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ऊंची कीमतों के चलते जेडीए को नहीं मिल रहे खरीददार

Sun, 15 Aug 2021 02:27 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Aug 2021 02:27 AM IST
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JDA is not getting buyers due to high prices
झांसी। झांसी विकास प्राधिकरण के 145 से अधिक प्लॉट, फ्लैट एवं दुकानें हैं जिनको लेने को कोई राजी नहीं हो रहा। अफसरों की तमाम कोशिशों के बावजूद जेडीए को इनका कोई खरीददार नहीं मिल रहा। वर्षों से खाली ़होेने से कई प्रतिष्ठानों पर लोगों ने कब्जे भी जमाने शुरू कर दिए हैं।
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जेडीए ने सारंध्रा नगर कॉलोनी, वीरागंना नगर कॉलोनी, बेतवा विहार आवासीय इकाई समेत कई व्यवसायिक प्रतिष्ठान बनवाए लेकिन, दशकों बाद भी यहां की तमाम दुकानें एवं आवासीय प्लाट बिक नहीं पा रहीं। तमाम कोशिशों के बावजूद जेडीए इनके लिए खरीददार नहीं तलाश सका। यह परेशानी व्यवसायिक भूंखडोें के मामलों में सबसे अधिक है। बेतवा विहार योजना के सेंट्रल फंक्शन में 39 व्यवसायिक भूखंड खाली हैं। इसकी करीब 22 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर प्राधिकरण ने तय की लेकिन, कोई लेने को राजी नहीं। यहां 17 अन्य व्यवसायिक भूखंड भी खाली हैं लेकिन, इनका भी कोई खरीददार नहीं मिला।
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सर्वाधिक व्यस्त इलाकों मेें बना झलकारीबाई व्यवसायिक कॉपलेक्स में भी तीन दुकानें अब तक खाली हैं। यहां 67000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जेडीए दुकान दे रहा है लेकिन, इसको भी खरीददार नसीब नहीं हो रहे। सांरध्रा नगर आवासीय योजना में 2 व्यवसायिक भूखंड, बेतवा विहार में तीन आवासीय भूखंड खाली हैं। इनकी कीमत 11 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है। पीतांबरा आवासीय योजना में दो व्यवसायिक भूखंड, वीरागंना नगर व्यवसायिक कांपलेक्स में तीन दुकानों के साथ एक शोरूम खाली पड़ा है। इसकी कीमत 84500 रुपये प्रति मीटर तय की गई। यहां 40 वर्ग मीटर का प्लॉट भी पिछले कई वर्षों से खाली है लेकिन, इसके लिए भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा। बेतवा विहार आवासीय योजना मेें टू बीएचके 54 फ्लैट एवं एक थ्री बीएचके के 22 फ्लैट खाली पड़ी हैं। यहां फ्लैट की कीमत करीब 24 लाख रुपये से लेकर 36 लाख रुपये तक है। जेडीए की आवासीय ईकाईयों में न सिर्फ चौड़ी सड़कें बनी हैं बल्कि इनमें जमीनी विवाद भी नहीं हैं लेकिन, अधिकांश लोग कीमत अधिक होने की वजह से इसे लेने को राजी नहीं होते।
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संपत्तियों को निस्तारित करने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। अभी इन ईकाईयों के लिए फिर से पंजीकरण आंरभ किया गया है। उम्मीद है कि इनमें से कई संपत्तियां निस्तारित हो जाएंगी।
सर्वेश दीक्षित, उपाध्यक्ष, जेडीए
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