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४६ डिग्री पर टीन शेड़ के नीचे बैठकर पढ़ रहे बच्चे

Wed, 18 May 2022 12:42 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 18 May 2022 12:42 AM IST
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Hey, God Is this study or punishment... Children studying under tinshed in 46 degree temperature
झांसी। इस भीषण गर्मी में जहां कमरे के अंदर पंखे, कूलर और एसी तक राहत नहीं दे रहे हैं, वहां खुशीपुरा में एक प्राथमिक स्कूल के बच्चे 46 डिग्री सेल्सियस तापमान में टिनशेड के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं बगल में ही स्थित किचन में बनने वाले मध्याह्न भोजन के चलते आग की तपिश बच्चों को रोज बेहाल कर रही है। झुलसती गर्मी में पसीना बहाते इन बच्चों को देखकर कोई भी कह सकता है कि बच्चे पढ़ाई के नाम पर सजा भुगत रहे हैं।
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खुशीपुरा में संचालित प्राथमिक विद्यालय (कन्या) दो कमरों में संचालित हो रहा है। इसकी छत टिनशेड की है। स्कूल में छात्रांकन 70 है, स्कूल के बाहर एक हैंडपंप है। वैसे तो स्कूल का एक ही कमरा था, जिसको आगे से दो हिस्सों में बांट दिया गया, पीछे की तरफ स्कूल में किचन है, इसमें बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन बनता है। ऐसी ही व्यवस्था में ये बच्चे रोज टिनशेड के नीचे बैठकर पढ़ते हैं।
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इस चिलचिलाती गर्मी में जब बच्चे सुबह स्कूल आते हैं तो एक घंटे बाद ही सूरज उनके सिर पर होता है, ऐसे में कुछ ही देर में टिनशेड तवे की तपने लगता है। कमरे में लगे दो पंखे भी गर्म हवा देने लगते हैं। स्थिति भयावह तब होती है जब बगल में ही किचन में खाना बनता है। यकीन मानिए 10 बजते-बजते बच्चों की ड्रेस पसीने से लथपथ हो जाती है। पसीना टप-टप करके कॉपी-किताबों पर गिरने लगता है।
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वहीं पूर्व पार्षद सुरेश चंद्र गोपी ने बताया कि पिछले दिनों तो यह टिनशेड भी आधा ही था, धूप बच्चों को तपा देती थी। कुछ लोगों की मदद से उन्होंने पूरा टिनशेड करवाया। स्कूल के बच्चों को वहां से दूसरे किसी स्कूल में स्थानांतरित करने के लिए भी प्रयास कर रहे हैं।
तप रही जमीन पर पट्टी बिछाकर पढ़ना मजबूरी
झांसी। खुशीपुरा के प्राथमिक विद्यालय कन्या में बच्चों के बैठने के लिए सीट तक नहीं है। तपती जमीन पर बच्चे पट्टी बिछाकर पढ़ते हैं। इन बच्चों की स्थिति को देखकर लगता ही नहीं कि वे झांसी महानगर के प्राथमिक स्कूल में पढ़ रहे हैं। इन स्थितियों में छुट्टी होते ही बच्चे जैसे-तैसे तुरंत बाहर भागते हैं तब जाकर उन्हें कुछ सुकून मिलता है। बच्चे बताते हैं कि कमरे में बहुत ज्यादा गर्मी लगती है। बार-बार पसीना पोछना पड़ता है।

70 बच्चों को पढ़ा रही एक शिक्षिका
झांसी। इस स्कूल की हालत बस देखते ही बनती है। यहां 70 बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ एक शिक्षिका है। स्कूल कक्षा 1 से 5 तक संचालित है। शिक्षिका ने बताया कि स्कूल के बच्चों को दूसरे स्कूल में स्थानांतरित करने के लिए कई प्रयास किए गए। शिक्षिका ने बताया कि स्कूल पिछले महीने ही बीएसए यहां निरीक्षण करके गए थे। उन्हाेंने आश्वासन दिया है जल्द ही इसको दूसरे स्कूल में स्थानांतरित करेंगे।
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