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चंद शैतानों ने शुक्रवार को पत्थरवार बनाकर इस्लाम को बदनाम किया
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झांसी। दीनदयाल सभागार में रविवार को हुए भारतीय सद्भावना मंच के आओ जड़ों से जुड़ें-राष्ट्र रक्षा सूत्र कार्यक्रम में संरक्षक इंद्रेश कुमार ने कहा कि चंद शैतानों ने शुक्रवार को पत्थरवार बनाकर इस्लाम को बदनाम किया है। जबकि, इस्लाम कहता है कि दूसरे के दीन की आलोचना नहीं, इज्जत करो। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर प्यार-मुहब्बत होनी चाहिए, झगड़े और हिंसा नहीं।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि हर धर्म की पवित्र पुस्तक वतन से मुहब्बत की सीख देती है। वतन की मुहब्बत ही ईमान है। ईमान ही मोक्ष का रास्ता है। भारत में रहने वाला हर व्यक्ति पहले हिंदुस्तानी है। हिंदू, मुसलमान, सिख या ईसाई बाद में। हमें अपनी गलतफहमियों को दूर कर राष्ट्र सेवा का व्रत लेना चाहिए। आह्वान किया कि अपनी जड़ों से जुड़ें और भारत मां की एक संतान की तरह मिलजुल कर रहें। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों से एक-दूसरे के कार्यक्रमों में भी जाने की अपील की। कहा कि ऐसा करने से प्यार बढ़ाने वाले जीतेंगे और नफरत फैलाने वाले हारेंगे। बोले कि इंसानियत की फसल करनी है। इसके लिए इंसान को बोना है। शैतान बोएंगे तो फसल बिगड़ जाएगी। दंगे-फसाद और खून खराबा होगा। पूजा स्थल टूटेंगे, कत्लेआम होगा।
विशिष्ट अतिथि ऑल इंडिया खानकाह एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सूफी शाह सैय्यद जियारत अली मलंग हक्कानी मदारी ने कहा कि इस्लाम इंसानियत और मुहब्बत का मजहब है। इस्लाम की सूफी और फकीर परंपरा ने प्रेम और भाईचारे का पैगाम दिया है। यही परंपरा ही देश की साझा संस्कृति की विरासत को आगे ले जाने का काम कर रही है। अनूप शिवहरे ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी जड़ों की ओर लौटकर राष्ट्र के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। जिला धर्माचार्य हरिओम पाठक, उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद, भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर कमांडर सोमदेव, हाजी अतीक अहमद, विनोद अग्रवाल, शकील रजा, टीवी अभिनेता आरिफ शहडोली ने भी विचार रखे।
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अतिथियों का स्वागत भारतीय सद्भावना मंच की राष्ट्रीय संयोजिका साध्वी कल्पना अरुंधति ने किया। डॉ. हिना आसिफ ने सरस्वती वंदना, डॉ. मुहम्मद नईम ने राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया। वहीं, कार्यक्रम के अंत में कई मुस्लिम महिलाओं ने इंद्रेश कुमार को रक्षा सूत्र बांधा। इस दौरान केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसके चतुर्वेदी, देवराज चतुर्वेदी, शेख अरशद, हाजी सगीर, हाजी हनीफ, रीना मिश्रा, अमर सिद्ध, एजाज अहमद, डॉ. अजय गुप्ता, सौरभ रावत भांजे, प्रो. प्रतीक अग्रवाल, सुनील रायकवार, एकता अग्रवाल, रजनी गुप्ता, सरदार कमलजीत सिंह, अविनाश आचार्य, काजल कुशवाहा, सतीश अग्रवाल मौजूद रहे।
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इंद्रेश कुमार ने कहा कि हर धर्म की पवित्र पुस्तक वतन से मुहब्बत की सीख देती है। वतन की मुहब्बत ही ईमान है। ईमान ही मोक्ष का रास्ता है। भारत में रहने वाला हर व्यक्ति पहले हिंदुस्तानी है। हिंदू, मुसलमान, सिख या ईसाई बाद में। हमें अपनी गलतफहमियों को दूर कर राष्ट्र सेवा का व्रत लेना चाहिए। आह्वान किया कि अपनी जड़ों से जुड़ें और भारत मां की एक संतान की तरह मिलजुल कर रहें। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों से एक-दूसरे के कार्यक्रमों में भी जाने की अपील की। कहा कि ऐसा करने से प्यार बढ़ाने वाले जीतेंगे और नफरत फैलाने वाले हारेंगे। बोले कि इंसानियत की फसल करनी है। इसके लिए इंसान को बोना है। शैतान बोएंगे तो फसल बिगड़ जाएगी। दंगे-फसाद और खून खराबा होगा। पूजा स्थल टूटेंगे, कत्लेआम होगा।
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विशिष्ट अतिथि ऑल इंडिया खानकाह एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सूफी शाह सैय्यद जियारत अली मलंग हक्कानी मदारी ने कहा कि इस्लाम इंसानियत और मुहब्बत का मजहब है। इस्लाम की सूफी और फकीर परंपरा ने प्रेम और भाईचारे का पैगाम दिया है। यही परंपरा ही देश की साझा संस्कृति की विरासत को आगे ले जाने का काम कर रही है। अनूप शिवहरे ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी जड़ों की ओर लौटकर राष्ट्र के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। जिला धर्माचार्य हरिओम पाठक, उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद, भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर कमांडर सोमदेव, हाजी अतीक अहमद, विनोद अग्रवाल, शकील रजा, टीवी अभिनेता आरिफ शहडोली ने भी विचार रखे।
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अतिथियों का स्वागत भारतीय सद्भावना मंच की राष्ट्रीय संयोजिका साध्वी कल्पना अरुंधति ने किया। डॉ. हिना आसिफ ने सरस्वती वंदना, डॉ. मुहम्मद नईम ने राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया। वहीं, कार्यक्रम के अंत में कई मुस्लिम महिलाओं ने इंद्रेश कुमार को रक्षा सूत्र बांधा। इस दौरान केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसके चतुर्वेदी, देवराज चतुर्वेदी, शेख अरशद, हाजी सगीर, हाजी हनीफ, रीना मिश्रा, अमर सिद्ध, एजाज अहमद, डॉ. अजय गुप्ता, सौरभ रावत भांजे, प्रो. प्रतीक अग्रवाल, सुनील रायकवार, एकता अग्रवाल, रजनी गुप्ता, सरदार कमलजीत सिंह, अविनाश आचार्य, काजल कुशवाहा, सतीश अग्रवाल मौजूद रहे।