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ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज बेहद जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Aug 2016 01:19 AM IST
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over bridge
- फोटो : demo
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सुनील सुल्लेरे
झांसी। ग्वालियर रोड क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए रेलवे तैयार है। इसका प्रस्ताव प्रदेश शासन को भिजवा दिया गया है, लेकिन अभी तक वहां से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण मामला अटका है। ओवरब्रिज निर्माण में 5.99 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गौरतलब है कि इस क्रासिंग से 24 घंटे के भीतर मालगाड़ियों सहित 70 ट्रेनें गुजरती हैं और लगभग 14 घंटे क्रासिंग बंद रहती है।
ग्वालियर रोड क्रासिंग पर वाहनों के बढ़ते लोड के कारण ओवरब्रिज की जरूरत महसूस की गई। इसका प्रस्ताव रेलवे ने बनाया और प्रदेश सरकार को भिजवा दिया लेकिन स्वीकृति नहीं मिलने के कारण बात आगे नहीं बढ़ सकी। इस रेल लाइन पर अप और डाउन की 25- 25 ट्रेनें चलती हैं। इसके अलावा साप्ताहिक ट्रेनें और मालगाड़ियां मिलाकर ट्रेनों की संख्या 70 हो जाती है। एक ट्रेन के रेलवे क्रासिंग से गुजरने पर कम से कम दस मिनट के लिए गेट बंद हो जाता है, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। रेलवे फाटक खुलने के बाद सभी वाहनों के निकलने में दस-पंद्रह मिनट खराब हो जाते हैं। यह सिलसिला दिन भर चलता है। खासकर स्कूलों और आफिस आनेजाने वाले परेशान हो जाते हैं। इस रेलवे क्रासिंग पर गड्ढे और जलभराव भी बाधक है।
ये रही सर्वे रिपोर्ट
शासन को भेजे गए प्रस्ताव के साथ रेलवे का ट्रैफिक ट्रेन व्हीकल यूनिट का सर्वे भी शामिल किया गया। रेलवे हर तीन साल के अंतराल में रेलवे क्रासिंग से गुजरने वाले वाहनों का सर्वे कराता है। 24 घंटे में रेलवे क्रासिंग से कितने वाहन गुजरे (पैदल यात्री को छोड़कर), यहां तक कि साइकिल सवार को भी सर्वे में जोड़ा जाता है। प्रस्ताव में सर्वे का हवाला देते हुए बताया गया कि अभी इस क्रासिंग से महीने में 1.75 लाख वाहन गुजरते हैं।
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और भी भेजे गए प्रस्ताव
उप्र सेतु निगम ने चिरगांव- नंदखास के बीच रेलवे क्रासिंग नंबर 135 पर ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन ठंडे बस्ते में है। दरअसल इस ओवरब्रिज के दायरे में नहर आ रही है और ओवरब्रिज बनाने के लिए नहर से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। झांसी- कानपुर रेलवे लाइन की क्रासिंग नंबर 150 पर मोंठ से समथर मार्ग के लिए ओवरब्रिज का प्रस्ताव भेजा गया है। यह प्रस्ताव 2.88 करोड़ रुपए का है। झांसी- ओरछा मार्ग पर रेलवे क्रासिंग नंबर 368 और झांसी- ललितपुर मार्ग पर रेलवे क्रासिंग नंबर 369 पर ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग पर बढ़ते लोड के मद्देनजर ओवरब्रिज की बेहद आवश्यकता है। रेलवे तैयार है और इसका प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भिजवा दिया गया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही इस फाइल को आगे बढ़ाएंगे।
एस.के.अग्रवाल
मंडल रेल प्रबंधक
मैं इस संबंध में राज्य सरकार से बात करूंगी। पांच दिन पहले रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा झांसी आए थे। तब मैंने ओवरब्रिज बनाने के लिए उन्हें ज्ञापन दिया था। उन्होंने मंडल रेल प्रबंधक को इस मामले में कार्यवाही के लिए कहा था। उम्मीद है कि इस पर जल्द ही निर्णय होगा।
रमा आरपी निरंजन
एमएलसी (समाजवादी पार्टी)
ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। ग्वालियर रोड पर ओवरब्रिज की जरूरत है। पहले चार लेन का प्रस्ताव था, लेकिन अब संशोधित कर दो लेन का कर दिया गया है।
- डी पी त्रिपाठी
प्रोजेक्ट मैनेजर
उप्र राज्य सेतु निगम
ग्वालियर रेलवे क्रासिंग बार - बार बंद होने से लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए पिछले दिनों जब मुख्यमंत्री यहां आए थे तो उन्हें ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाने को ज्ञापन दिया था।
- महापौर
किरण राजू बुकसेलर
ये होगा फायदा
-लोगों का समय बचेगा
-अब वाहन नहीं फंसेंगे
-वक्त पर गंतव्य पर पहुंचेंगे
-ट्रैफिक जाम से मुक्ति
-दो लेन पुल से सुविधा
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झांसी। ग्वालियर रोड क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए रेलवे तैयार है। इसका प्रस्ताव प्रदेश शासन को भिजवा दिया गया है, लेकिन अभी तक वहां से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण मामला अटका है। ओवरब्रिज निर्माण में 5.99 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गौरतलब है कि इस क्रासिंग से 24 घंटे के भीतर मालगाड़ियों सहित 70 ट्रेनें गुजरती हैं और लगभग 14 घंटे क्रासिंग बंद रहती है।
ग्वालियर रोड क्रासिंग पर वाहनों के बढ़ते लोड के कारण ओवरब्रिज की जरूरत महसूस की गई। इसका प्रस्ताव रेलवे ने बनाया और प्रदेश सरकार को भिजवा दिया लेकिन स्वीकृति नहीं मिलने के कारण बात आगे नहीं बढ़ सकी। इस रेल लाइन पर अप और डाउन की 25- 25 ट्रेनें चलती हैं। इसके अलावा साप्ताहिक ट्रेनें और मालगाड़ियां मिलाकर ट्रेनों की संख्या 70 हो जाती है। एक ट्रेन के रेलवे क्रासिंग से गुजरने पर कम से कम दस मिनट के लिए गेट बंद हो जाता है, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। रेलवे फाटक खुलने के बाद सभी वाहनों के निकलने में दस-पंद्रह मिनट खराब हो जाते हैं। यह सिलसिला दिन भर चलता है। खासकर स्कूलों और आफिस आनेजाने वाले परेशान हो जाते हैं। इस रेलवे क्रासिंग पर गड्ढे और जलभराव भी बाधक है।
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ये रही सर्वे रिपोर्ट
शासन को भेजे गए प्रस्ताव के साथ रेलवे का ट्रैफिक ट्रेन व्हीकल यूनिट का सर्वे भी शामिल किया गया। रेलवे हर तीन साल के अंतराल में रेलवे क्रासिंग से गुजरने वाले वाहनों का सर्वे कराता है। 24 घंटे में रेलवे क्रासिंग से कितने वाहन गुजरे (पैदल यात्री को छोड़कर), यहां तक कि साइकिल सवार को भी सर्वे में जोड़ा जाता है। प्रस्ताव में सर्वे का हवाला देते हुए बताया गया कि अभी इस क्रासिंग से महीने में 1.75 लाख वाहन गुजरते हैं।
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और भी भेजे गए प्रस्ताव
उप्र सेतु निगम ने चिरगांव- नंदखास के बीच रेलवे क्रासिंग नंबर 135 पर ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन ठंडे बस्ते में है। दरअसल इस ओवरब्रिज के दायरे में नहर आ रही है और ओवरब्रिज बनाने के लिए नहर से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। झांसी- कानपुर रेलवे लाइन की क्रासिंग नंबर 150 पर मोंठ से समथर मार्ग के लिए ओवरब्रिज का प्रस्ताव भेजा गया है। यह प्रस्ताव 2.88 करोड़ रुपए का है। झांसी- ओरछा मार्ग पर रेलवे क्रासिंग नंबर 368 और झांसी- ललितपुर मार्ग पर रेलवे क्रासिंग नंबर 369 पर ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग पर बढ़ते लोड के मद्देनजर ओवरब्रिज की बेहद आवश्यकता है। रेलवे तैयार है और इसका प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भिजवा दिया गया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही इस फाइल को आगे बढ़ाएंगे।
एस.के.अग्रवाल
मंडल रेल प्रबंधक
मैं इस संबंध में राज्य सरकार से बात करूंगी। पांच दिन पहले रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा झांसी आए थे। तब मैंने ओवरब्रिज बनाने के लिए उन्हें ज्ञापन दिया था। उन्होंने मंडल रेल प्रबंधक को इस मामले में कार्यवाही के लिए कहा था। उम्मीद है कि इस पर जल्द ही निर्णय होगा।
रमा आरपी निरंजन
एमएलसी (समाजवादी पार्टी)
ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। ग्वालियर रोड पर ओवरब्रिज की जरूरत है। पहले चार लेन का प्रस्ताव था, लेकिन अब संशोधित कर दो लेन का कर दिया गया है।
- डी पी त्रिपाठी
प्रोजेक्ट मैनेजर
उप्र राज्य सेतु निगम
ग्वालियर रेलवे क्रासिंग बार - बार बंद होने से लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए पिछले दिनों जब मुख्यमंत्री यहां आए थे तो उन्हें ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाने को ज्ञापन दिया था।
- महापौर
किरण राजू बुकसेलर
ये होगा फायदा
-लोगों का समय बचेगा
-अब वाहन नहीं फंसेंगे
-वक्त पर गंतव्य पर पहुंचेंगे
-ट्रैफिक जाम से मुक्ति
-दो लेन पुल से सुविधा