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झांसी: चौथी में पढ़ने वाली मासूम को स्कूल के हॉस्टल में सोते समय सांप ने डसा...मौत, भाई के साथ रहकर पढ़ती थी
Sat, 08 Nov 2025 08:03 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 08 Nov 2025 08:03 AM IST
सार
टीकमगढ़ के पलेरा थाना के पाली गांव स्थित विद्यालय में चौथी की छात्रा नाव्या को हॉस्टल में सोते समय जहरीले सांप ने डस लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत से परिजन बदहवास हो उठे।
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सांप
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
टीकमगढ़ के पलेरा थाना के पाली गांव स्थित विद्यालय में चौथी की छात्रा नाव्या (11) को हॉस्टल में सोते समय जहरीले सांप ने डस लिया। अचेत हाल में उसे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत से परिजन बदहवास हो उठे। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
रात में खाना खाने के बाद हॉस्टल के कमरे सोयी थी
पलेरा के गुढ़ार गांव निवासी प्रीतम ने अपने पुत्र अंश व पुत्री नाव्या को गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित डेपोडिल पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के लिए भेजा था। प्रीतम दिल्ली में रहकर प्राइवेट काम करते हैं, जबकि मां संतोषी गांव में रहती हैं। दोनों के हॉस्टल में रहने पर मोटी रकम खर्च करते थे। परिजनों के मुताबिक बृहस्पतिवार रात खाना खाने के बाद हॉस्टल के कमरे में दोनों सोए थे। उनके साथ 10-15 बच्चे भी सो रहे थे। तड़के करीब तीन बजे हॉस्टल से फोन आने पर वह लोग पहुंचे। यहां नाव्या को सांप से डसे जाने की बात मालूम चली। परिजनों की मौजूदगी में उसे टीकमगढ़ स्थित जिला अस्पताल लाया गया। यहां हालत न सुधरने पर झांसी मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। थाना प्रभारी जेपी पाल का कहना है सर्पदंश से नाव्या की मौत हुई है। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच पलेरा थाना पुलिस करेगी।
हॉस्टल पर लापरवाही बरतने का आरोप
नाव्या की मौत से उसकी मां संतोषी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। संतोषी ही दोनों बच्चों से मिलने हर दूसरे दिन जाया करती थी। नाव्या की मौत के बाद से वह हॉस्टल कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगा रही हैं। नाव्या के परिजनों का कहना है कि हॉस्टल में बीस बच्चों के ठहरने का इंतजाम है लेकिन सुरक्षा एवं प्राथमिक उपचार का यहां कोई इंतजाम नहीं है। सांप-बिच्छू से भी हॉस्टल को सुरक्षित नहीं किया गया। कुछ दिनों पहले भी विषैला सांप हॉस्टल में निकला था। हॉस्टल कर्मियों की लापरवाही से विषैला सांप हॉस्टल में घुस गया। नाव्या को डसे जाने के बाद सांप को हॉस्टल कर्मियों ने पकड़ लिया।
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रात में खाना खाने के बाद हॉस्टल के कमरे सोयी थी
पलेरा के गुढ़ार गांव निवासी प्रीतम ने अपने पुत्र अंश व पुत्री नाव्या को गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित डेपोडिल पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के लिए भेजा था। प्रीतम दिल्ली में रहकर प्राइवेट काम करते हैं, जबकि मां संतोषी गांव में रहती हैं। दोनों के हॉस्टल में रहने पर मोटी रकम खर्च करते थे। परिजनों के मुताबिक बृहस्पतिवार रात खाना खाने के बाद हॉस्टल के कमरे में दोनों सोए थे। उनके साथ 10-15 बच्चे भी सो रहे थे। तड़के करीब तीन बजे हॉस्टल से फोन आने पर वह लोग पहुंचे। यहां नाव्या को सांप से डसे जाने की बात मालूम चली। परिजनों की मौजूदगी में उसे टीकमगढ़ स्थित जिला अस्पताल लाया गया। यहां हालत न सुधरने पर झांसी मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। थाना प्रभारी जेपी पाल का कहना है सर्पदंश से नाव्या की मौत हुई है। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच पलेरा थाना पुलिस करेगी।
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हॉस्टल पर लापरवाही बरतने का आरोप
नाव्या की मौत से उसकी मां संतोषी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। संतोषी ही दोनों बच्चों से मिलने हर दूसरे दिन जाया करती थी। नाव्या की मौत के बाद से वह हॉस्टल कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगा रही हैं। नाव्या के परिजनों का कहना है कि हॉस्टल में बीस बच्चों के ठहरने का इंतजाम है लेकिन सुरक्षा एवं प्राथमिक उपचार का यहां कोई इंतजाम नहीं है। सांप-बिच्छू से भी हॉस्टल को सुरक्षित नहीं किया गया। कुछ दिनों पहले भी विषैला सांप हॉस्टल में निकला था। हॉस्टल कर्मियों की लापरवाही से विषैला सांप हॉस्टल में घुस गया। नाव्या को डसे जाने के बाद सांप को हॉस्टल कर्मियों ने पकड़ लिया।
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