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रेलवे : दस की जगह छह घंटे में ही मंडल पार कर रही मालगाड़ियां
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improve railway traffic in lockdown
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झांसी। कोरोना महामारी में मालगाड़ियों की चाल में बेहद सुधार हुआ है। पहले मालगाड़ी को बीना से धौलपुर के बीच 300 किलोमीटर की दूरी तय करने में 10 घंटे का वक्त लग जाता था, जो अब सिर्फ छह घंटे लग रहा है। जिन ट्रैक पर विद्युतीकरण नहीं था। वह काम भी पूरा कर लिया गया है। इससे इंजन बदलने की समस्या भी नहीं रही।
कोरोना महामारी के चलते 23 मार्च से ट्रेनों का संचालन बंद चल रहा है। अभी झांसी रेल मंडल से अप और डाउन की चार स्पेशल राजधानी और 28 एक्सप्रेस ट्रेनें गुजर रहीं हैं। बाकी मालगाड़ियों का संचालन हो रहा है। पहले झांसी रेल मंडल में प्रवेश करने वाली प्रत्येक मालगाड़ी औसत 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गुजर पाती थी। ऐसे में एक मालगाड़ी को मंडल से गुजरने में दस घंटे से अधिक वक्त लग जाता था, लेकिन अभी मालगाड़ियों की गति में काफी सुधार हुआ है। मालगाड़ियों की औसत गति 30 से बढ़कर 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई है। साथ ही इस अवधि में बिड़ला नगर से इटावा के बीच 115 किलोमीटर व महोबा से उदयपुरा (वाया खजुराहो) के बीच 386 किलोमीटर खंड में विद्युतीकरण का काम पूरा किया गया। इससे अब मंडल के किसी भी ट्रैक पर इलेक्ट्रिक से डीजल इंजन बदलने की जरूरत नहीं रही।
माल लोडिंग के नए अवसर तलाश रहा रेलवे
रेल मंडल ने मालभाड़ा बढ़ाने के लिए बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट का गठन किया है। इस यूनिट की मदद से माल लोडिंग (मालगाड़ी से अधिक से अधिक माल भेजना) के नए अवसरों की तलाश शुरू की गई है। इसमें दतिया, डबरा, ललितपुर और रायरू स्टेशन को चुना गया है। इन स्टेशनों से देश के चिह्नित स्टेशनों तक सीधा माल भेजने का काम होगा।
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कोरोना महामारी के चलते 23 मार्च से ट्रेनों का संचालन बंद चल रहा है। अभी झांसी रेल मंडल से अप और डाउन की चार स्पेशल राजधानी और 28 एक्सप्रेस ट्रेनें गुजर रहीं हैं। बाकी मालगाड़ियों का संचालन हो रहा है। पहले झांसी रेल मंडल में प्रवेश करने वाली प्रत्येक मालगाड़ी औसत 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गुजर पाती थी। ऐसे में एक मालगाड़ी को मंडल से गुजरने में दस घंटे से अधिक वक्त लग जाता था, लेकिन अभी मालगाड़ियों की गति में काफी सुधार हुआ है। मालगाड़ियों की औसत गति 30 से बढ़कर 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई है। साथ ही इस अवधि में बिड़ला नगर से इटावा के बीच 115 किलोमीटर व महोबा से उदयपुरा (वाया खजुराहो) के बीच 386 किलोमीटर खंड में विद्युतीकरण का काम पूरा किया गया। इससे अब मंडल के किसी भी ट्रैक पर इलेक्ट्रिक से डीजल इंजन बदलने की जरूरत नहीं रही।
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माल लोडिंग के नए अवसर तलाश रहा रेलवे
रेल मंडल ने मालभाड़ा बढ़ाने के लिए बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट का गठन किया है। इस यूनिट की मदद से माल लोडिंग (मालगाड़ी से अधिक से अधिक माल भेजना) के नए अवसरों की तलाश शुरू की गई है। इसमें दतिया, डबरा, ललितपुर और रायरू स्टेशन को चुना गया है। इन स्टेशनों से देश के चिह्नित स्टेशनों तक सीधा माल भेजने का काम होगा।
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