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गलवां घाटी के शहीदों की याद में लगाए पौधे एक साल भी जिंदा न रहे

Fri, 02 Jul 2021 01:36 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 02 Jul 2021 01:36 AM IST
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Galwa ghanti saheed remember made panchvati vatika
झांसी। गलवां घाटी के शहीदों की याद में बनाई गई पंचवटी वाटिका एक साल में ही उजड़ गई है। देखरेख के अभाव में पौधे मर गए हैं और तमाम सूखकर बिखर चुके हैं। पिछले साल वाटिका के नाम पर लगाए गए पौधों का हाल देखने की अफसरों को फुसरत तक नहीं है।
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पिछले साल गलवां घाटी में देश के तमाम सैनिक शहीद हुए थे। इन सैनिकों के सम्मान और स्मृति के लिए जगह-जगह लोगोें ने पौधे लगाए। जिला प्रशासन और वन विभाग ने भी शहीदों के सम्मान के लिए बुंदेलखंड विवि के करगुवां स्थित कृषि प्रक्षेत्र पर पंचवटी वाटिका बनाने की कवायद की। यहां पर प्रमुख सचिव और नोडल अधिकारी, जिलाधिकारी समेत तमाम प्रशासनिक अफसरों ने वाटिका बनाने के लिए अशोक, पीपल, बरगद, आंवला, बेल के पौधे लगाए। हालात यह हुए कि पौधों को न तो पानी मिला और न ही उन ध्यान दिया गया। ऐसे में पौधे मर गए हैं। यहां पर तमाम पौधे तो ऐसे हैं, जो कुछ बड़े तो अब उनके पत्ते झड़ चुके हैं। पौधों को सहेजने के लिए ट्री गार्ड तक न लगाए गए। शहीदों के सम्मान को अफसर भी बरकरार न रख सके। पौधे लगाने के बाद कोई इनकी सुध भी नहीं ली गई। ऐसे में पौधरोपण की कवायद दम तोड़ती नजर आ रही है।
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बजट का बड़ा गोलमाल
पौधरोपण अभियान के तहत हर साल जिले में लाखों पौधे लगाए जाते हैं। इन पर बड़ा बजट खर्च किया जाता है। पौधे के लिए गड्ढा खोदने से लेकर उसको लगाने और जियो टैंगिंग के नाम पर भी खूब धनराशि खर्च होती है, लेकिन पौधे एक सप्ताह भी नहीं चलते। ऐसे में पौधरोपण के नाम पर गोलमाल चल रहा है।
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पौधों को सहेजने का काम बुंदेलखंड विवि का था। वहां समय-समय पर जाकर पौधों का हाल देखा भी था। इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता भी हुई थी। प्रक्षेत्र में अक्सर जानवर घुस जाते हैं, जो पौधों को नष्ट कर देते हैं। वहां एक बार फिर निरीक्षण करके दोबारा से पौधे लगवा दिए जाएंगे।

वीके मिश्रा, जिला वन अधिकारी
जमीन पथरीली होने की वजह से कुछ पौधे पनप नहीं पाते हैं। हालांकि फार्म में लगातार पौधों की लगातार देखरेख की जाती है। पानी भी दिया जाता है। इससे फार्म में काफी सुधार हुआ है। जो पौधे सूख गए हैं, उनकी जगह पर दूसरे पौधे लगाए जाएंगे।
डॉ. संतोष पांडेय, प्रभारी कृषि प्रक्षेत्र बुंदेलखंड विवि
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