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एक और चुनौती: गलाघोंटू के संक्रमण की आशंका, मंगवाई गई 4.43 लाख वैक्सीन

Sat, 01 Aug 2020 01:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2020 01:33 AM IST
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infection afraid
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झांसी। गाय-भैंस में होने वाली जानलेवा बीमारी गलाघोंटू के फैलने की आशंका है। यह बीमारी इसी बारिश के दौरान जानवरों में तेजी से फैलती है। संक्रमण की आशंका को देखते हुए जनपद में 4.43 लाख वैक्सीन मंगवाई गई हैं।
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हैमरेजिक सेप्टिकसीमिया नामक बैक्टीरियल संक्रमण के चलते गाय-भैंस गलाघोंटू नामक बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। संक्रमण के बाद पशुओं की श्वांस नलिका जाम हो जाती है और वह सांस नहीं ले पाते। थोड़ी देर में ही इनकी मौत हो जाती है। अमूमन यह बीमारी बरसात के दौरान सर्वाधिक पांव पसारती है। पशुचिकित्सकों के मुताबिक पशुओं में यह संक्रामक से फैलता है। यह सर्वाधिक खतरनाक बीमारी होती है। अच्छा-खासा तंदुरूस्त मवेशी भी इसकी चपेट में आने से चौबीस घंटे के भीतर मर जाता है। मौत दम घुटने से होती है। चपेट में आने के बाद उनका बचना बेहद मुश्किल हो जाता है, ऐसे में बचाव के लिए बरसात के दौरान ही वैक्सीन लगवाए जाते हैं। संक्रमण की आशंका को देखते हुए झांसी में कुल 4.43 लाख वैक्सीन मंगवाई गई है। पशुचिकित्सकों के मुताबिक इसी माह से व्यापक अभियान चलाकर वैक्सिनेशन कराया जाएगा। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी के मुताबिक झांसी में इस रोग का अधिक प्रकोप अभी तक यहां देखने को नहीं मिला है।
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लॉकडाउन के चलते टला मुंहपका-खुरपका का वैक्सीनेशन
गाय एवं भैंस के मुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुंहपका एवं खुरपका के चपेट में आने की आशंका भी सर्वाधिक बरसात के महीनों में होती है। इससे बचाव के लिए भी वैक्सीनेशन कराया जाता है। यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष जुलाई माह में शुरू हो जाता है लेकिन, इस बार लॉकडाउन के चलते करीब एक माह पिछड़ चुका है। बता दें, पशुओं में यह बीमारी संक्रामक होती है। एक साथ चारा खाने, पानी पीने से आसपास के पशुओं में फैल जाती है हालांकि यह बीमारी अधिक जानलेवा नहीं होती लेकिन, इसकी चपेट में आने से मवेशी की पूरी ताकत खत्म हो जाती है। उसे ठीक होने में कम से कम चार महीने लग जाते हैं। तब तक दुुुुुुुुुग्ध उत्पादन क्षमता भी खत्म हो जाती है। इससे बचाव के लिए प्रत्येक वर्ष केंद्र सरकार टीके उपलब्ध करवाती है। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ.वाईके तोमर के मुताबिक यहां कुल 5.66 लाख टीके भेजे गए हैं। यह टीके सभी ब्लॉक स्तर के पशु चिकित्सलयों को उपलब्ध करा दिया गया है। केंद्र सरकार की ओर से वैक्सीनेशन की तिथि तय होने के बाद इसका अभियान शुरू किया जाएगा।
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