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फॉरेंसिक लैब की हुई शुरूआत, एनडीपीएस व डॉक्यूमेंट जांचें शुरू
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झांसी। राजगढ़ स्थित पीएसी में फॉरेंसिक लैब की शुरूआत हो गई। शुरूआत में एनडीपीएस व डॉक्यूमेंट के मामलों की जांचें शुरू कर दी गई हैं। लैब शुरू होने के बाद अब सबूतों की जांच करने में आसानी होगी। झांसी समेत बुंदेलखंड के सभी जनपदों को इसका लाभ मिलेगा। अन्य महत्वपूर्ण जांचे लैब में अगस्त से होने लगेंगी।
जनवरी 2016 में जिले के राजगढ़ स्थित पीएसी में फॉरेंसिक लैब खोलने का निर्णय लिया था। 35 करोड़ की लागत से बनने वाली लैब का काम 2018 तक पूरा होना था, लेकिन बजट समय से न मिलने के कारण लैब बनने में देरी हुई। पिछले बजट से रुपये मिलने के बाद लैब के काम ने तेजी पकड़ी थी। इस माह लैब में एनडीपीएस व डॉक्यूमेंट सेक्शन शुरू करते हुए जांचें होने लगी हैं। माना जा रहा है कि इन जांचों से बड़े-बड़े मामलों का खुलासा होगा। बताया गया है कि अब तक 250 जांचे हो चुकी हैं। इनकी रिपोर्ट बनाकर पुलिस के साथ-साथ अलग-अलग विभागों को भेजी जा चुकी हैं। लैब के डिप्टी डायरेक्टर भोरी सिंह के अनुसार एनडीपीएस व डॉक्यूमेंट की जांचें करने के बाद रिपोर्ट तैयार कर भेजी जा रही है। अन्य विभागों में जल्द जांचें शुरू होंगी।
एडीपीएस में हुईं दो सौ जांचें
लैब में एनडीपीएस के मामलों में अब तक 200 की जांचें हुई। एनडीपीएस के तहत अफीम, गांजा, चरस, पेट्रोल, डीजल, मोबिऑयल, शराब, बीयर, मिट्टी का तेल आदि की जांचें की जा रही हैं।
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डॉक्यूमेंटस में हुईं पचास जांचें
लैब में डॉक्यूमेंट्स के तहत अब तक 50 जांचें हुई हैं। इनमें फर्जी हस्ताक्षर, जालसाजी, सुसाइड नोट आदि की जांचें की जा रही हैं।
यह होगा फायदा
- पुलिस महकमे को जांच के लिए आगरा व लखनऊ तक दौड़ से बचत
- आसपास के दो दर्जन से ज्यादा जिलों को भी मिलेगा फायदा
- समय के साथ पैसे की भी बचत होगी, जल्द रिपोर्ट से काम आसान
- गुणवत्तापूर्ण जांच के लिए आधुनिक मशीनों पर काम का लाभ
इनको मिलेगा फायदा
वर्तमान में जांचों का विसरा आगरा भेजा जाता है। ऐसे में निर्माण होने के बाद इसका फायदा झांसी के साथ ललितपुर, जालौन, महोबा और हमीरपुर पुलिस को मिलेगा।
जल्द यह होंगी जांचें
- रक्त की जांच
- विसरा की जांच
- बैलेस्टिक जांच
- फिजिक्स, बॉयोलॉजी जांच
- सीरोलॉजी से संबंधित जांच
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जनवरी 2016 में जिले के राजगढ़ स्थित पीएसी में फॉरेंसिक लैब खोलने का निर्णय लिया था। 35 करोड़ की लागत से बनने वाली लैब का काम 2018 तक पूरा होना था, लेकिन बजट समय से न मिलने के कारण लैब बनने में देरी हुई। पिछले बजट से रुपये मिलने के बाद लैब के काम ने तेजी पकड़ी थी। इस माह लैब में एनडीपीएस व डॉक्यूमेंट सेक्शन शुरू करते हुए जांचें होने लगी हैं। माना जा रहा है कि इन जांचों से बड़े-बड़े मामलों का खुलासा होगा। बताया गया है कि अब तक 250 जांचे हो चुकी हैं। इनकी रिपोर्ट बनाकर पुलिस के साथ-साथ अलग-अलग विभागों को भेजी जा चुकी हैं। लैब के डिप्टी डायरेक्टर भोरी सिंह के अनुसार एनडीपीएस व डॉक्यूमेंट की जांचें करने के बाद रिपोर्ट तैयार कर भेजी जा रही है। अन्य विभागों में जल्द जांचें शुरू होंगी।
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एडीपीएस में हुईं दो सौ जांचें
लैब में एनडीपीएस के मामलों में अब तक 200 की जांचें हुई। एनडीपीएस के तहत अफीम, गांजा, चरस, पेट्रोल, डीजल, मोबिऑयल, शराब, बीयर, मिट्टी का तेल आदि की जांचें की जा रही हैं।
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डॉक्यूमेंटस में हुईं पचास जांचें
लैब में डॉक्यूमेंट्स के तहत अब तक 50 जांचें हुई हैं। इनमें फर्जी हस्ताक्षर, जालसाजी, सुसाइड नोट आदि की जांचें की जा रही हैं।
यह होगा फायदा
- पुलिस महकमे को जांच के लिए आगरा व लखनऊ तक दौड़ से बचत
- आसपास के दो दर्जन से ज्यादा जिलों को भी मिलेगा फायदा
- समय के साथ पैसे की भी बचत होगी, जल्द रिपोर्ट से काम आसान
- गुणवत्तापूर्ण जांच के लिए आधुनिक मशीनों पर काम का लाभ
इनको मिलेगा फायदा
वर्तमान में जांचों का विसरा आगरा भेजा जाता है। ऐसे में निर्माण होने के बाद इसका फायदा झांसी के साथ ललितपुर, जालौन, महोबा और हमीरपुर पुलिस को मिलेगा।
जल्द यह होंगी जांचें
- रक्त की जांच
- विसरा की जांच
- बैलेस्टिक जांच
- फिजिक्स, बॉयोलॉजी जांच
- सीरोलॉजी से संबंधित जांच