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वाणिज्यकर कर्मियों की चल- अचल संपत्तियों का ब्योरा तलब
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शासन ने वाणिज्य कर कर्मियों की संपत्ति का मांगा ब्योरा
झांसी। शासन ने वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों के साथ ही तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की चल-अचल संपत्तियों का पूरा ब्योरा मांगा है। इसके लिए विभाग ने कर्मचारियों को अपनी कमाई से जुटाई गई संपत्तियों का ब्योरा मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी सेवा नियमावली में सभी श्रेणी के कर्मचारियों को प्रत्येक पांच साल में अर्जित चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। लेकिन कई विभाग इसका पालन नहीं करते हैं। इसलिए शासन ने सभी जोन के एडिशनल ज्वाइंट कमिश्नरों और अपर निदेशक प्रशिक्षण को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा एकत्रित करके मुख्यालय भिजवाएं। वाणिज्यकर आयुक्त ने इस नियम का सख्ती से पालन कराने की पहल कर सभी को संपत्तियों का ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कर्मचारियों से वित्तीय वर्ष 2021-22 से संबंधित संपत्तियों की जानकारी देने को कहा गया है।
विभाग के अफसरों के साथ ही तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को अर्जित संपत्तियों का ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए मुख्यालय की ओर से एक प्रारूप भी भेजा गया। उसी प्रारूप में ब्योरा देना है। प्रारूप में स्वयं के नाम के अलावा पत्नी, बच्चों और सगे रिश्तदारों के नाम की संपत्तियों का विवरण भरना होगा। आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों के अलावा पैतृक संपत्तियों की जानकारी भी देनी होगी।
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झांसी। शासन ने वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों के साथ ही तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की चल-अचल संपत्तियों का पूरा ब्योरा मांगा है। इसके लिए विभाग ने कर्मचारियों को अपनी कमाई से जुटाई गई संपत्तियों का ब्योरा मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी सेवा नियमावली में सभी श्रेणी के कर्मचारियों को प्रत्येक पांच साल में अर्जित चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। लेकिन कई विभाग इसका पालन नहीं करते हैं। इसलिए शासन ने सभी जोन के एडिशनल ज्वाइंट कमिश्नरों और अपर निदेशक प्रशिक्षण को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा एकत्रित करके मुख्यालय भिजवाएं। वाणिज्यकर आयुक्त ने इस नियम का सख्ती से पालन कराने की पहल कर सभी को संपत्तियों का ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कर्मचारियों से वित्तीय वर्ष 2021-22 से संबंधित संपत्तियों की जानकारी देने को कहा गया है।
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विभाग के अफसरों के साथ ही तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को अर्जित संपत्तियों का ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए मुख्यालय की ओर से एक प्रारूप भी भेजा गया। उसी प्रारूप में ब्योरा देना है। प्रारूप में स्वयं के नाम के अलावा पत्नी, बच्चों और सगे रिश्तदारों के नाम की संपत्तियों का विवरण भरना होगा। आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों के अलावा पैतृक संपत्तियों की जानकारी भी देनी होगी।
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