गेंहू खरीद में मिली गड़बड़ी, जांच के निर्देश सवालों के घेरों में कई क्रय केंद्रों के खरीद प्रक्रिया झांसी। गेंहू खरीद में कई गड़बड़ियां मिलने पर मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। कई क्रय केंद्रों की खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही करीब 70 करोड़ की भारी-भरकम धनराशि भी बकाया है। मंडलायुक्त ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। मंडलायुक्त कार्यालय में समीक्षा के दौरान गेंहू खरीद के दौरान गड़बड़ियां उजागर हुईं। मंडलायुक्त ने 70 करोड़ का अब तक भुगतान न होने पर नाराजगी जताते हुए जवाब तलब किया। यह बात भी समाने आई कि कई क्रय केंद्रों में अत्याधिक खरीद हुई है। इन अनियमितताओं को देखते हुए उन्होंने डीआर कोपरेटिव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए डीडी मंडी एवं जेडीसी को पूरे प्रकरण की जांच सौंप दी। बता दें, झांसी मंडल में कुल 220 खरीद केंद्रों के जरिए खरीद हुई थी। इनमें खाद्य विभाग के 8, एफपीओ के तीन, मल्टी स्टेट एक, पीसीएफ के 49, यूपीपीसीयू के सात, कल्याण निगम के दो, नेफेड के सात समेत कुल 77 केंद्र झांसी में खुले। इस बार समर्थन मूल्य भी बढ़ाकर 1925 रुपये प्रति कुंतल किया गया लेकिन, 13228 किसान ही क्रय केंद्रों तक पहुुंचे लेकिन, 30 जून तक यहां कुल 73793.31 मैट्रिक टन खरीद दर्शाई गई। बताया जा रहा कि कई क्रय केंद्रों ने क्षमता से अधिक गेंहू खरीद की हुई है। अब इस पूरे मामले की जांच शुरू कराई गई है। इनसेट उपकृषि निदेशक से जवाब तलब झांसी। मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान मंडलायुक्त ने उपकृषि निदेशक माताटीला, उप कृषि निदेशक राष्ट्रीय जलागम से अब तक कोई भी कार्य आरंभ न होने पर जवाब तलब करते हुए स्पस्टीकरण देने को कहा। साथ ही उन्होंने जालौन, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अधिशासी अभियंता की कार्यों पर लापरवाही बरतने पर वेतन रोकने का निर्देश दिया। सिंचाई विभाग के कार्यो की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने उसकी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को तत्काल खाली कराने के निर्देश दिए। प्रवासी मजूदरों को पर्याप्त संख्या में रोजगार न देने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने आसरा आवास योजना के कार्य भी तेजी से पूरा करने को कहा।