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आर्थिक तंगी से परेशान किसान ने दी जान
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farmar sucide
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एरच (झांसी)। एरच थाना क्षेत्र के गोती गांव में बुधवार को आर्थिक तंगी से परेशान किसान ने घर के एक कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। परिवार के लोग शाम को खेत से लौटे तो कमरो का दरवाजा अंदर से बंद मिला। घरवालों ने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई। इसके बाद अंदर झांक कर देखा तो किसान फंदे पर लटका दिखाई दिया। इससे घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने जल्दी दरवाजा खोलकर नीचे उतारा लेकिन जब तक उसकी मौत हो चुकी थी। किसान के भाई जगदीश ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एरच थाना क्षेत्र के गोती गांव निवासी किसान जयसिंह (55) फसल ठीक न होने से परेशान था। बुधवार को जयसिंह और परिवार के सभी लोग खेत में काम करने गए थे। दोपहर दो बजे के करीब जयसिंह खेत से घर आ गया। इसके बाद उसने कमरे में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर फंदे से लटककर जान दे दी। शाम को पांच बजे के करीब परिवार वाले लौटे तो देखा कि कमरे का दरवाजा बंद है। लोगों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो उनको अनहोनी का शक हुआ। अंदर झांककर देखा तो फंदे पर लटका शव दिखाई दिया। इस पर परिजनों ने जल्दी से दरवाजे की कुंडी तोड़कर फंदे से उतारा लेकिन किसान की पहले ही मौत हो चुकी थी। भाई जगदीश ने बताया कि वह फसल खराब होने और आर्थिक तंगी से परेशान थे। इसीलिए उन्होंने जान दे दी। परिवार में पत्नी और एक बेटा है। नायब तहसीलदार दीपेंद्र ने बताया कि किसान के घर पर जांच के लिए लेखपाल जितेंद्र कुमार यादव को भेजा था। उसकी रिपोर्ट के आधार पर मृतक किसान के परिजनों को सहायता दिलाई जाएगी। परिजनों ने भी आर्थिक तंगी से खुदकुशी करने की बात कही है।
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एरच थाना क्षेत्र के गोती गांव निवासी किसान जयसिंह (55) फसल ठीक न होने से परेशान था। बुधवार को जयसिंह और परिवार के सभी लोग खेत में काम करने गए थे। दोपहर दो बजे के करीब जयसिंह खेत से घर आ गया। इसके बाद उसने कमरे में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर फंदे से लटककर जान दे दी। शाम को पांच बजे के करीब परिवार वाले लौटे तो देखा कि कमरे का दरवाजा बंद है। लोगों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो उनको अनहोनी का शक हुआ। अंदर झांककर देखा तो फंदे पर लटका शव दिखाई दिया। इस पर परिजनों ने जल्दी से दरवाजे की कुंडी तोड़कर फंदे से उतारा लेकिन किसान की पहले ही मौत हो चुकी थी। भाई जगदीश ने बताया कि वह फसल खराब होने और आर्थिक तंगी से परेशान थे। इसीलिए उन्होंने जान दे दी। परिवार में पत्नी और एक बेटा है। नायब तहसीलदार दीपेंद्र ने बताया कि किसान के घर पर जांच के लिए लेखपाल जितेंद्र कुमार यादव को भेजा था। उसकी रिपोर्ट के आधार पर मृतक किसान के परिजनों को सहायता दिलाई जाएगी। परिजनों ने भी आर्थिक तंगी से खुदकुशी करने की बात कही है।
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