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किसान अब खेती में विविधता लाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे : अनुराग शर्मा
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय कृषि मेला लगाया गया है। कार्यक्रम के दूसरे दिन मुख्य अतिथि सांसद झांसी-ललितपुर अनुराग शर्मा ने कहा कि बुंदेलखंड का किसान अब खेती में विविधता लाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होेंने किसानों को कृषि विवि की विभिन्न योजनाओं एवं संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी। औषधीय पौधों की खेती को लाभदायक बताते हुए किसानों को इसके प्रति प्रेरित किया।
अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि उन्नत कृषि तकनीक, सतत विकास और आत्मनिर्भरता को विभिन्न खेती परिस्थितियों में अपनाकर हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर कृषि विवि अनुसंधान कार्य कर रहा है। विशिष्ट अतिथि दीनदयाल शोध संस्थान नई दिल्ली के महाप्रबंधक अमिताभ वशिष्ठ ने कहा कि मौसम परिवर्तन लगातार हो रहा है, इसी विषय पर यह मेला कृषि विवि में लगाया गया है। विशिष्ट अतिथि दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट के संगठन सचिव अभय महाजन और कृषि आयुक्त डॉ. पीके सिंह ने विचार रखे। संचालन डॉ. अर्तिका सिंह ने व विभागाध्यक्ष पुष्प विज्ञान डॉ. गौरव शर्मा ने आभार व्यक्त किया। सांसद ने विवि की ओर से जैविक और प्राकृतिक खेती के लिए प्रबंधन रणनीतियां और जैविक खेती पर तकनीकी बुलेटिन का विमोचन किया। सहारनपुर निवासी किसान पद्मश्री सेठपाल सिंह, मऊरानीपुर के पुष्पेंद्र यादव, बुलंदशहर के कृष्णा यादव, कोट बेहटा के तारा सिंह को सम्मानित किया गया।
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श्री अन्न फसल प्रणाली को लेकर दिया प्रशिक्षण
रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय व आरआरए नेटवर्क, हैदराबाद के सहयोग से बुंदेलखंड में श्री अन्न पुनरुद्धार और मूल्य संवर्धन के लिए क्षमता निर्माण पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 250 किसानों ने भाग लिया। शिक्षा निदेशक डाॅ. अनिल कुमार ने किसानों को मोटे अनाज उगाने एवं इसके व्यावसायिक लाभ के बारे में जानकारी दी।
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