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अपडेट नहीं हुईं पीओएस मशीन, किसानों को खाद मिलने में मुश्किल
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झांसी। प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों में सॉफ्टवेयर अपडेट न होने से खाद वितरण में परेशानी हो रही। इस वजह से किसानों को मायूस होकर बैरंग लौटना पड़ रहा है। मशीनों के काम न करने की शिकायतें कृषि अफसरों तक भी पहुंच रहीं लेकिन, इसके बावजूद किसानों को राहत नहीं मिल रही।
रबी की बुवाई के बाद अब फसल की ट्रेसिंग का समय आ गया। इसके आरंभ होते ही यूरिया की मांग में इजाफा भी हो गया लेकिन, समय पर किसानों को खाद नहीं मिल पा रही। इस बार सरकार ने यूरिया की कालाबाजारी रोकने को कई कदम उठाए। उसके तहत ही पीओएस मशीन में सुधार करके उसके साफ्टवेयर अपडेट कराने के निर्देश दिए गए थे। इनके रखरखाव की जिम्मेदारी खाद कंपनी इफ्को एवं कृभको संभलती हैं लेकिन, अभी तक सभी मशीनों को सुधारा नहीं जा सका है। सिर्फ पचास फीसदी मशीनें ही अब तक अपडेट कराई जा सकी।
उधर, रबी सीजन की बुवाई आरंभ होने के बावजूद मशीनों के अपडेट न होने से किसानों को खाद मिलने में परेशानी हो रही। बताया जाता है कि मशीनों के साफ्टवेयर अपडेट कराने में दुकान संचालक भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। नए नियमों में संचालकों का दुकान में होना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में संचालक के सिवाय दूसरा कोई खाद की बिक्री नहीं कर सकता। इन सब तमाम पाबंदियों के चलते दुकानदार अपनी मशीनों को अपडेट कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इन सभी का सीधा खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा। वहीं, जिला कृषि अधिकारी कमलेश कुमार सिंह का कहना है कि मशीनों को तेजी से अपडेट कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी मशीनों को अपडेट कराकर खाद बिक्री शुरू कराई गई है।
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रबी की बुवाई के बाद अब फसल की ट्रेसिंग का समय आ गया। इसके आरंभ होते ही यूरिया की मांग में इजाफा भी हो गया लेकिन, समय पर किसानों को खाद नहीं मिल पा रही। इस बार सरकार ने यूरिया की कालाबाजारी रोकने को कई कदम उठाए। उसके तहत ही पीओएस मशीन में सुधार करके उसके साफ्टवेयर अपडेट कराने के निर्देश दिए गए थे। इनके रखरखाव की जिम्मेदारी खाद कंपनी इफ्को एवं कृभको संभलती हैं लेकिन, अभी तक सभी मशीनों को सुधारा नहीं जा सका है। सिर्फ पचास फीसदी मशीनें ही अब तक अपडेट कराई जा सकी।
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उधर, रबी सीजन की बुवाई आरंभ होने के बावजूद मशीनों के अपडेट न होने से किसानों को खाद मिलने में परेशानी हो रही। बताया जाता है कि मशीनों के साफ्टवेयर अपडेट कराने में दुकान संचालक भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। नए नियमों में संचालकों का दुकान में होना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में संचालक के सिवाय दूसरा कोई खाद की बिक्री नहीं कर सकता। इन सब तमाम पाबंदियों के चलते दुकानदार अपनी मशीनों को अपडेट कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इन सभी का सीधा खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा। वहीं, जिला कृषि अधिकारी कमलेश कुमार सिंह का कहना है कि मशीनों को तेजी से अपडेट कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी मशीनों को अपडेट कराकर खाद बिक्री शुरू कराई गई है।
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