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बीयू को सरेंडर की फर्जी उपाधि
amarujala
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:39 AM IST
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bu jhansi news
- फोटो : demo
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के वरिष्ठ सहायक द्वारा अंकों में हेराफेरी कर बनाई गई उपाधि सरेंडर कर दी गई है। इससे कर्मचारी पर शिकंजा और कस गया है। दूसरी तरफ, छात्रा ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
विश्वविद्यालय के वरिष्ठ सहायक पर बीए तृतीय वर्ष की छात्रा की उपाधि में कूटरचित ढंग से अंकों में हेराफेरी करने का आरोप लगा था। बाद में कुलपति ने प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी थी। जांच कमेटी की रिपोर्ट में अंकों में हेराफेरी में संलिप्तता और उपाधि व गोपनीय विभाग के पटल सहायकों पर दबाव बनाकर उपाधि प्राप्त करने की बात सामने आने पर वरिष्ठ सहायक को निलंबित कर दिया गया था। अब यह उपाधि विश्वविद्यालय प्रशासन को कर्मचारी द्वारा सरेंडर कर दी गई है। इससे आरोपों को बल मिल गया है। ऐसे में कर्मचारी पर और शिकंजा कस सकता है। वहीं, छात्रा ने विश्वविद्यालय को दिए शिकायती पत्र में कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। छात्रा का कहना है कि उसे धोखे में रखकर यह काम किया गया। इससे उसका भविष्य खराब हो गया है।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के वरिष्ठ सहायक द्वारा अंकों में हेराफेरी कर बनाई गई उपाधि सरेंडर कर दी गई है। इससे कर्मचारी पर शिकंजा और कस गया है। दूसरी तरफ, छात्रा ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
विश्वविद्यालय के वरिष्ठ सहायक पर बीए तृतीय वर्ष की छात्रा की उपाधि में कूटरचित ढंग से अंकों में हेराफेरी करने का आरोप लगा था। बाद में कुलपति ने प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी थी। जांच कमेटी की रिपोर्ट में अंकों में हेराफेरी में संलिप्तता और उपाधि व गोपनीय विभाग के पटल सहायकों पर दबाव बनाकर उपाधि प्राप्त करने की बात सामने आने पर वरिष्ठ सहायक को निलंबित कर दिया गया था। अब यह उपाधि विश्वविद्यालय प्रशासन को कर्मचारी द्वारा सरेंडर कर दी गई है। इससे आरोपों को बल मिल गया है। ऐसे में कर्मचारी पर और शिकंजा कस सकता है। वहीं, छात्रा ने विश्वविद्यालय को दिए शिकायती पत्र में कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। छात्रा का कहना है कि उसे धोखे में रखकर यह काम किया गया। इससे उसका भविष्य खराब हो गया है।
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