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कोर्ट : फर्जी शिक्षक की जमानत अर्जी खारिज
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झांसी। राजकीय हाईस्कूल में फर्जी नियुक्ति पत्र के सहारे नौकरी हासिल करने के आरोपी की जेल से रिहाई नहीं हो पाई। अपर सत्र न्यायाधीश विकास नागर की अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह गौर ने बताया कि गुरसराय के राजकीय हाईस्कूल खड़ौरा की प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रीति सागर ने 19 अगस्त 2022 को गरौठा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि आजमगढ़ जनपद की तहसील लालगंज के ग्राम महुआपुर निवासी रणविजय विश्वकर्मा ने 22 जुलाई 2022 को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति प्राप्त की थी। बाद में विभागीय जांच में उनके नियुक्ति पत्र फर्जी पाए गए थे।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। रिहाई के लिए आरोपी रणविजय विश्वकर्मा की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे अदालत ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
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पांच आरोपी हैं जेल में
झांसी। फर्जी नियुक्ति पत्रों के सहारे राजकीय हाईस्कूलों में नियुक्ति हासिल करने के आरोप में पांच आरोपी जेल में बंद हैं। इनमें रणविजय विश्वकर्मा के अलावा आजमगढ़ की सदर तहसील के ग्राम वीरभद्रपुर निवासी नरेंद्र कुमार मौर्य, लालमऊ तहसील के ग्राम लालमऊ निवासी पंचदेव, मैनावती व अमृता कुशवाहा शामिल हैं। इनमें सबसे पहले पंचदेव का नियुक्ति पत्र फर्जी पाया गया था। इसके बाद हुई जांच में चार अन्य के नियुक्ति पत्र पर्जी मिले थे।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह गौर ने बताया कि गुरसराय के राजकीय हाईस्कूल खड़ौरा की प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रीति सागर ने 19 अगस्त 2022 को गरौठा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि आजमगढ़ जनपद की तहसील लालगंज के ग्राम महुआपुर निवासी रणविजय विश्वकर्मा ने 22 जुलाई 2022 को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति प्राप्त की थी। बाद में विभागीय जांच में उनके नियुक्ति पत्र फर्जी पाए गए थे।
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पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। रिहाई के लिए आरोपी रणविजय विश्वकर्मा की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे अदालत ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
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पांच आरोपी हैं जेल में
झांसी। फर्जी नियुक्ति पत्रों के सहारे राजकीय हाईस्कूलों में नियुक्ति हासिल करने के आरोप में पांच आरोपी जेल में बंद हैं। इनमें रणविजय विश्वकर्मा के अलावा आजमगढ़ की सदर तहसील के ग्राम वीरभद्रपुर निवासी नरेंद्र कुमार मौर्य, लालमऊ तहसील के ग्राम लालमऊ निवासी पंचदेव, मैनावती व अमृता कुशवाहा शामिल हैं। इनमें सबसे पहले पंचदेव का नियुक्ति पत्र फर्जी पाया गया था। इसके बाद हुई जांच में चार अन्य के नियुक्ति पत्र पर्जी मिले थे।