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Jhansi News: झांसी में जमीन-मकान वालों को दे दिए गए गरीबों के आवासीय पट्टे
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झांसी। निर्धन व भूमिहीन परिवारों को सरकार की ओर से आवासीय पट्टे दिए जाते हैं। लेकिन, यह सरकारी नियम कागजों में दर्ज इबारत भर बनकर रह गया है। इसका अंदाजा सदर तहसील में बांटे गए पट्टों का देखकर लगाया जा सकता है। यहां 42 पट्टे ऐेसे लोगों को दे दिए गए, जिनके पहले से मकान के साथ-साथ जमीन-जायजाद तक मौजूद है। मामला पकड़ में आने के बाद अब इन पट्टों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सदर तहसील के बबीना में 21 अप्रैल 2022 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ग्राम चौपाल आयोजित की गई थी। इस दौरान ग्रामीणों ने अपात्रों को आवासीय पट्टे आवंटित करने की शिकायत की थी। इसके बाद तहसीलदार, नायब तहसीलदार व क्षेत्रीय लेखपाल की संयुक्त टीम ने आवासीय पट्टों की जांच की। इसमें 42 पट्टे ऐसे पाए गए, जो अपात्रों को दिए गए थे।
जांच में ज्यादातर पट्टेधारकों के पास पहले से ही खुद के मकान पाए गए। यहां तक कि एक पट्टा तो ऐसे व्यक्ति के नाम पाया गया, जो खुद प्लॉटिंग करता है। कोटेदार को भी आवासीय पट्टा आवंटित कर दिया गया। इसके अलावा ज्यादातर पट्टेधारकों के पास कृषि भूमि भी पाई गई।
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जांच में खुलासा होने के बाद सभी 42 पट्टों के निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तहसील की ओर से पट्टे निरस्त करने की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी गई है।
जांच में बबीना में 42 आवासीय पट्टे ऐसे पाए गए थे, जो अपात्रों को दिए गए थे। इन पट्टों को उप्र राज्य संहिता की धारा 66 के तहत निरस्त करने की संस्तुति की गई है। आगे कार्रवाई नियमानुसार होगी।
- डा. लालकृष्ण, तहसीलदार सदर
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सदर तहसील के बबीना में 21 अप्रैल 2022 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ग्राम चौपाल आयोजित की गई थी। इस दौरान ग्रामीणों ने अपात्रों को आवासीय पट्टे आवंटित करने की शिकायत की थी। इसके बाद तहसीलदार, नायब तहसीलदार व क्षेत्रीय लेखपाल की संयुक्त टीम ने आवासीय पट्टों की जांच की। इसमें 42 पट्टे ऐसे पाए गए, जो अपात्रों को दिए गए थे।
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जांच में ज्यादातर पट्टेधारकों के पास पहले से ही खुद के मकान पाए गए। यहां तक कि एक पट्टा तो ऐसे व्यक्ति के नाम पाया गया, जो खुद प्लॉटिंग करता है। कोटेदार को भी आवासीय पट्टा आवंटित कर दिया गया। इसके अलावा ज्यादातर पट्टेधारकों के पास कृषि भूमि भी पाई गई।
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जांच में खुलासा होने के बाद सभी 42 पट्टों के निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तहसील की ओर से पट्टे निरस्त करने की रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी गई है।
जांच में बबीना में 42 आवासीय पट्टे ऐसे पाए गए थे, जो अपात्रों को दिए गए थे। इन पट्टों को उप्र राज्य संहिता की धारा 66 के तहत निरस्त करने की संस्तुति की गई है। आगे कार्रवाई नियमानुसार होगी।
- डा. लालकृष्ण, तहसीलदार सदर