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पिता आइसक्रीम बेचते हैं, मैं इंजीनियर बनूंगा
झांसी/ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2015 11:37 PM IST
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प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती, आवश्यकता तो बस उसे तराशने भर की होती है। जी हां, अमर उजाला फाउंडेशन की अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा - 2014 में चयनित होने वाले प्रतिभाशाली छात्र मनीष कुमार वर्मा पर यह बात एकदम फिट बैठती है। बकौल मनीष उक्त परीक्षा में चयन से उन्हें एक नई दिशा मिली है। अब वह दोगुनी ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
आईटीआई के पास रहने वाले मनीष के पिता चरन वर्मा इन दिनों आइसक्रीम बेच रहे हैं और जाड़े के दिनों में मजदूरी करते हैं। मनीष भानी देवी गोयल इंटर कालेज में बारहवीं कक्षा में अध्ययनरत हैं। हाईस्कूल की परीक्षा उन्होंने 88 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। ग्यारहवीं में भी उन्होंने अपनी इस शानदार सफलता को दोहराया। बारहवीं के बाद आईआईटी कर इंजीनियर बनना चाहते हैं। मनीष ने बताया कि अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति - 2014 में चयन होने से उन्हें दो लाभ हुए। पढ़ाई में बनी रहने वाली आर्थिक तंगी दूर हुई। अब वह अपनी शैक्षिक जरूरतों को छात्रवृत्ति में मिली राशि से पूरा कर सकेंगे। दूसरा उक्त परीक्षा में चयन होने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अब उन्हें अपने सपने पूरे करने की राह बेहद आसान नजर आने लगी है। सफलता का यह क्रम वह आगे भी बनाए रखेंगे।
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आईटीआई के पास रहने वाले मनीष के पिता चरन वर्मा इन दिनों आइसक्रीम बेच रहे हैं और जाड़े के दिनों में मजदूरी करते हैं। मनीष भानी देवी गोयल इंटर कालेज में बारहवीं कक्षा में अध्ययनरत हैं। हाईस्कूल की परीक्षा उन्होंने 88 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। ग्यारहवीं में भी उन्होंने अपनी इस शानदार सफलता को दोहराया। बारहवीं के बाद आईआईटी कर इंजीनियर बनना चाहते हैं। मनीष ने बताया कि अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति - 2014 में चयन होने से उन्हें दो लाभ हुए। पढ़ाई में बनी रहने वाली आर्थिक तंगी दूर हुई। अब वह अपनी शैक्षिक जरूरतों को छात्रवृत्ति में मिली राशि से पूरा कर सकेंगे। दूसरा उक्त परीक्षा में चयन होने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अब उन्हें अपने सपने पूरे करने की राह बेहद आसान नजर आने लगी है। सफलता का यह क्रम वह आगे भी बनाए रखेंगे।
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