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आईसीसीसी: तीन महीने संचालन करती रहेगी कंपनी, चार कंपनियां भी आगे आईं

Tue, 30 Jun 2026 02:33 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Tue, 30 Jun 2026 02:33 AM IST
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ICCC: The company will continue operations for three months, four companies also came forward
झांसी। स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत बने इंटीग्रेटिड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का संचालन कर रही कंपनी का कार्यकाल नगर निगम ने तीन महीने और बढ़ा दिया गया है। दूसरी तरफ, संचालन का जिम्मा संभालने के लिए चार कंपनियां भी आगे आई हैं। जल्द ही इन कंपनियों के साथ बैठक करने के बाद अधिकारी निविदा निकालेंगे।
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नगर निगम परिसर में वर्ष 2022 में आईसीसीसी बनकर तैयार हुआ था। इसके निर्माण और रखरखाव पर करीब 180 करोड़ रुपये व्यय आया। अभी इससे 100 से अधिक सर्विलांस कैमरे लगाए गए हैं, जिसको पुलिस विभाग द्वारा नगर में हो रही घटनाओं को सुलझाने के लिए आईसीसीसी द्वारा प्राप्त किया जाता है। कैमरों के अतिरिक्त नगर में इंटेलीजेंस ट्रैफिक कंट्रोल मैनेजमेंट सिस्टम के अंतर्गत भी 34 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे नगर में भ्रमण कर रहे वाहनों की जानकारी संग्रहीत हो जाती है। आईसीसीसी परियोजना के अलावा सेफ सिटी मिशन के तहत नगर के कार्यालयों, संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, पार्कों, परियोजना स्थलों आदि में लगे 3070 सीसीटीवी कैमरों को भी आईसीसीसी से जोड़ा गया है। इसके संचालन का जिम्मा संभाल रही कंपनी का कार्यकाल 30 जून को पूरा हो रहा है। नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने बताया कि कंपनी का कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है। इसके अलावा चार कंपनियों ने संचालन में रुचि दिखाई है। वह मूल्यांकन कर रही हैं। इसके बाद प्रस्ताव निवेदन प्राप्त करके निविदा निकाली जाएगी।
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हर साल आठ करोड़ खर्च, आय में नहीं मिलता हिस्सा
इसके संचालन में हर साल करीब आठ करोड़ रुपये खर्च आता है। ऐसे में नगर निगम पर काफी भार पड़ता है। दूसरी तरफ, आईसीसीसी की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी के आधार पर ही यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा चालान काटे जाते हैं। अब तक यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर यातायात विभाग ने 10 करोड़ और परिवहन विभाग की ओर से सात करोड़ से अधिक के चालान काटे जा चुके हैं लेकिन नगर निगम को आय का कुछ भी हिस्सा नहीं मिलता।
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