{"_id":"6197ff79a640ae79416a998f","slug":"electricity-generation-will-start-in-solar-park-after-16-months-jhansi-news-jhs209159510","type":"story","status":"publish","title_hn":"16 महीने बाद शुरू हो जाएगा सोलर पार्क में बिजली का उत्पादन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
16 महीने बाद शुरू हो जाएगा सोलर पार्क में बिजली का उत्पादन
विज्ञापन
झांसी। शुक्रवार को झांसी आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के सबसे बड़े अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क का शिलान्यास किया। गरौठा तहसील के पांच गांवों की 3,023 एकड़ भूमि पर ये 3,013 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। 16 महीने बाद सोलर पार्क में प्रतिदिन 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा। आने वाले समय में प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में झांसी में बनने वाला ये सोलर पार्क बेहद अहम साबित होगा।
सौर ऊर्जा के उत्पादन की दृष्टि से बुंदेलखंड का वातावरण एकदम अनुकूल है। इसी को ध्यान में रखते हुए पिछले दिनों टेहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड और नेडा के बीच झांसी में अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क लगाने का करार हुआ था। इसके लिए गरौठा तहसील के धसान नदी से सटे पांच गांव सुजानपुरा, जसवंतपुरा, जलालपुरा, पुरा व खड़ौरा की 3,023 भूमि चिह्नित की गई थी। गैर कृषि योग्य भूमि पार्क की स्थापना के लिए ली गई थी। 2,334 किसानों से उनकी जमीन 28 साल की लीज पर ली जा रही है, जिसका उन्हें वार्षिक किराया अदा किया जाएगा। इस परियोजना से प्रदेश को सस्ती बिजली और ग्रिड स्थिरता का दोहरा लाभ मिलेगा। परियोजना की फेंसिंग का काम अगले माह दिसंबर में शुरू कर दिया जाएगा। जबकि, परियोजना को पूर्ण करने की अवधि मार्च 2023 निर्धारित की गई है। यानी कि 16 महीने बाद अप्रैल 2023 से यहां प्रतिदिन 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा। पार्क के विकास पर 313 करोड़ और परियोजना विकसित करने पर 2700 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी।
विज्ञापन
सौर ऊर्जा के उत्पादन की दृष्टि से बुंदेलखंड का वातावरण एकदम अनुकूल है। इसी को ध्यान में रखते हुए पिछले दिनों टेहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड और नेडा के बीच झांसी में अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क लगाने का करार हुआ था। इसके लिए गरौठा तहसील के धसान नदी से सटे पांच गांव सुजानपुरा, जसवंतपुरा, जलालपुरा, पुरा व खड़ौरा की 3,023 भूमि चिह्नित की गई थी। गैर कृषि योग्य भूमि पार्क की स्थापना के लिए ली गई थी। 2,334 किसानों से उनकी जमीन 28 साल की लीज पर ली जा रही है, जिसका उन्हें वार्षिक किराया अदा किया जाएगा। इस परियोजना से प्रदेश को सस्ती बिजली और ग्रिड स्थिरता का दोहरा लाभ मिलेगा। परियोजना की फेंसिंग का काम अगले माह दिसंबर में शुरू कर दिया जाएगा। जबकि, परियोजना को पूर्ण करने की अवधि मार्च 2023 निर्धारित की गई है। यानी कि 16 महीने बाद अप्रैल 2023 से यहां प्रतिदिन 600 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा। पार्क के विकास पर 313 करोड़ और परियोजना विकसित करने पर 2700 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी।
विज्ञापन