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1,560 को मिली खाद्य सुरक्षा
ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jan 2016 12:36 AM IST
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झांसी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत आपूर्ति विभाग को 2,665 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इनमें से विभाग द्वारा 1,560 का निस्तारण करते हुए वंचितों को योजना के दायरे में लाया गया। जबकि, अवशेष आपत्तियों का एक सप्ताह में निस्तारण की तैयारी है।
जिले में एक जनवरी से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू कर दिया गया है। इसके तहत पांच जनवरी से सरकारी राशन की दुकानों के माध्यम से पात्रों को दो रुपये किलो गेहूं व तीन रुपये किलो चावल का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। लेकिन, अब भी तमाम पात्र परिवार इस योजना के लाभ से वंचित हैं।
ऐसे लोगों के लिए आपूर्ति विभाग द्वारा राशन की दुकानों पर रजिस्टर रखवाए गए थे, जिनमें अधिनियम से जुड़ी आम जनमानस की शिकायतें दर्ज की गईं। विभाग को रजिस्टरों के माध्यम से 2,665 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 1,560 शिकायतें पात्र होने के बाद भी योजना में शामिल न किए जाने से संबंधित थीं, जिनका विभाग द्वारा निस्तारण कर दिया गया है। संबंधितों को योजना में शामिल कर लिया गया है।
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‘अवशेष शिकायतों का परीक्षण उपरांत एक सप्ताह में निस्तारण कर दिया जाएगा। यह रजिस्टर दुकानों पर उपलब्ध रहेंगे। इनमें लोग अधिनियम से जुड़ी अपनी समस्या /शिकायत दर्ज करा सकते हैं।’
- अशोक कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
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जिले में एक जनवरी से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू कर दिया गया है। इसके तहत पांच जनवरी से सरकारी राशन की दुकानों के माध्यम से पात्रों को दो रुपये किलो गेहूं व तीन रुपये किलो चावल का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। लेकिन, अब भी तमाम पात्र परिवार इस योजना के लाभ से वंचित हैं।
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ऐसे लोगों के लिए आपूर्ति विभाग द्वारा राशन की दुकानों पर रजिस्टर रखवाए गए थे, जिनमें अधिनियम से जुड़ी आम जनमानस की शिकायतें दर्ज की गईं। विभाग को रजिस्टरों के माध्यम से 2,665 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 1,560 शिकायतें पात्र होने के बाद भी योजना में शामिल न किए जाने से संबंधित थीं, जिनका विभाग द्वारा निस्तारण कर दिया गया है। संबंधितों को योजना में शामिल कर लिया गया है।
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‘अवशेष शिकायतों का परीक्षण उपरांत एक सप्ताह में निस्तारण कर दिया जाएगा। यह रजिस्टर दुकानों पर उपलब्ध रहेंगे। इनमें लोग अधिनियम से जुड़ी अपनी समस्या /शिकायत दर्ज करा सकते हैं।’
- अशोक कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी