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एक साल बाद किसानों को मिली उपज की राशि
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झांसी। मऊरानीपुर खरीद केंद्र में उपज बेचने वाले किसानों को करीब एक साल बाद अपनी उपज का पैसा मिलेगा। काफी जद्दोजहद के बाद सरकार ने 215 मूंगफली एवं 64 उड़द के किसानों का बकाया पैसा देने को मंजूरी दे दी। अब 48 घंटे के भीतर इन किसानों के खाते में बकाया रकम भेजी जाएगी हालांकि सौ से अधिक किसानों का पैसा अभी भी अधर में ही है।
पिछली खरीफ सीजन में हुई मूंगफली एवं मूंग की खरीद के लिए मऊरानीपुर में क्रय केंद्र खोला गया लेकिन, वहां काफी अव्यवस्था रही। हालत ऐसे रहे कि किसानों ने क्रय केंद्र के भीतर उपज रख दी। उनको इसकी पक्की रसीदें भी मिल गईं लेकिन, सैकड़ों किसानों को पैसा नहीं दिया गया। अधिकारियों ने पोर्टल बंद हो जाने की बात कहते हुए भुगतान से इंकार कर दिया। इनमें मूंगफली के 322 किसानों का कुल 179.63 लाख रुपया एवं 96 मूंग के किसानों का 35.53 लाख रुपया फंस गया। जनपद में कुल 215.16 लाख रुपये का भुगतान न होने से किसान सड़क पर आ गए। इसको लेकर काफी हंगामा हुआ लेकिन पोर्टल लॉक हो जाने की बात कहते हुए जिम्मेदार अधिकारियों ने पल्ला झाड़ लिया।
पिछले सप्ताह अमर उजाला में इस संबंध में समाचार प्रकाशित होने के बाद इस मामले ने फिर तूल पकड़ा। खबर को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने भी अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया। इसके बाद अफसरों की कार्रवाई ने तेजी पकड़ी। शुक्रवार को 215 मूंगफली एवं 64 उड़द किसानों के लिए रकम जारी कर दी गई हालांकि किसानों के खाते तक रकम पहुंचने में 48 घंटे का समय लगेगा। इन सबके बीच करीब सवा सौ किसानों की रकम अभी भी फंसी हुई है। उनके बारे में निर्णय नहीं हुआ है। सहायक निबंधक केपी शुक्ला के मुताबिक शासन से रकम मंजूर हो गई है। किसानों के खाते में ऑनलाइन माध्यम से पैसा भेजा जाएगा।
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पिछली खरीफ सीजन में हुई मूंगफली एवं मूंग की खरीद के लिए मऊरानीपुर में क्रय केंद्र खोला गया लेकिन, वहां काफी अव्यवस्था रही। हालत ऐसे रहे कि किसानों ने क्रय केंद्र के भीतर उपज रख दी। उनको इसकी पक्की रसीदें भी मिल गईं लेकिन, सैकड़ों किसानों को पैसा नहीं दिया गया। अधिकारियों ने पोर्टल बंद हो जाने की बात कहते हुए भुगतान से इंकार कर दिया। इनमें मूंगफली के 322 किसानों का कुल 179.63 लाख रुपया एवं 96 मूंग के किसानों का 35.53 लाख रुपया फंस गया। जनपद में कुल 215.16 लाख रुपये का भुगतान न होने से किसान सड़क पर आ गए। इसको लेकर काफी हंगामा हुआ लेकिन पोर्टल लॉक हो जाने की बात कहते हुए जिम्मेदार अधिकारियों ने पल्ला झाड़ लिया।
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पिछले सप्ताह अमर उजाला में इस संबंध में समाचार प्रकाशित होने के बाद इस मामले ने फिर तूल पकड़ा। खबर को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने भी अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया। इसके बाद अफसरों की कार्रवाई ने तेजी पकड़ी। शुक्रवार को 215 मूंगफली एवं 64 उड़द किसानों के लिए रकम जारी कर दी गई हालांकि किसानों के खाते तक रकम पहुंचने में 48 घंटे का समय लगेगा। इन सबके बीच करीब सवा सौ किसानों की रकम अभी भी फंसी हुई है। उनके बारे में निर्णय नहीं हुआ है। सहायक निबंधक केपी शुक्ला के मुताबिक शासन से रकम मंजूर हो गई है। किसानों के खाते में ऑनलाइन माध्यम से पैसा भेजा जाएगा।
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