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गुरुद्वारों में मांगी देश की खुशहाली
Mon, 15 Apr 2019 01:14 AM IST
देवेंद्र कुमार
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Mon, 15 Apr 2019 01:14 AM IST
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gurudwara jhansi
- फोटो : amarujala
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रविवार को महानगर के गुरुद्वारों में खालसा पंथ का स्थापना दिवस बैसाखी का पर्व धूमधाम और भक्ति भाव से मनाया गया। गुरुद्वारों में गुरुवाणी का कीर्तन हुआ। श्रद्धालुओं ने गुरु दरबार में मत्था टेका और देश की खुशहाली व सुख समृद्धि की कामना की। वहीं लंगर में प्रसाद छका।
श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा सीपरी में भाई रागी जसप्रीत सिंह और उनके साथियों ने गुरु वाणी का कीर्तन किया। कथाकार गुरुबख्श सिंह कंवल करनाल वाले ने कहा कि हिंदू धर्म की रक्षा के लिए श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की। पांच शिष्यों को अमृतपान कराया। इसके बाद उनसे स्वयं अमृत छका। इस मौके पर मुख्य ग्रंथी महेंद्र सिंह रंधावा ने भी कथा सुनाई। इसके बाद हुए गुरु के अटूट लंगर में लोगों ने प्रसाद छका। इस अवसर पर दिलबाग सिंह भुसारी, आईपी सिंह मल्होत्रा, बलवीर सिंह, एचएस नंदा, जेएस सब्बरवाल आदि मौजूद रहे।
इधर, गुरुद्वारा झोकनबाग में निशान साहिब का चोला बदला गया। गुरुवाणी का कीर्तन व पाठ रागी जत्था भाई अजीत सिंह व बलवीर सिंह ने किया। गुुरुद्वारा क मेटी के अध्यक्ष सर्वजीत सिंह कोहली ने इस अवसर पर कहा कि बैसाखी पर्व पर श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की और सिखों को अमृतपान कराया। देश व हिंदू धर्म की रक्षा के लिए सिख समाज को अलग पहचान दी। इस अवसर पर राजेंद्र सिंह चावला, जीएस सलूजा, हरचरण सिंह, सतनाम सिंह काके, रवनीत सिंह कोहली आदि मौजूद रहे। वहीं गुरु के लंगर में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद छका। इसके अलावा झोकनबाग में छोले व पुलाव के प्रसाद का वितरण हुआ।
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श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा सीपरी में भाई रागी जसप्रीत सिंह और उनके साथियों ने गुरु वाणी का कीर्तन किया। कथाकार गुरुबख्श सिंह कंवल करनाल वाले ने कहा कि हिंदू धर्म की रक्षा के लिए श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की। पांच शिष्यों को अमृतपान कराया। इसके बाद उनसे स्वयं अमृत छका। इस मौके पर मुख्य ग्रंथी महेंद्र सिंह रंधावा ने भी कथा सुनाई। इसके बाद हुए गुरु के अटूट लंगर में लोगों ने प्रसाद छका। इस अवसर पर दिलबाग सिंह भुसारी, आईपी सिंह मल्होत्रा, बलवीर सिंह, एचएस नंदा, जेएस सब्बरवाल आदि मौजूद रहे।
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इधर, गुरुद्वारा झोकनबाग में निशान साहिब का चोला बदला गया। गुरुवाणी का कीर्तन व पाठ रागी जत्था भाई अजीत सिंह व बलवीर सिंह ने किया। गुुरुद्वारा क मेटी के अध्यक्ष सर्वजीत सिंह कोहली ने इस अवसर पर कहा कि बैसाखी पर्व पर श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की और सिखों को अमृतपान कराया। देश व हिंदू धर्म की रक्षा के लिए सिख समाज को अलग पहचान दी। इस अवसर पर राजेंद्र सिंह चावला, जीएस सलूजा, हरचरण सिंह, सतनाम सिंह काके, रवनीत सिंह कोहली आदि मौजूद रहे। वहीं गुरु के लंगर में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद छका। इसके अलावा झोकनबाग में छोले व पुलाव के प्रसाद का वितरण हुआ।
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