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पेट्रोल से भरे पांच वैगन पटरी से उतरे
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झांसी। मंगलवार की सुबह झांसी के वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन के यार्ड में एक मालगाड़ी के पेट्रोल से भरे पांच वैगन पटरी से उतर गए, जिससे अप व डाउन ट्रैक पर आवागमन ठप हो गया। आठ घंटे बाद आवागमन बहाल हो पाया। इस कारण रेल प्रशासन को नौ ट्रेनें निरस्त करनी पड़ीं, जबकि चार गाड़ियों को परिवर्तित मार्ग से गुजारा गया। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की जांच के लिए रेल प्रशासन की ओर से पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।
यार्ड से डाउन ट्रैक पर आ रही मालगाड़ी के 52 में से पांच तेल से भरे वैगन सुबह साढ़े पांच बजे एक-एक कर पटरी से उतर गए। पेट्रोल से भरे ये वैगन हापा (जामनगर) से लालपुर (कानपुर) जाने थे। वैगनों के पटरी से उतरने के कारण अप एवं डाउन ट्रैक पर ट्रेनों का आवागमन ठप हो गया। सूचना पर रेल अधिकारी अमले के साथ मौके पर पहुंचे और वैगनों को पटरी पर लाने का काम शुरू कराया। आठ घंटे की मशक्कत के बाद उतरे हुए वैगनों को वापस पटरी पर लाया जा सका। इसके बाद दोपहर साढ़े तीन बजे यातायात पूरी तरह से बहाल हो पाया।
घटना की जांच के लिए मंडल रेल प्रबंधक आशुतोष ने पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है, जिसमें वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (मध्य), वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (कैरिज एंड वैगन), वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (परिचालन), वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर (मेन लाइन) एवं वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी को शामिल किया गया है।
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घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। घटना के तत्काल बाद युद्ध स्तर पर कंटेनरों को वापस पटरी पर लाने का काम शुरू कर दिया गया था। दोपहर साढ़े तीन बजे तक यातायात पूरी तरह से बहाल कर दिया गया था।
- आशुतोष, मंडल रेल प्रबंधक
ये गाड़ियां की गईं निरस्त
झांसी। अप और डाउन ट्रैक का आवागमन ठप होने की वजह से रेल प्रशासन द्वारा नौ गाड़ियां निरस्त की गईं। इनमें गाड़ी संख्या 11807 वीरांगना लक्ष्मीबाई-आगरा, 11808 आगरा-वीरांगना लक्ष्मीबाई, 11902 आगरा-वीरांगना लक्ष्मीबाई, 11901 वीरांगना लक्ष्मीबाई- आगरा, गाड़ी संख्या 01812 वीरांगना लक्ष्मीबाई-ललितपुर, 01820 ललितपुर-बीना, 01819 बीना-ललितपुर, 01811 ललितपुर-वीरांगना लक्ष्मीबाई एवं गाड़ी संख्या 01813 वीरांगना लक्ष्मीबाई-कानपुर को निरस्त किया गया। जबकि, गाड़ी संख्या 11904 इटावा-वीरांगना लक्ष्मीबाई एवं 11903 वीरांगना लक्ष्मीबाई-इटावा आंशिक रूप से निरस्त की गई।
घंटों देरी से चलीं ये गाड़ियां
झांसी। आवागमन ठप होने की वजह से कई गाड़ियां एक से पांच घंटे तक की देरी से चलीं। इनमें कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, समता एक्सप्रेस, खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी, शताब्दी एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-यशवंतनगर, एर्नाकुलम-निजामुद्दीन, निजामुद्दीन-एर्नाकुलम, अमृतसर-कोरबा, निजामुद्दीन-मदुरई, फिरोजपुर पंजाब मेल व निजामुद्दीन-एर्नाकुलम शामिल रहीं।
बदले हुए मार्ग से गुजारी गईं यह गाड़ियां
झांसी। हादसे की वजह से रेल प्रशासन द्वारा चार गाड़ियां बदले हुए मार्ग से गुजारी गईं। गाड़ी संख्या 12625 त्रिवेंद्रम-नई दिल्ली, 00761 रेनिगुंटा-निजामुद्दीन व गाड़ी संख्या 11077 तिरुपति-निजामुद्दीन को महादेवखेड़ी-गुना के रास्ते गुजारा गया। जबकि, 12707 तिरुपति-निजामुद्दीन को महादेवखेड़ी-गुना-कोटा-मथुरा के रास्ते से आगे बढ़ाया गया।
स्टेशन व ट्रेनों में घंटों फंसे रहे यात्री, उठानी पड़ी भारी परेशानी
वैगनों के पटरी से उतरने के कारण गाड़ियां निरस्त किए जाने और बदले मार्ग से गुजारे जाने से यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। स्टेशन पर यात्रियों की सुबह से ही खासी भीड़ जमा रही। ट्रेनों में भी यात्री घंटों फंसे रहे। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए थे, जो शाम तक घनघनाते रहे।
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यार्ड से डाउन ट्रैक पर आ रही मालगाड़ी के 52 में से पांच तेल से भरे वैगन सुबह साढ़े पांच बजे एक-एक कर पटरी से उतर गए। पेट्रोल से भरे ये वैगन हापा (जामनगर) से लालपुर (कानपुर) जाने थे। वैगनों के पटरी से उतरने के कारण अप एवं डाउन ट्रैक पर ट्रेनों का आवागमन ठप हो गया। सूचना पर रेल अधिकारी अमले के साथ मौके पर पहुंचे और वैगनों को पटरी पर लाने का काम शुरू कराया। आठ घंटे की मशक्कत के बाद उतरे हुए वैगनों को वापस पटरी पर लाया जा सका। इसके बाद दोपहर साढ़े तीन बजे यातायात पूरी तरह से बहाल हो पाया।
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घटना की जांच के लिए मंडल रेल प्रबंधक आशुतोष ने पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है, जिसमें वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (मध्य), वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (कैरिज एंड वैगन), वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (परिचालन), वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर (मेन लाइन) एवं वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी को शामिल किया गया है।
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घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। घटना के तत्काल बाद युद्ध स्तर पर कंटेनरों को वापस पटरी पर लाने का काम शुरू कर दिया गया था। दोपहर साढ़े तीन बजे तक यातायात पूरी तरह से बहाल कर दिया गया था।
- आशुतोष, मंडल रेल प्रबंधक
ये गाड़ियां की गईं निरस्त
झांसी। अप और डाउन ट्रैक का आवागमन ठप होने की वजह से रेल प्रशासन द्वारा नौ गाड़ियां निरस्त की गईं। इनमें गाड़ी संख्या 11807 वीरांगना लक्ष्मीबाई-आगरा, 11808 आगरा-वीरांगना लक्ष्मीबाई, 11902 आगरा-वीरांगना लक्ष्मीबाई, 11901 वीरांगना लक्ष्मीबाई- आगरा, गाड़ी संख्या 01812 वीरांगना लक्ष्मीबाई-ललितपुर, 01820 ललितपुर-बीना, 01819 बीना-ललितपुर, 01811 ललितपुर-वीरांगना लक्ष्मीबाई एवं गाड़ी संख्या 01813 वीरांगना लक्ष्मीबाई-कानपुर को निरस्त किया गया। जबकि, गाड़ी संख्या 11904 इटावा-वीरांगना लक्ष्मीबाई एवं 11903 वीरांगना लक्ष्मीबाई-इटावा आंशिक रूप से निरस्त की गई।
घंटों देरी से चलीं ये गाड़ियां
झांसी। आवागमन ठप होने की वजह से कई गाड़ियां एक से पांच घंटे तक की देरी से चलीं। इनमें कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, समता एक्सप्रेस, खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी, शताब्दी एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-यशवंतनगर, एर्नाकुलम-निजामुद्दीन, निजामुद्दीन-एर्नाकुलम, अमृतसर-कोरबा, निजामुद्दीन-मदुरई, फिरोजपुर पंजाब मेल व निजामुद्दीन-एर्नाकुलम शामिल रहीं।
बदले हुए मार्ग से गुजारी गईं यह गाड़ियां
झांसी। हादसे की वजह से रेल प्रशासन द्वारा चार गाड़ियां बदले हुए मार्ग से गुजारी गईं। गाड़ी संख्या 12625 त्रिवेंद्रम-नई दिल्ली, 00761 रेनिगुंटा-निजामुद्दीन व गाड़ी संख्या 11077 तिरुपति-निजामुद्दीन को महादेवखेड़ी-गुना के रास्ते गुजारा गया। जबकि, 12707 तिरुपति-निजामुद्दीन को महादेवखेड़ी-गुना-कोटा-मथुरा के रास्ते से आगे बढ़ाया गया।
स्टेशन व ट्रेनों में घंटों फंसे रहे यात्री, उठानी पड़ी भारी परेशानी
वैगनों के पटरी से उतरने के कारण गाड़ियां निरस्त किए जाने और बदले मार्ग से गुजारे जाने से यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। स्टेशन पर यात्रियों की सुबह से ही खासी भीड़ जमा रही। ट्रेनों में भी यात्री घंटों फंसे रहे। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए थे, जो शाम तक घनघनाते रहे।