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कैसे बनेगा मकान... महंगा हो गया निर्माण का सामान
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झांसी। पिछले पांच माह के दरम्यान भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में आई बेतहाशा तेजी की वजह से मकान बनाना अब और भी महंगा हो गया है। खासतौर पर सरिया और सीमेंट के दाम आसमान छू रहे हैं। इससे जिनके मकान निर्माणाधीन हैं, उनका बजट गड़बड़ा गया है। इसके अलावा जो अपने भवन की नींव रखने की तैयारी में हैं, वे भी परेशानी में हैं।
जमीन की कीमतें तो पहले ही आसमान पर हैं। महानगर में नई बस रहीं बस्तियों में भी 1500 से 2000 रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से जमीन के दाम वसूले जा रहे हैं। जबकि, पॉश कॉलोनियों में 4000-5000 रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से जमीन मिल रही है। वहीं, पिछले पांच महीनों के दरम्यान भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में भी खासी उछाल आया है। इससे आम आदमी का अपने घर का सपना और भी महंगा हो गया है। भवन निर्माण में सबसे ज्यादा प्रयोग सरिया, सीमेंट और ईंट का होता है। इन तीनों सामग्रियों की त्योरियों चढ़ी हुईं हैं। सीमेंट का प्रति बैग 30 रुपये तक महंगा हो गया है, जबकि टीएमटी सरिया की कीमत प्रति कुंतल 1500 रुपये तक बढ़ गई है। प्रति हजार ईंट पर भी 300 रुपये बढ़ गए हैं।
मिस्त्री, मजदूरों ने बढ़ाया पारिश्रमिक
झांसी। भवन निर्माण की रीढ़ उसे बनाने वाले राजमिस्त्री और श्रमिक होते हैं। महंगाई के दौर में इन्होंने भी अपना मेहनताना बढ़ा दिया है। 350 रुपये प्रतिदिन मजदूरी लेने वाले श्रमिक अब 500 रुपये वसूल रहे हैं। राजमिस्त्री ने अपना रोजाना का पारिश्रमिक 500 से बढ़ाकर 650-700 रुपये कर दिया है।
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मुनाफा निकालना हुआ मुश्किल
झांसी। भवन निर्माण का काम करने वाले ठेकेदारों के लिए अपना मुनाफा निकालना तक मुश्किल हो गया है। कारोबारी नभ शर्मा ने बताया कि भवन निर्माण की दरें पहले ही तय हो जाती हैं। सामग्री की कीमत बढ़ने पर हम भवन स्वामी से तय से ज्यादा नहीं वसूल सकते हैं। नुकसान हमें ही झेलना पड़ता है। इं. अंकित राय ने कहा कि कोरोना काल के बाद दीपावली पर निर्माण कार्यों ने तेजी पकड़ी थी। कारोबार चल पड़ा था। लेकिन, भवन निर्माण सामग्री की कीमतें यूं ही बढ़ती रहीं तो कारोबार एक बार फिर मंदी की चपेट में आ जाएगा।
इस तरह बढ़े दाम...
सामग्री पांच माह पहले अब
सरिया 5500 रुपये प्रति कुंतल 7000 रुपये प्रति कुंतल
सीमेेंट 295-300 रुपये प्रति बैग 320-325 रुपये प्रति बैग
ईंट एक नंबर 6200 रुपये प्रति हजार 6500 रुपये प्रति हजार
गिट्टी 475 रुपये प्रति टन 500 रुपये प्रति टन
बालू 25 रुपये क्यूविक फुट 30 रुपये क्यूविक फुट
मांग में तेजी आई तो बढ़े दाम
झांसी। सरिया विक्रेता अमित अग्रवाल ने बताया कि कोरोना काल में निर्माण कार्य ठप हो गए थे, जिनमें पिछले पांच-छह महीने से तेजी आई है। ऐसे में भाव में अत्यधिक तेजी आ गई है। बाजार में अभी मांग तो अच्छी बनी हुई है। लेकिन, यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में मांग घट सकती है। बालू-ईंट विक्रेता जितेंद्र यादव ने कहा कि कोरोना काल में भवन निर्माण से जुड़े कारोबार ने लंबा झटका झेला है। जैसे-तैसे काम पटरी पर आया है। लेकिन, कीमतों में तेजी से विक्रेता व ग्राहक सभी परेशान हैं।
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जमीन की कीमतें तो पहले ही आसमान पर हैं। महानगर में नई बस रहीं बस्तियों में भी 1500 से 2000 रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से जमीन के दाम वसूले जा रहे हैं। जबकि, पॉश कॉलोनियों में 4000-5000 रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से जमीन मिल रही है। वहीं, पिछले पांच महीनों के दरम्यान भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में भी खासी उछाल आया है। इससे आम आदमी का अपने घर का सपना और भी महंगा हो गया है। भवन निर्माण में सबसे ज्यादा प्रयोग सरिया, सीमेंट और ईंट का होता है। इन तीनों सामग्रियों की त्योरियों चढ़ी हुईं हैं। सीमेंट का प्रति बैग 30 रुपये तक महंगा हो गया है, जबकि टीएमटी सरिया की कीमत प्रति कुंतल 1500 रुपये तक बढ़ गई है। प्रति हजार ईंट पर भी 300 रुपये बढ़ गए हैं।
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मिस्त्री, मजदूरों ने बढ़ाया पारिश्रमिक
झांसी। भवन निर्माण की रीढ़ उसे बनाने वाले राजमिस्त्री और श्रमिक होते हैं। महंगाई के दौर में इन्होंने भी अपना मेहनताना बढ़ा दिया है। 350 रुपये प्रतिदिन मजदूरी लेने वाले श्रमिक अब 500 रुपये वसूल रहे हैं। राजमिस्त्री ने अपना रोजाना का पारिश्रमिक 500 से बढ़ाकर 650-700 रुपये कर दिया है।
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मुनाफा निकालना हुआ मुश्किल
झांसी। भवन निर्माण का काम करने वाले ठेकेदारों के लिए अपना मुनाफा निकालना तक मुश्किल हो गया है। कारोबारी नभ शर्मा ने बताया कि भवन निर्माण की दरें पहले ही तय हो जाती हैं। सामग्री की कीमत बढ़ने पर हम भवन स्वामी से तय से ज्यादा नहीं वसूल सकते हैं। नुकसान हमें ही झेलना पड़ता है। इं. अंकित राय ने कहा कि कोरोना काल के बाद दीपावली पर निर्माण कार्यों ने तेजी पकड़ी थी। कारोबार चल पड़ा था। लेकिन, भवन निर्माण सामग्री की कीमतें यूं ही बढ़ती रहीं तो कारोबार एक बार फिर मंदी की चपेट में आ जाएगा।
इस तरह बढ़े दाम...
सामग्री पांच माह पहले अब
सरिया 5500 रुपये प्रति कुंतल 7000 रुपये प्रति कुंतल
सीमेेंट 295-300 रुपये प्रति बैग 320-325 रुपये प्रति बैग
ईंट एक नंबर 6200 रुपये प्रति हजार 6500 रुपये प्रति हजार
गिट्टी 475 रुपये प्रति टन 500 रुपये प्रति टन
बालू 25 रुपये क्यूविक फुट 30 रुपये क्यूविक फुट
मांग में तेजी आई तो बढ़े दाम
झांसी। सरिया विक्रेता अमित अग्रवाल ने बताया कि कोरोना काल में निर्माण कार्य ठप हो गए थे, जिनमें पिछले पांच-छह महीने से तेजी आई है। ऐसे में भाव में अत्यधिक तेजी आ गई है। बाजार में अभी मांग तो अच्छी बनी हुई है। लेकिन, यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में मांग घट सकती है। बालू-ईंट विक्रेता जितेंद्र यादव ने कहा कि कोरोना काल में भवन निर्माण से जुड़े कारोबार ने लंबा झटका झेला है। जैसे-तैसे काम पटरी पर आया है। लेकिन, कीमतों में तेजी से विक्रेता व ग्राहक सभी परेशान हैं।