मेहमानों को हुई असुविधा: टिकट कंफर्म न होने पर टीसी ने फ्रेंच दंपती को ट्रेन से उतारा, युवक ने कहा बुकिंग के समय छिपाई ये बात
परिवार के साथ भारत घूमने आए फ्रेंच दंपती को ओरछा से लौटते समय टिकट कंफर्म न होने से झांसी में ट्रेन से उतार दिया गया। युवक का आरोप है कि टिकट बुकिंग के समय सीट कंफर्म न होने की उसे जानकारी नहीं थी। परिवार झांसी से बेल्लारी जा रहा था।
विस्तार
झांसी में तीन बच्चों के साथ भारत घूमने आया फ्रेंच दंपती टिकट कंफर्म न होने चलते फंस गया। बच्चों समेत दपंती को टीसी ने बर्थ कंफर्म न होने के कारण ट्रेन से उतार दिया। ट्रेन से उतारे जाने से दुखी दपंती बच्चों को लेकर डीआरएम कार्यालय पहुंच गए। यहां उन्होंने अफसरों से गुहार लगाई। रेल अफसरों ने मदद का भरोसा दिलाया लेकिन, दंपती नए टिकट का पैसे देने को राजी नहीं हुआ। शाम को सड़क के रास्ते दंपती आगे निकल गए।
फ्रांस के टूलूज शहर निवासी जी रियजिंग, पत्नी कैमिला व दो पुत्र इथन(9), स्वन (11) एवं पुत्री नीनो (8) के साथ फरवरी महीने में भारत घूमने के लिए यहां आए थे। पिछले तीन महीनों के दौरान वह मुंबई, राजस्थान, बनारस, आगरा होते हुए रविवार को ओरछा पहुंचे। झांसी से उनको कर्नाटक संपर्क क्रांति (गाड़ी संख्या 2650) से बेल्लारी जाना था।
रियजिंग ने विंडो से सेकेंड एसी में (पीएनआर नंबर 2142367552) 13,121 रुपये देकर टिकट बुक कराया। रियजिंग का कहना है कि टिकट बुक कराते समय उनको सीट कंफर्म न होने की बात नहीं बताई गई। टिकट लेकर वह सोमवार दोपहर वीरागंना लक्ष्मीबाई स्टेशन पहुंचे। यहां उनकी वेटिंग टिकट एक से चार तक थी लेकिन टीसी ने सीट कंफर्म न होने की बात कहते हुए उनको भीतर जाने नहीं दिया।
कोच में मौजूद यात्रियों ने फ्रेंच दंपती को जुर्माना के साथ शयनयान श्रेणी में सीट देने की वकालत की लेकिन टीसी राजी नहीं हुआ। मायूस होकर रियजिंग वहां उतर गए। यहां से वह डीआरएम कार्यालय पहुंचे। सीनियर डीसीएम नवीन दीक्षित के पास पहुंचकर समस्या बताई। सीनियर डीसीएम ने टिकट के साथ सीट का भरोसा दिलाया लेकिन, रियजिंग नए टिकट के लिए राजी नहीं हुए। इसके बाद परिवार के साथ वह सड़क के रास्ते आगे निकल गए।