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लखनऊ से आई एसटीएफ ने पकड़ा डेढ़ करोड़ का गांजा

Sat, 30 May 2020 12:30 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2020 12:30 AM IST
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ganja theif
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : demo
मऊरानीपुर(झांसी)। लखनऊ से आई एसटीएफ की टीम ने मऊरानीपुर कोतवाली पुलिस के साथ मिलकर डेढ़ करोड़ रुपये का गांजा पकड़ा है। ये गांजा उड़ीसा से ट्रक और डंपर में छुपाकर लाया गया था। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही तस्करी से जुड़े मास्टर माइंड व अन्य लोगों की भी तलाश शुरू कर दी गई है। एसटीएफ को मुखबिर तंत्र से लंबे समय से मऊरानीपुर में बड़े पैमाने पर तस्करी कर गांजा लाने की सूचना मिल रही थी। सटीक सूचना पर लखनऊ से एसटीएफ की टीम ने यहां डेरा डाल लिया था। कोतवाली पुलिस को साथ लेकर बीती रात मऊरानीपुर के खंदियन चौराहे के पास चेकिंग शुरू कर दी गई। तभी वहां से एक ट्रक व डंपर गुजरा। दोनों को रोककर तलाशी की गई तो दोनों वाहनों में से लगभग 10 क्विंटल गांजा बरामद हुआ। डंपर व ट्रक चालकों को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई तो पता चला कि गांजा उड़ीसा से मऊरानीपुर तस्करी करके लाया जा रहा था। पकड़े गए गांजे की बाजारू कीमत लगभग डेढ़ करोड़ बताई जा रही है। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक राहुल मिठास ने बताया कि हिरासत में लिए गए ट्रक और डंपर चालकों से जानकारी मिली है कि गांजा उड़ीसा से मऊरानीपुर तस्करी करके लाया जा रहा था। पकड़े गए गांजे की कीमत बाजार में लगभग डेढ़ करोड़ बताई जा रही है। पकड़े गए लोगों ने अपने नाम संजय कुमार पुत्र कमला प्रसाद निवासी कैलाश नगर रायपुर, छोटेलाल पुत्र कैलाश निवासी देवरिया, विनोद सिंह पुत्र विश्वनाथ सिंह निवासी खजुरिया जनपद गोपालगंज बिहार, शंकर उर्फ विक्रम पुत्र झसकेतन निवासी रुनडी जनपद उड़ीसा बताया है। पुलिस की पूछताछ अभी जारी है। पुलिस को तस्करी के मास्टर माइंड व इस खेल से जुड़े अन्य लोगों की तलाश है।
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ट्रॉली के नीचे था तहखाना
गांजे की तस्करी के लिए तस्करों ने डंपर को अपने ढंग से बनवा रखा था। जी हां, देखने में डंपर की ट्रॉली सामान्य ट्रॉली की तरह नजर आ रही थी, लेकिन उसके नीचे एक अन्य ट्रॉली बनवा रखी थी, जो ऊपर की ट्रॉली के उठने के बाद ही नजर आती है। इसी नीचे वाली तहखानानुमा ट्रॉली में ही गांजा भरा हुआ था। सटीक सूचना के बगैर डंपर में भर कर लाए जा रहे गांजे को पकड़ना किसी के भी आसान नहीं था।
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शहर की गलियों से गांवों तक फैला है जाल
गांजे की तस्करी का जाल शहर की गलियों से लेकर गांव - गांव में फैला हुआ है। इस नेटवर्क का हिस्सा बने लोग थोड़ी - थोड़ी मात्रा में गांजा लाकर शौकीनों तक पहुंचाते हैं। महानगर में ही कई जगह गांजा की बिक्री के लिए जानी जाती हैं। पुलिस की नाक के नीचे ये खेल खेला जाता है। तेजी ये युवा वर्ग भी इसकी चपेट में आ रहा है।
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