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प्रधानमंत्री बीमा योजना से किसानों का मोहभंग

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jun 2020 10:49 PM IST
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farmers not satisfied with pm bima yojna
प्रधानमंत्री बीमा योजना से किसानों का मोहभंग - पिछली खरीफ सीजन में घट गए 55 हजार किसान अमर उजाला ब्यूरो झांसी। केेंद्र सरकार की बहु-प्रचारित प्रधानमंत्री बीमा योजना से किसानों का मोहभंग होता दिखाई दे रहा है। योजना आरंभ होने के बाद से किसानों की संख्या लगातार गिरती जा रही है। पिछले खरीफ सीजन में ही 55 हजार किसान कम हो गए। फसल बीमा योजना लागू होने के बाद किसानों की यह अब तक की सबसे कम संख्या रही है। कुदरती वजहों से खराब हुई फसल से किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए वर्ष 2016 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आरंभ हुई। खरीफ एवं रबी की फसल के लिए किसान को अलग-अलग बीमा कराना पड़ता है। शुरूआत में किसानों को योजना लुभावनी नजर आई लेकिन, बीमा कंपनियों के मुआवजा देने में टालमटोल करने से किसानों का भरोसा इससे धीरे-धीरे उठता गया। खरीफ सीजन की ही बात करें तब कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2018 में 2.51 लाख किसानों ने बीमा कराया। लेकिन इसके बाद 2019 में संख्या घटकर 2.05 लाख ही रह गई। इनमें भी महज 900 किसानों ने ही अपनी इच्छा से प्रीमियम जमा किया जबकि शेष संख्या केसीसी किसानों की रही जिनको मजबूरी में प्रीमियम जमा करना पड़ा। यही हाल रबी फसल बीमा का है। वर्ष 2017 में रबी की फसल के लिए कुल 1281 गैरऋणी किसानों ने बीमा कराया। 2018 में किसानों की संख्या घटकर 489 तक सिमट गई। आगामी खरीफ सीजन से पूरी योजना को ऐच्छिक कर दिया गया है। इससे इसमें और कमी आने की संभावना जताई जा रही हालांकि कृषि विशेषज्ञ मानते हैं कि सरकार भी अब इस योजना का बोझ उठाने को राजी नहीं। बीमा राशि समय पर नहीं मिलती। खरीफ बीमा का पैसा अब तक किसानों को नहीं मिला जबकि नई फसल की बुवाई का समय आ गया। बीमा देने में भी कंपनियां टाल-मटोल करती हैं। इस वजह से किसानों में इसको लेकर मायूसी है। शिवनारायण सिंह परिहार, किसान नेता किसानों के बीच जागरूकता फैलाने की कोशिश की जा रही। किसानों को योजना के लाभ बताए जाते हैं लेकिन, इस बार नए निर्देशों के मुताबिक बीमा किया जाएगा। कमल कटियार, कृषि उप निदेशक
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