झांसी। यूजीसी के स्ट्राइड कंपोनेंट एक के तहत बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को प्राप्त परियोजना के अंतर्गत रीसेंट ट्रेंड्स इन ट्रांसडीस्किलिनार्य रिसर्च फॉर सोसाइकोनोमिक डेवलपमेंट ऑफ इंडिया विषय पर आयोजित ऑनलाइन राष्ट्रीय कांफ्रेंस का शुभारंभ पर कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने कहा कि शुद्ध वैज्ञानिक शोध की अपेक्षा अंतर्विषयक शोध आज के समय की आवश्यकता है। वैज्ञानिकों को इसी ओर अधिक ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा वैज्ञानिकों को अपने अध्ययन समाप्ति के बाद नहीं, बल्कि स्नातक, परास्नातक कक्षाआें में अध्ययन के दौरान ही शोध के प्रति जागरूक होना पड़ेगा। तभी वे आगे जाकर भविष्य के सफल वैज्ञानिक बनकर देश एवं समाज के लिए कुछ करने में सक्षम हो सकते हैं। मुख्य अतिथि केंद्रीय औषधि अनुसंधान केंद्र लखनऊ के पूर्व उपनिदेशक प्रो. प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने प्रकृति में विभिन्न जीव जंतुओं द्वारा अपने अंदर लाए गए परिवर्तनों से सीख लेकर नई तकनीकों के विकास पर प्रकाश डाला। स्ट्राइड परियोजना के संयोजक प्रो. एमएम सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। परियोजना समन्वयक डॉ. लवकुश द्विवेदी ने स्ट्राइड प्रोग्राम और कांफ्रेंस की थीम की जानकारी दी। डॉ. मुकुल पस्तोर, रोहित पियरडन, धीरेंद्र सिंह, पंकज कुशवाहा मौजूद रहे।