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बेसमेंट में मरीज भर्ती मिले तो होगा लाइसेंस निरस्त
amarujala
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:36 AM IST
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- फोटो : demo
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अब बेसमेंट में मरीजों को भर्ती करना नर्सिंग होम को महंगा पड़ सकता है। ऐसा पाए जाने पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। जांच के दौरान शहर के एक नर्सिंग होम के बेसमेंट में मरीज भर्ती करने की शिकायत सीएमओ ने सीएमओ से की गई। इस पर सीएमओ ने कमेटी गठित कर कार्रवाई करने की बात कही है।
अमर उजाला के अभियान चलाने के बाद फायर बिग्रेड विभाग द्वारा नर्सिंग होमो की जांच करने के दौरान तमाम कमियां सामने आ रही हैं। कई अस्पतालों के यहां एक्सपायर हो चुके अग्निशमन यंत्र टंगे हुए हैं, तो कइयों के यहां पाइप लाइन की कोई व्यवस्था नहीं है। बीते शनिवार को फायर ब्रिगेड विभाग की टीम ने शहर के कई अस्पतालों की जांच की थी। इस दौरान तमाम कमियां मिली थीं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) महावीर सिंह ने बताया कि जब वह टीम के साथ जांच के लिए शंकर हॉस्पिटल पहुंचे, तो वहां बेसमेंट में भी कई मरीज भर्ती थे। जो कि नियम विरुद्ध है। बेसमेंट का इस्तेमाल पार्किंग के लिए होना चाहिए। उन्होंने वीडियो फुटेज भी बनाई है। सीएफओ ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर बेसमेंट में मरीज भर्ती कर इलाज करने की शिकायत की है। शंकर हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में पुताई होने के कारण मरीजों को बेसमेंट में शिफ्ट किया गया था। अब उन्हें ऊपरी मंजिल में भर्ती कर लिया गया है।
सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह ने कहा कि सीएफओ का पत्र मिल गया है। जांच के लिए कमेटी का गठन किया जा रहा है, जो नर्सिंग होम में जाकर पड़ताल करेगी। यदि बेसमेंट में मरीज भर्ती मिलते हैं तो सीधे अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
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नहीं हो पाई जांच
सोमवार को अग्निशमन विभाग की आग बुझाने वाली तीन गाड़ियां मढिया मोहल्ला मंदिर, शिक्षामित्रों के प्रदर्शन, मरकजी मस्जिद के पास खड़ी थीं। सीएफओ ने बताया कि विभागीय कर्मचारी भी गाड़ियों में तैनात रहे। ऐसे में सोमवार को अस्पतालों की जांच नहीं हो सकी। अब मंगलवार को फिर जांच की जाएगी।
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अब बेसमेंट में मरीजों को भर्ती करना नर्सिंग होम को महंगा पड़ सकता है। ऐसा पाए जाने पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। जांच के दौरान शहर के एक नर्सिंग होम के बेसमेंट में मरीज भर्ती करने की शिकायत सीएमओ ने सीएमओ से की गई। इस पर सीएमओ ने कमेटी गठित कर कार्रवाई करने की बात कही है।
अमर उजाला के अभियान चलाने के बाद फायर बिग्रेड विभाग द्वारा नर्सिंग होमो की जांच करने के दौरान तमाम कमियां सामने आ रही हैं। कई अस्पतालों के यहां एक्सपायर हो चुके अग्निशमन यंत्र टंगे हुए हैं, तो कइयों के यहां पाइप लाइन की कोई व्यवस्था नहीं है। बीते शनिवार को फायर ब्रिगेड विभाग की टीम ने शहर के कई अस्पतालों की जांच की थी। इस दौरान तमाम कमियां मिली थीं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) महावीर सिंह ने बताया कि जब वह टीम के साथ जांच के लिए शंकर हॉस्पिटल पहुंचे, तो वहां बेसमेंट में भी कई मरीज भर्ती थे। जो कि नियम विरुद्ध है। बेसमेंट का इस्तेमाल पार्किंग के लिए होना चाहिए। उन्होंने वीडियो फुटेज भी बनाई है। सीएफओ ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर बेसमेंट में मरीज भर्ती कर इलाज करने की शिकायत की है। शंकर हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में पुताई होने के कारण मरीजों को बेसमेंट में शिफ्ट किया गया था। अब उन्हें ऊपरी मंजिल में भर्ती कर लिया गया है।
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सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह ने कहा कि सीएफओ का पत्र मिल गया है। जांच के लिए कमेटी का गठन किया जा रहा है, जो नर्सिंग होम में जाकर पड़ताल करेगी। यदि बेसमेंट में मरीज भर्ती मिलते हैं तो सीधे अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
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नहीं हो पाई जांच
सोमवार को अग्निशमन विभाग की आग बुझाने वाली तीन गाड़ियां मढिया मोहल्ला मंदिर, शिक्षामित्रों के प्रदर्शन, मरकजी मस्जिद के पास खड़ी थीं। सीएफओ ने बताया कि विभागीय कर्मचारी भी गाड़ियों में तैनात रहे। ऐसे में सोमवार को अस्पतालों की जांच नहीं हो सकी। अब मंगलवार को फिर जांच की जाएगी।