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दहेज की मांग पूरी तरह से गैर इस्लामी

Sun, 07 Mar 2021 12:52 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 07 Mar 2021 12:52 AM IST
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Dowrry mang gair eslami
झांसी। गुजरात के अहमदाबाद में दहेज की मांग से तंग आकर आयशा के खुदकुशी करने के बाद उलेमा मुस्लिम समाज को जागरूक करेंगे। उलेमाओं ने दहेज की मांग को पूरी तरह गैर इस्लामी बताया। मंगलवार को इस मसले पर उलेमाओं की बैठक में मशविरा कर राय रखी जाएगी।
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गैर शरई और महंगी शादियों पर रोक लगाने को लेकर उलेमाओं ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। इसके लिए मंगलवार को शहर भर के उलेमा अपने समुदाय के लोगों के साथ बैठक करेंगे। इसमें गैर शरई तरीके और दहेज के लेनदेन आदि पर रोक लगाने की पहल की जाएगी। बैठक में महंगी शादियां रोकने, दहेज के लेनदेन पर पाबंदी, बड़ी दावतें, डीजे और आतिशबाजी के हालात को टालने के लिए मुहिम चलाने पर भी चर्चा होगी। इन सभी बातों को मुस्लिम समुदाय के लोगों तक पहुंचाने के लिए जुमा और बाकी नमाजों के दौरान बयान भी होंगे।
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दहेज की मांग पर सभी को आगे आकर रोक लगानी होगी। कुछ लोगों ने इसको रिवाज बना लिया है। हम सब मिलकर मुस्लिम समुदाय के लोगों को जागरूक करेंगे, ताकि निकाह आसान हो सकें। मुफ्ती साबिर अंसारी
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निकाह इबादत है और इस इबादत में तरीका-ए-रसूल शामिल किया जाना चाहिए। इस्लामी तरीके से शादी की जाए। महंगी शादियों पर पूरी रोक लगाने के लिए जागरूक किया जाएगा। कारी शाहिद
बरात, दहेज, डीजे, महंगी शादी, आतिशबाजी के हालात रोक दिए जाएं और इस्लामी तरीके से शादियां की जाएं तो किसी पर भी शादी बोझ नहीं होगी। यह सभी को समझाया जाएगा। मुफ्ती अफ्फान नदवी
दहेज प्रथा खत्म कर लड़कियों को विरासत में हिस्सा देने पर अमल करें तो यह शरई तरीका उसके लिए मुफीद के साथ ही कारगर साबित होगा। इस पर मुस्लिमों को ध्यान देने की जरुरत है। मुफ्ती इमरान नदवी
हम सभी मिलकर दहेज का विरोध करेंगे। यदि किसी शादी में दहेज का लेनदेन होगा तो कोशिश यही होगी कि उस शादी में शामिल न हों। इसके लिए सभी मिलकर एक अभियान चलाएंगे। हाफिज हफीजुद्दीन
दहेज की बिना पर गरीब लड़कियां घरों में बैठीं हैं। अल्लाह के रसूल ने निकाह को आसान करने का हुक्म दिया। डीजे, ढोल-बाजे और आतिशबाजी यह सब इस्लाम में पूरी तरह हराम है। मौलाना लतीफ नदवी
इस पर पाबंदी लगाने का सामाजिक मकसद फिजूलखर्ची रोकने के साथ ही ध्वनि प्रदूषण और रास्तों में आम लोगों को होने वाली परेशानियां भी रोकना है। लोग इस पर अपनी तरफ से रोक लगाएं। हाफिज हफीजुद्दीन

निकाह के नाम पर गैर शरई कामों को अंजाम दिया जा रहा है। लड़की वालों से दहेज की मांग की जा रही है। इसको किसी भी सूरत से इस्लाम में सही नहीं ठहराया जा सकता है। मौलाना सईद महमूदी
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