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ड्रेगन फ्रूट से बदलेगी किसानों की किस्मत
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ड्रेगन फ्रूट से बदलेगी किसानों की किस्मत
झांसी। राजकीय उद्यान नारायण बाग में जिला औद्योनिक मिशन योजना के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय उद्यान गोष्ठी - कृषि मेला का समापन हुआ। रविवार को उद्यान विभाग ने 75 किसानों को भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान केंद्र, रानी लक्ष्मीबाई कृषि विश्वविद्यालय सहित कई अन्य कृषि केंद्रों का भ्रमण कराया। इस बीच कोटा बेहटा में किसानों को ड्रेगन फ्रूट की खेती दिखाकर उसकी पैदावार के बारे में जानकारी दी। बताया कि इससे किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।
भ्रमण में किसान ग्रासलैंड एवं कृषि वानिकी अनुसंधान विभाग में गए। यहां उन्हें आंवला और गोंद के पेड़ के बगीचे दिखाए। किसानों को कृषि अधिकारियों ने प्रयोग कर बताया कि बगीचा को कैसे तैयार कर गोंद को प्राप्त कर सकते है। इसके साथ ही किसानों को घास की प्रजातियां और उनकी विशेषताओं के बारे में बताया। उन्हें बताया कि बुंदेलखंड की भूमि में अंजीर, मौसमी, आम के पौधे लगाकर अपनी आय को दुगुना कर सकते हैं। इसके बाद कोट बेहटा में किसानों को ड्रेगन फ्रूट की खेती दिखाई गई। उन्हें बताया कि ड्रिप सिस्टम से कम पानी में इसकी खेती आय की दृष्टि से बेहद लाभदायक है। बताया कि आज बाजार में ड्रेगन फ्रू ट की बेहद मांग है। जो कई बीमारियों में उपचार का काम करती हैं। किसानों को उद्यान एवं कृषि से संबंधित नई-नई तकनीकों के बारे में बताया। इससे पहले भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राम नरेश तिवारी ने हरी झंडी दिखाकर किसानों को भ्रमण के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उद्यान विभाग के उपनिदेशक भैरम सिंह, प्रभारी अधीक्षक नरेंद्र कुमार जैन, वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक काशी प्रसाद गुप्ता, उद्यान निरीक्षक नीरज सचान, गौरव तिवारी, सहायक उद्यान निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौर आदि मौजूद रहे।
नागफनी प्रजाति का पौधा होता है ड्रेगन फ्रू ट का
ड्रेगन फ्रूट नागफनी प्रजाति का पौधा है, जो बेहद कम पानी में भी और बंजर भूमि में पनप जाता है। उद्यान विभाग के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार जैन ने बताया कि एक साल में इसमें फल आने लगते है, जो जुलाई से अक्तूबर तक आता है। इसका पौधा बाजार में 80 रुपये तक का मिलता है। जबकि इसका फल 30 रुपये तक का बिकता है। यह विदेशी फल है और स्वास्थ्य वर्धक भी है। किसान इसका उत्पादन कर अपनी अतिरिक्त आय के रूप में ले सकते हैं।
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झांसी। राजकीय उद्यान नारायण बाग में जिला औद्योनिक मिशन योजना के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय उद्यान गोष्ठी - कृषि मेला का समापन हुआ। रविवार को उद्यान विभाग ने 75 किसानों को भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान केंद्र, रानी लक्ष्मीबाई कृषि विश्वविद्यालय सहित कई अन्य कृषि केंद्रों का भ्रमण कराया। इस बीच कोटा बेहटा में किसानों को ड्रेगन फ्रूट की खेती दिखाकर उसकी पैदावार के बारे में जानकारी दी। बताया कि इससे किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।
भ्रमण में किसान ग्रासलैंड एवं कृषि वानिकी अनुसंधान विभाग में गए। यहां उन्हें आंवला और गोंद के पेड़ के बगीचे दिखाए। किसानों को कृषि अधिकारियों ने प्रयोग कर बताया कि बगीचा को कैसे तैयार कर गोंद को प्राप्त कर सकते है। इसके साथ ही किसानों को घास की प्रजातियां और उनकी विशेषताओं के बारे में बताया। उन्हें बताया कि बुंदेलखंड की भूमि में अंजीर, मौसमी, आम के पौधे लगाकर अपनी आय को दुगुना कर सकते हैं। इसके बाद कोट बेहटा में किसानों को ड्रेगन फ्रूट की खेती दिखाई गई। उन्हें बताया कि ड्रिप सिस्टम से कम पानी में इसकी खेती आय की दृष्टि से बेहद लाभदायक है। बताया कि आज बाजार में ड्रेगन फ्रू ट की बेहद मांग है। जो कई बीमारियों में उपचार का काम करती हैं। किसानों को उद्यान एवं कृषि से संबंधित नई-नई तकनीकों के बारे में बताया। इससे पहले भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राम नरेश तिवारी ने हरी झंडी दिखाकर किसानों को भ्रमण के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उद्यान विभाग के उपनिदेशक भैरम सिंह, प्रभारी अधीक्षक नरेंद्र कुमार जैन, वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक काशी प्रसाद गुप्ता, उद्यान निरीक्षक नीरज सचान, गौरव तिवारी, सहायक उद्यान निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौर आदि मौजूद रहे।
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नागफनी प्रजाति का पौधा होता है ड्रेगन फ्रू ट का
ड्रेगन फ्रूट नागफनी प्रजाति का पौधा है, जो बेहद कम पानी में भी और बंजर भूमि में पनप जाता है। उद्यान विभाग के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार जैन ने बताया कि एक साल में इसमें फल आने लगते है, जो जुलाई से अक्तूबर तक आता है। इसका पौधा बाजार में 80 रुपये तक का मिलता है। जबकि इसका फल 30 रुपये तक का बिकता है। यह विदेशी फल है और स्वास्थ्य वर्धक भी है। किसान इसका उत्पादन कर अपनी अतिरिक्त आय के रूप में ले सकते हैं।
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