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57 साल में पचास फीसदी घट गई माताटीला बांध की क्षमता

Tue, 10 Aug 2021 12:45 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 10 Aug 2021 12:45 AM IST
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in 57 years 50 % capecity loss the matatila  dam
57 साल में पचास फीसदी घट गई माताटीला बांध की क्षमता
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झांसी। पिछले पांच दशक से बांध के अंदर लगातार सिल्ट जमने से माताटीला बांध की क्षमता करीब पचास फीसदी घट गई है। सिल्ट के लगातार जमने से इस जलाशय की क्षमता भी लगातार घटती जा रही है जबकि यही बांध झांसी के लोगों की न सिर्फ प्यास बुझाता है बल्कि सिंचाई के लिए किसानों को भी पानी मुहैया कराता है।
पानी भंडारण के लिए झांसी मंडल में राजघाट के बाद माताटीला सबसे बड़ा डैम है। वर्ष 1952 में इस बांध का निर्माण शुरू हुआ। करीब दस वर्ष लगातार निर्माण चलने के बाद 1962 में निर्माण पूरा हुआ। वर्ष 1964 में पहली बार बांध पूरी क्षमता के साथ भरा गया। सिंचाई अभियंताओं के मुताबिक बांध की पूर्ण क्षमता (ग्रास स्टोरेज कैपसिटी) 1132.61 एमसीएम थी लेकिन, यह क्षमता घटकर अब 641.06 एमसीएम ही बची। बांध को 308.46 मीटर ऊंचाई तक भरा जाता है लेकिन, सौ मीटर से अधिक नीचे गाद भरी हुई है। नीचे से यह बांध लगातार सिल्टेड होता जा रहा है।
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इस बांध की मदद से बेतवा नदी में हर साल बेकार बह जाने वाले हजारों क्यूसेक पानी का इस्तेमाल शुरू हो गया लेकिन, नदी के साथ भारी मात्रा में बहकर आने वाली गाद इसकी सेहत धीरे-धीरे खराब करने लगी। पिछले पांच दशक से लगातार बांध के नीचे गाद जम रही है। इससे बांध का जलस्तर लगातार कम होता जा रहा है। गाद की वजह से 491.55 क्यूसेक पानी स्टोर नहीं हो पाता। इस पानी को बेतवा में बहना पड़ता है। सिंचाई अभियंताओं का कहना है मौजूदा समय में बांध की क्षमता इससे भी कम हो चुकी है। वहीं, बांध से सिल्ट निकलना भी आसान नहीं है। करीब बारह किलो मीटर लंबे बांध से निकली सिल्ट को निस्तारित करना ही सबसे अधिक खर्चीला होगा। अभियंताओं का कहना है बांध सफाई में करीब 350 क्यूबिक प्रति मीटर की दर से रकम खर्च होगी। इस हिसाब से जितनी रकम खर्च होगी, उससे नया बांध बनाया जा सकता है।
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बांध में सिल्ट आना स्वाभाविक प्रक्रिया है। बांध की डिजाइन इसके मुताबिक ही बनाई जाती है। पचास साल से अधिक पुराना बांध हो जाने की वजह से इसकी क्षमता पहले के मुकाबले कम हो गई है। इसकी सिल्ट सफाई कराना भी बेहद खर्चीला है हालांकि अभी जरूरत के मुताबिक यह काम कर रहा है।
मो. फरीद, अधिशासी अभियंता, माताटीला बांध
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