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कृषि विज्ञान में प्रवेश कराने के लिए रिश्वत लेकर थमा दी फर्जी रसीद
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बीएससी कृषि विज्ञान विभाग में प्रवेश के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने 60 हजार रुपये रिश्वत ली। यही नहीं, छात्र को फीस जमा होने की फर्जी रसीद भी थमा दी। जब छात्र प्रवेश लेने के लिए विभाग पहुंचा तो सूची में नाम न होने पर मना कर दिया गया। मामले की शिकायत कुलपति से की गई तो उन्होंने कर्मचारी से स्पष्टीकरण तलब कर लिया है।
बीयू के कृषि विज्ञान समेत कुछ विभागों में प्रवेश के लिए हर बार मारामारी रहती है। बीयू के कुछ विवादित कर्मचारी प्रवेश के लिए छात्रों से रिश्वत लेते हैं। ताजा मामला बीयू के एकेडमिक विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का सामने आया है। कर्मचारी पर आरोप है कि उसने प्रवेश के लिए 60 हजार रुपये रिश्वत ली। इसके बाद 30,500 रुपये की फीस जमा होने की फर्जी रसीद भी थमा दी। जब छात्र प्रवेश के लिए कृषि विज्ञान विभाग पहुंचा तो सूची में नाम न होने की बात कहते हुए लौटा दिया गया। इसके बाद छात्र ने मामले की शिकायत कुलपति से की। सिस्टम एनालिस्ट से जांच कराई गई तो रसीद फर्जी निकली। फिर छात्र ने कुलपति को शिकायती पत्र सौंपा। इसमें आरोप लगाया कि एकेडमिक विभाग में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने प्रवेश कराने के नाम 60 हजार रुपये रिश्वत ली है। कुलपति ने शिकायती पत्र के आधार पर आरोपी कर्मचारी से स्पष्टीकरण तलब कर लिया है।
मामले की शिकायत मिलने पर एकेडमिक विभाग में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का स्पष्टीकरण तलब कर लिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - प्रो. जेवी वैशम्पायन, कुलपति, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय।
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बीयू के कृषि विज्ञान समेत कुछ विभागों में प्रवेश के लिए हर बार मारामारी रहती है। बीयू के कुछ विवादित कर्मचारी प्रवेश के लिए छात्रों से रिश्वत लेते हैं। ताजा मामला बीयू के एकेडमिक विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का सामने आया है। कर्मचारी पर आरोप है कि उसने प्रवेश के लिए 60 हजार रुपये रिश्वत ली। इसके बाद 30,500 रुपये की फीस जमा होने की फर्जी रसीद भी थमा दी। जब छात्र प्रवेश के लिए कृषि विज्ञान विभाग पहुंचा तो सूची में नाम न होने की बात कहते हुए लौटा दिया गया। इसके बाद छात्र ने मामले की शिकायत कुलपति से की। सिस्टम एनालिस्ट से जांच कराई गई तो रसीद फर्जी निकली। फिर छात्र ने कुलपति को शिकायती पत्र सौंपा। इसमें आरोप लगाया कि एकेडमिक विभाग में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने प्रवेश कराने के नाम 60 हजार रुपये रिश्वत ली है। कुलपति ने शिकायती पत्र के आधार पर आरोपी कर्मचारी से स्पष्टीकरण तलब कर लिया है।
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मामले की शिकायत मिलने पर एकेडमिक विभाग में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का स्पष्टीकरण तलब कर लिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - प्रो. जेवी वैशम्पायन, कुलपति, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय।
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