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चार घंटे की देरी से रवाना हुई इंटरसिटी, यात्रियों ने हंगामा किया
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Thu, 05 Oct 2017 01:11 AM IST
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railway jhansi news
- फोटो : demo pic
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बुधवार की सुबह इंटरसिटी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से चार घंटा देरी से रवाना हो सकी। इसी तरह झांसी-बांदा पैसेंजर भी तीन घंटे की देरी से चली, तो वहीं तकनीकी खामी के कारण झांसी-आगारा पैसेंजर भी सही समय पर नहीं चल सकी। ट्रेनों की लेटलतीफी पर यात्रियों का सब्र टूट गया और उन्होंने स्टेशन पर हंगामा किया।
झांसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस सुबह 6.10 पर और झांसी-बांदा पैसेंजर सुबह 7.10 पर रवाना होती हैं। मंगलवार की रात दोनों ट्रेनें तीन से चार घंटे की देरी से झांसी आईं थी। इस वजह से ट्रेन समय से रवाना नहीं हो सकी। पूछताछ कार्यालय पर यात्रियों को बताया जा रहा था कि दोनों ट्रेनें परिवर्तित समय 8.15 पर रवाना होंगी। लेकिन, 8.15 के बाद भी दोनों ट्रेनें प्लेटफार्म पर नहीं लगाई गईं। इस पर यात्रियों में गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने रेलवे की अव्यवस्था पर विरोध जताते हंगामा शुरू कर दिया।
उधर, परिचालन विभाग भी नहीं बता पा रहा था कि गाड़ी कब रवाना होगी। इस करण पूछताछ खिड़की से भी कोई सही जवाब यात्रियों को नहीं मिला। तीन घंटे बाद यात्री पूरा रिफंड देने की मांग करने लगे। मगर, कंप्यूटर पर फीड न किए जाने से कर्मचारियों के लिए ऐसा करना भी संभव नहीं हो पा रहा था। बाद में 9.22 पर इंटरसिटी को प्लेटफार्म सात और 9.45 पर झांसी-बांदा पैसेंजर को प्लेटफार्म एक पर लगाया गया। तब यात्रियों का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद इंटरसिटी 9.54 पर और पैसेंजर 10.13 पर आगे के लिए रवाना हो सकीं। इसी तरह सुबह 7.30 बजे वाली झांसी-आगरा पैसेंजर भी तकनीकी कारणों से 9.22 पर रवाना हो सकी।
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पांच सौ दैनिक यात्री करते हैं सफर
इंटरसिटी एक्सप्रेस में प्रतिदिन 500 से अधिक दैनिक यात्री चिरगांव, मोंठ, उरई और कानपुर के लिए यात्रा करते हैं। ट्रेन के समय से चलने पर दैनिक यात्री अपने काम पर समय पर पहुंच जाते हैं और वापसी में इसी ट्रेन से रात में झांसी आ जाते हैं। ट्रेन जब भी लेट होती है, इसका सीधा असर इन यात्रियों के कामकाज पर पड़ता है।
परीक्षण करने के बाद ट्रेन होती है रवाना
इंटरसिटी और अन्य दो पैसेंजर ट्रेनें तकनीकी कारणों के कारण देरी से रवाना हो सकी। गाड़ी का पूर्ण रूप से परीक्षण करने के बाद ही उसे चलाया जाता है। हालांकि, इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाता है कि ट्रेनें अपने समय से ही रवाना हो सके।
मनोज कुमार सिंह, जन संपर्क अधिकारी
किराया वापसी का नियम
कोई भी ट्रेन अगर तीन घंटे से अधिक लेट हो जाती है तो रेलवे यात्री को पूरा किराया वापस करता है। बुधवार को भी इंटरसिटी के लेट होने पर दो यात्रियों के मांगने पर उनको पूरा किराया वापस किया गया।
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झांसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस सुबह 6.10 पर और झांसी-बांदा पैसेंजर सुबह 7.10 पर रवाना होती हैं। मंगलवार की रात दोनों ट्रेनें तीन से चार घंटे की देरी से झांसी आईं थी। इस वजह से ट्रेन समय से रवाना नहीं हो सकी। पूछताछ कार्यालय पर यात्रियों को बताया जा रहा था कि दोनों ट्रेनें परिवर्तित समय 8.15 पर रवाना होंगी। लेकिन, 8.15 के बाद भी दोनों ट्रेनें प्लेटफार्म पर नहीं लगाई गईं। इस पर यात्रियों में गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने रेलवे की अव्यवस्था पर विरोध जताते हंगामा शुरू कर दिया।
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उधर, परिचालन विभाग भी नहीं बता पा रहा था कि गाड़ी कब रवाना होगी। इस करण पूछताछ खिड़की से भी कोई सही जवाब यात्रियों को नहीं मिला। तीन घंटे बाद यात्री पूरा रिफंड देने की मांग करने लगे। मगर, कंप्यूटर पर फीड न किए जाने से कर्मचारियों के लिए ऐसा करना भी संभव नहीं हो पा रहा था। बाद में 9.22 पर इंटरसिटी को प्लेटफार्म सात और 9.45 पर झांसी-बांदा पैसेंजर को प्लेटफार्म एक पर लगाया गया। तब यात्रियों का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद इंटरसिटी 9.54 पर और पैसेंजर 10.13 पर आगे के लिए रवाना हो सकीं। इसी तरह सुबह 7.30 बजे वाली झांसी-आगरा पैसेंजर भी तकनीकी कारणों से 9.22 पर रवाना हो सकी।
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पांच सौ दैनिक यात्री करते हैं सफर
इंटरसिटी एक्सप्रेस में प्रतिदिन 500 से अधिक दैनिक यात्री चिरगांव, मोंठ, उरई और कानपुर के लिए यात्रा करते हैं। ट्रेन के समय से चलने पर दैनिक यात्री अपने काम पर समय पर पहुंच जाते हैं और वापसी में इसी ट्रेन से रात में झांसी आ जाते हैं। ट्रेन जब भी लेट होती है, इसका सीधा असर इन यात्रियों के कामकाज पर पड़ता है।
परीक्षण करने के बाद ट्रेन होती है रवाना
इंटरसिटी और अन्य दो पैसेंजर ट्रेनें तकनीकी कारणों के कारण देरी से रवाना हो सकी। गाड़ी का पूर्ण रूप से परीक्षण करने के बाद ही उसे चलाया जाता है। हालांकि, इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाता है कि ट्रेनें अपने समय से ही रवाना हो सके।
मनोज कुमार सिंह, जन संपर्क अधिकारी
किराया वापसी का नियम
कोई भी ट्रेन अगर तीन घंटे से अधिक लेट हो जाती है तो रेलवे यात्री को पूरा किराया वापस करता है। बुधवार को भी इंटरसिटी के लेट होने पर दो यात्रियों के मांगने पर उनको पूरा किराया वापस किया गया।