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Jhansi: छावनी परिषद को मय ब्याज के धनराशि लौटाने का आदेश, अधिवक्ता ने किया था वाद दायर
Tue, 19 Aug 2025 01:13 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 19 Aug 2025 01:13 PM IST
सार
उपभोक्ता न्यायालय ने छावनी परिषद के अधिशासी अभियंता को मय ब्याज के धनराशि लौटाने का आदेश सुनाया है।
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कोर्ट। सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सदर बाजार में प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स में चैंबर न मिलने के मामले में उपभोक्ता न्यायालय ने छावनी परिषद के अधिशासी अभियंता को मय ब्याज के धनराशि लौटाने का आदेश सुनाया। सदर बाजार के भट्टागांव निवासी अधिवक्ता श्याम गोयल ने उपभोक्ता न्यायालय में 24 अप्रैल 2024 में वाद दायर किया था। इसमें बताया कि उन्होंने एमजी मार्ग पर प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में अधिवक्ता चैंबर खोलने के लिए 22 मई 2006 को दो दुकानों के आवंटन के लिए बोली लगाई। शर्तों के आधार पर आधी धनराशि एक दुकान के लिए 1,11,000 रुपये और दूसरी दुकान के लिए 63,500 रुपये जमा कर दिया गया। धनराशि जमा करने के बाद भी दुकानें आवंटित नहीं हुई।
आरटीआई के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि एक आदेश के बाद छावनी परिषद को बंद किया जा रहा है। इस पर उन्होंने अधिशासी अभियंता से जमा रुपये वापस करने का तरीका पूछा पर उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। अधिवक्ता ने उपभोक्ता न्यायालय में वाद दायर कर दिया। अध्यक्ष अमर पाल सिंह ने इसमें छावनी परिषद के अधिशासी अभियंता को कुल 2,14,500 रुपये (24 मई 2006 से अब तक सात प्रतिशत ब्याज के साथ) भुगतान करने का आदेश दिया है।
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आरटीआई के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि एक आदेश के बाद छावनी परिषद को बंद किया जा रहा है। इस पर उन्होंने अधिशासी अभियंता से जमा रुपये वापस करने का तरीका पूछा पर उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। अधिवक्ता ने उपभोक्ता न्यायालय में वाद दायर कर दिया। अध्यक्ष अमर पाल सिंह ने इसमें छावनी परिषद के अधिशासी अभियंता को कुल 2,14,500 रुपये (24 मई 2006 से अब तक सात प्रतिशत ब्याज के साथ) भुगतान करने का आदेश दिया है।
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