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सरकार ने शादी विवाह योजना से पीछे खींच हाथ, बजट देने से किया इंकार

Wed, 20 Jul 2022 12:51 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jul 2022 12:51 AM IST
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Government pulled back from marriage marriage scheme, refuses to give budget
झांसी। आर्थिक कमजोर वर्ग को शादी में मदद के लिए बीस हजार रुपये नकद की शादी-अनुदान योजना से सरकार ने गुपचुप तरीके से हाथ पीछे खींच लिए। सरकार ने मूल बजट में पिछड़े वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत कोई प्रावधान न होने की बात कहते हुए बजट देने से साफ मना कर दिया। सरकार के इस दांव से शादी-अनुदान की राह देख रहे हजारों लोगों को करारा झटका लगा है।
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बसपा सरकार के कार्यकाल के दौरान बीपीएल श्रेणी के व्यक्तियों को पुत्रियों की शादी में बीस हजार रुपये की नकद मदद करने के लिए शादी अनुदान योजना आरंभ हुई थी। यह योजना इस वर्ग में जल्द लोकप्रिय हो गई। कर्ज लेने के बजाए इस पैसे की मदद से विवाह करने में काफी हद तक मदद मिल जाती थी। यहां तक कि मुख्यमंत्री सामूहिक योजना के बजाए अधिकांश लाभार्थी इसी योजना की इंतजार करते थे। पिछले वर्ष झांसी में कुल 1101 लाभार्थियों ने इस योजना का लाभ लिया। इस समय भी 900 से अधिक लोग आवेदन कर चुके लेकिन पिछले सप्ताह अनु सचिव ने पिछड़ा वर्ग कल्याण के निदेशक को भेजे पत्र में 2022-23 के अंतर्गत पिछड़े वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों के शादी के लिए आर्थिक सहायता संबंधी कोई प्रावधान न होने की बात कहते हुए पूर्व में जारी 5 करोड़ का बजट वापस करने को कहा है। इस पत्र के आते ही पिछड़ा वर्ग विभाग में खलबली मच गई। अधिकारियों का कहना है ऐसे में अब इस वर्ष इस योजना का लाभ नहीं दिया जा सकेगा। जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी आरडी यादव का कहना है अभी बजट जारी नहीं हुआ है।
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अभी तक खुला हुआ है पोर्टल
एक तरफ सरकार इस योजना के तहत किसी बजट के प्रावधान न होने की बात कह रही वहीं, इसके अंतर्गत पंजीकरण के लिए पोर्टल मंगलवार को भी खुला रहा। पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए आवेदक को न्यूनतम छह सौ रुपये तक खर्च करना पड़ता है। अभी तक इस वित्तीय वर्ष में पोर्टल पर कुल 900 आवेदकों ने पंजीकरण कराया हुआ है। यह पोर्टल बंद नहीं किया गया।
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