फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   illegal mining

प्रशासन को मुंह चिढ़ा रहे

Thu, 22 Oct 2015 01:01 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Thu, 22 Oct 2015 01:01 AM IST
विज्ञापन
झांसी। पुलिस की ढिलाई के चलते हाईकोर्ट से लेकर जिला प्रशासन तक के आदेश हवा में हैं। बीच चौराहों पर खड़े अवैध खनन से भरे वाहन प्रशासन को मुंह चिढ़ाते रहते हैं। इन वाहनों को अनदेखा कर अधिकारी उसी रास्ते से गुजर जाते हैं। इससे खनन कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के आदेश हैं कि प्रदेश में कहीं पर भी नदी का अवैध कटाव नहीं होना चाहिए। खनन कर बालू का संग्रह और अवैध बिक्री नहीं होनी चाहिए। इस आदेश के जारी होते ही जनपद की पुलिस सक्रिय हुई। अवैध खनन से भरे वाहनों को जब्त किया गया। कुछ दिन बाद पुलिस ने ढिलाई बरतनी शुरू कर दी और अब हालात पहले जैसे हो गए हैं। यह हालात तब हैं जब जिलाधिकारी कई बार अवैध खनन के वाहनों को पकड़कर कार्रवाई करवा चुके हैं।
विज्ञापन


विगत दो माह से पुलिस पूरी तरह से मूकदर्शक बनी हुई है। सुबह से शाम तक कानपुर चुंगी, लक्ष्मी ताल गेट, बड़ागांव, कोछाभांवर, हंसारी, आजाद नगर, नगरा हाट का मैदान, मुरारी नगर आदि स्थानों पर अवैध खनन से लदे वाहन खड़े रहते हैं। यही नहीं, इन स्थानों पर कई कारोबारियों ने बालू का अवैध संग्रह भी कर रखा है, जो फुटकर में बिक्री करते हैं। गुलारा चिरगांव, रामनगर और मध्यप्रदेश से सटे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर कृषि में प्रयुक्त होने वाले वाहन अवैध खनन को ढोने में लगे हैं, मगर पुलिस मूकदर्शक बनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कानपुर चुंगी और लक्ष्मी ताल गेट तो ऐसे स्थान हैं, जहां से अधिकांश अधिकारियों को आवागमन लगा रहता है, मगर उनको अवैध खनन से भरे वाहन नजर नहीं आते। इस संबंध में एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे का कहना है कि वैध और अवैध का निर्धारण करना खनन विभाग और जिला प्रशासन का काम है। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वह समन्वय बनाकर कार्रवाई करे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed