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ग्वालियर रोड पर बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
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झांसी। स्मार्ट सिटी लिमिटेड बोर्ड ने मंगलवार को 137 करोड़ों के नए कामों को मंजूरी दे दी। इसके जरिए ग्वालियर रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। इसके अलावा सॉलिड वेस्ट के लिए अत्याधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट, मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण, मेजर ध्यानचंद इंडियन हॉकी म्यूजियम का निर्माण जैसे काम होंगे। मंडलायुक्त ने इनके डीपीआर जल्द तैयार कराने के निर्देश दिए हैं।
कमिश्नरी सभागार में मंगलवार को मंडलायुक्त डा.अजय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में 19वीं बोर्ड बैठक हुई। बैठक के दौरान निरस्त हो चुके कार्यो की जगह नए शामिल किए जाने वाले कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। बोर्ड ने सर्वसम्मति से ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग पर एलीवेटेड कॉरिडोर स्थापना को मंजूरी दी। तय हुआ कि यह कार्य सेतु निगम से कराया जाएगा। स्मार्ट सिटी से धनराशि खर्च की जाएगी। रेलवे से सहमति समेत अन्य औपचारिकताएं भी सेतु निगम पूरी करेगा। बोर्ड ने कूड़ा निस्तारण के लिए अत्याधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट भी मंजूर कर दिया। हीरोज ग्राउंड में मेजर ध्यानचंद इंडियन हॉकी म्यूजियम के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई। मल्टीलेवल पार्किंग पर सैद्धांतिक सहमति जताते हुए स्थान तलाश करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने ओपन ड्रेन फ्री सिटी पर खास जोर दिया। कहा, इसके जरिए प्रत्येक नाला-नाली को ढका जाए। उसे ग्रीन बेल्ट की तरह विकसित किया जाए। एबीडी इलाके में यह काम स्मार्ट सिटी और उसके बाहर नगर निगम एवं जेडीए यह काम कराए जाएं। कंसल्टेंट कंपनी ने कुछ कार्यों की लागत पहले के मुकाबले बढ़ाने पर नाराजगी जताते हुए अल्टीमेटम दिया।
नगर आयुक्त एवं बोर्ड सीईओ अवनीश राय ने अभी तक पूरे हुए कार्यों के बारे में जानकारी दी। बैठक में जिलाधिकारी आंद्रा वामसी, एसएसपी शिवहरि मीणा, जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश दीक्षित, अपर नगर आयुक्त शादाब असलम, टीम लीडर मानविंदर सिंह समेत अन्य उपस्थित रहे।
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स्मार्ट सिटी के कार्यों की धीमी प्रगति से मंडलायुक्त खफा
स्मार्ट सिटी के कार्यों में लेटलतीफी पर मंडलायुक्त डॉ. अजय शंकर पांडेय ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने के साथ ही स्मार्ट सिटी के प्रत्येक प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए अलग से नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए। बता दें, अभी तक सिर्फ आठ कार्य ही पूरे किए जा सके हैं। तमाम अहम कार्य अभी तक पूरे नहीं हो सके। इस वजह से स्मार्ट सिटी की रैकिंग में झांसी 53वें नंबर पर चल रहा है। नगर निगम स्मार्ट सिटी मिशन के लिए मिली रकम भी खर्च नहीं कर पाया जबकि वह चार वर्ष पहले इस योजना में चुना गया था।
मरीजों की अब बनेगी ई-प्रोफाइलिंग
मरीजों की अब ई-प्रोफाइलिंग बनाई जाएगी। इसकी शुरूआत जिला अस्पताल के मरीजों के साथ की जाएगी। स्मार्ट सिटी के जरिए यह कार्य कराया जाएगा। बोर्ड ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। मंडलायुक्त ने बताया कि मरीजों की ई-प्रोफालिंग कराई जाएगी। इसके जरिए जब मरीज पहली बार एडमिट होगा तब उसकी एक आईडी बनाई जाएगी। वह मरीज जब दोबारा इलाज के लिए आएगा तब उसकी आईडी के माध्यम से उसकी प्रोफाइल खुल जाएगी। उसके बीमारी एवं उपचार संबंधी जानकारी आसानी से मिल जाएगी।
एक जुलाई से दूर हों कमांड सेंटर की गड़बड़ियां
मंडलायुक्त ने एक जुलाई से पहले कमांड सेंटर की सभी गड़बड़ियां दूर कर लेने के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त ने विद्युत, जल संस्थान, ट्रैफिक एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को वहां बैठने के निर्देश दिए हैं। उन्हें यहां की खामियां दुरुस्त करानी होगी। उन्होंने यहां न बैठने वाले अधिकारियों का अगले माह का वेतन भी रोकने के निर्देश दिए हैं।
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कमिश्नरी सभागार में मंगलवार को मंडलायुक्त डा.अजय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में 19वीं बोर्ड बैठक हुई। बैठक के दौरान निरस्त हो चुके कार्यो की जगह नए शामिल किए जाने वाले कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। बोर्ड ने सर्वसम्मति से ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग पर एलीवेटेड कॉरिडोर स्थापना को मंजूरी दी। तय हुआ कि यह कार्य सेतु निगम से कराया जाएगा। स्मार्ट सिटी से धनराशि खर्च की जाएगी। रेलवे से सहमति समेत अन्य औपचारिकताएं भी सेतु निगम पूरी करेगा। बोर्ड ने कूड़ा निस्तारण के लिए अत्याधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट भी मंजूर कर दिया। हीरोज ग्राउंड में मेजर ध्यानचंद इंडियन हॉकी म्यूजियम के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई। मल्टीलेवल पार्किंग पर सैद्धांतिक सहमति जताते हुए स्थान तलाश करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने ओपन ड्रेन फ्री सिटी पर खास जोर दिया। कहा, इसके जरिए प्रत्येक नाला-नाली को ढका जाए। उसे ग्रीन बेल्ट की तरह विकसित किया जाए। एबीडी इलाके में यह काम स्मार्ट सिटी और उसके बाहर नगर निगम एवं जेडीए यह काम कराए जाएं। कंसल्टेंट कंपनी ने कुछ कार्यों की लागत पहले के मुकाबले बढ़ाने पर नाराजगी जताते हुए अल्टीमेटम दिया।
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नगर आयुक्त एवं बोर्ड सीईओ अवनीश राय ने अभी तक पूरे हुए कार्यों के बारे में जानकारी दी। बैठक में जिलाधिकारी आंद्रा वामसी, एसएसपी शिवहरि मीणा, जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश दीक्षित, अपर नगर आयुक्त शादाब असलम, टीम लीडर मानविंदर सिंह समेत अन्य उपस्थित रहे।
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स्मार्ट सिटी के कार्यों की धीमी प्रगति से मंडलायुक्त खफा
स्मार्ट सिटी के कार्यों में लेटलतीफी पर मंडलायुक्त डॉ. अजय शंकर पांडेय ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने के साथ ही स्मार्ट सिटी के प्रत्येक प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए अलग से नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए। बता दें, अभी तक सिर्फ आठ कार्य ही पूरे किए जा सके हैं। तमाम अहम कार्य अभी तक पूरे नहीं हो सके। इस वजह से स्मार्ट सिटी की रैकिंग में झांसी 53वें नंबर पर चल रहा है। नगर निगम स्मार्ट सिटी मिशन के लिए मिली रकम भी खर्च नहीं कर पाया जबकि वह चार वर्ष पहले इस योजना में चुना गया था।
मरीजों की अब बनेगी ई-प्रोफाइलिंग
मरीजों की अब ई-प्रोफाइलिंग बनाई जाएगी। इसकी शुरूआत जिला अस्पताल के मरीजों के साथ की जाएगी। स्मार्ट सिटी के जरिए यह कार्य कराया जाएगा। बोर्ड ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। मंडलायुक्त ने बताया कि मरीजों की ई-प्रोफालिंग कराई जाएगी। इसके जरिए जब मरीज पहली बार एडमिट होगा तब उसकी एक आईडी बनाई जाएगी। वह मरीज जब दोबारा इलाज के लिए आएगा तब उसकी आईडी के माध्यम से उसकी प्रोफाइल खुल जाएगी। उसके बीमारी एवं उपचार संबंधी जानकारी आसानी से मिल जाएगी।
एक जुलाई से दूर हों कमांड सेंटर की गड़बड़ियां
मंडलायुक्त ने एक जुलाई से पहले कमांड सेंटर की सभी गड़बड़ियां दूर कर लेने के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त ने विद्युत, जल संस्थान, ट्रैफिक एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को वहां बैठने के निर्देश दिए हैं। उन्हें यहां की खामियां दुरुस्त करानी होगी। उन्होंने यहां न बैठने वाले अधिकारियों का अगले माह का वेतन भी रोकने के निर्देश दिए हैं।