में श्रद्धालु स्नान कर दान करेंगे। अपने पूर्वजों को जल तर्पण करेंगे। मंदिरों एवं आश्रमों में धार्मिक अनुष्ठान होंगे। कई श्रद्धालु मौन व्रत भी धारण करेंगे।
सनातन धर्म में मौनी अमावस्या का विशेष धार्मिक एवं ज्योतिषीय महत्व है। महानगर एवं ग्रामीण इलाकों के हजारों श्रद्धालु प्रयागराज में संगम तथा चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में स्नान के लिए जाते हैं। ओरछा एवं उनाव बालाजी की पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। अपने आराध्य देवी-देवताओं के दर्शन कर भक्ति आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान एवं दान करने से पापों का नाश होता है। पूर्वज अपने वंशजों को खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं। आचार्य सुबोध शास्त्री के अनुसार 18 जनवरी को माघ माह की मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र सुबह 10:14 बजे तक, इसके पश्चात उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा।
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सनातन धर्म में मौनी अमावस्या का विशेष धार्मिक एवं ज्योतिषीय महत्व है। महानगर एवं ग्रामीण इलाकों के हजारों श्रद्धालु प्रयागराज में संगम तथा चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में स्नान के लिए जाते हैं। ओरछा एवं उनाव बालाजी की पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। अपने आराध्य देवी-देवताओं के दर्शन कर भक्ति आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान एवं दान करने से पापों का नाश होता है। पूर्वज अपने वंशजों को खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं। आचार्य सुबोध शास्त्री के अनुसार 18 जनवरी को माघ माह की मौनी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र सुबह 10:14 बजे तक, इसके पश्चात उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा।
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