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Jhansi News: मार्च में 51 अपराधियों को न्यायालय से दिलाई सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। मार्च में 51 अपराधियों को न्यायालय से सजा दिलाई गई। यह जानकारी जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने विकास भवन सभागार में अभियोजन समिति की बैठक में वादों के निस्तारण के संबंधित प्रकरणों की समीक्षा में दिए। उन्होंने उपस्थित शासकीय अधिवक्ताओं से एक-एक वाद के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए प्रभावी पैरवी कर निस्तारण कराने के निर्देश दिए।उन्होंने शासकीय अधिवक्ताओं से कहा कि पैरवी और अधिक संवेदनशील होकर की जाए ताकि अपराधी को उसके अपराध की सजा दिलाई जा सके। उन्होंने या जनपद या दूसरे न्यायालयों में लंबित वादों को सूचीबद्ध करते हुए अधिक से अधिक वादों का निस्तारण कराने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि जो वाद बहस के योग्य हों, उसमें प्रभावी बहस तथा जिसमें बहस हो चुकी हो उसमें कार्यवाही करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने वादों के निस्तारण में गवाहों की उपस्थिति सौ फीसदी हो ताकि अधिक से अधिक वादों में अभियुक्तों को सजा दिलाना सुनिश्चित किया जा सके। जिलाधिकारी ने अभियोजन अधिकारियों एवं शासकीय अधिवक्ताओं से कहा कि गैंगस्टर, महिलाओं और बच्चों से संबंधित आपराधिक मामलों का निर्धारित समयावधि के अंतर्गत निस्तारण कराया जाना सुनिश्चित करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरुण कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक अभियोजन देशराज सिंह, विजय सिंह कुशवाहा डीजीसी, मृदुलकांत श्रीवास्तव डीजीसी आदि रहे।
झांसी। मार्च में 51 अपराधियों को न्यायालय से सजा दिलाई गई। यह जानकारी जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने विकास भवन सभागार में अभियोजन समिति की बैठक में वादों के निस्तारण के संबंधित प्रकरणों की समीक्षा में दिए। उन्होंने उपस्थित शासकीय अधिवक्ताओं से एक-एक वाद के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए प्रभावी पैरवी कर निस्तारण कराने के निर्देश दिए।उन्होंने शासकीय अधिवक्ताओं से कहा कि पैरवी और अधिक संवेदनशील होकर की जाए ताकि अपराधी को उसके अपराध की सजा दिलाई जा सके। उन्होंने या जनपद या दूसरे न्यायालयों में लंबित वादों को सूचीबद्ध करते हुए अधिक से अधिक वादों का निस्तारण कराने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि जो वाद बहस के योग्य हों, उसमें प्रभावी बहस तथा जिसमें बहस हो चुकी हो उसमें कार्यवाही करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने वादों के निस्तारण में गवाहों की उपस्थिति सौ फीसदी हो ताकि अधिक से अधिक वादों में अभियुक्तों को सजा दिलाना सुनिश्चित किया जा सके। जिलाधिकारी ने अभियोजन अधिकारियों एवं शासकीय अधिवक्ताओं से कहा कि गैंगस्टर, महिलाओं और बच्चों से संबंधित आपराधिक मामलों का निर्धारित समयावधि के अंतर्गत निस्तारण कराया जाना सुनिश्चित करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरुण कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक अभियोजन देशराज सिंह, विजय सिंह कुशवाहा डीजीसी, मृदुलकांत श्रीवास्तव डीजीसी आदि रहे।