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जिला पंचायत दुकानदारों से वसूलेगा टैक्स
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Dec 2016 01:02 AM IST
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tax chori, jhansi news
- फोटो : demo
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जिला पंचायत ग्रामीण क्षेत्र के सभी दुकानदारों से संपत्ति एवं विभव कर वसूल करेगा। कर कितना होगा, इसे समिति बनाकर तय किया जाएगा। यह प्रस्ताव शुक्रवार शनिवार को हुई बोर्ड बैठक में पास किया गया। बोर्ड ने रिवाइज बजट भी पास किया तो छुट्टा जानवरों की समस्या का समाधान कर पाने से हाथ खड़े कर दिए।
जिला पंचायत सभागार में अध्यक्ष प्रतिमा यादव की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में संपत्ति एवं विभव कर पर चर्चा शुरू हुई। सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया कि जिला पंचायत से पंजीकृत सभी दुकानदारों को डिमांड नोटिस जारी कर टैक्स वसूल करेगा। जो दुकानदार पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें रजिस्टर्ड किया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र सिंह ने गांवों में निजी उपयोग के लिए ईंट भट्टा लगाने वालों से लाइसेंस फीस न लेने का प्रस्ताव रखा, जिसे पास किया गया। विधायक कृष्णपाल सिंह ने छुट्टा जानवरों का मुद्दा उठाया। इस पर बताया गया कि जिला पंचायत के पास छुट्टा जानवरों को खिलाने के लिए कुछ नहीं है, इस कारण कांजी हाउस बेकार हैं। बैठक में राजापुर और बैदोरा गांव में विवाह घर बनाने की मांग भी उठी।
अपर मुख्य अधिकारी कमलेश सिंह ने 2016-17 का रिवाइज बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 2015-16में जिला पंचायत को 14.91 करोड़ रुपये मिले, इनमें 10 करोड़ रुपये सरकारी अनुदानों से तथा 4.91 करोड़ रुपये जिला पंचायत के निजी स्रोतों से मिले हैं। मूल आय में 19.85 करोड़ रुपये का अनुमान था। शासन से 22.82 करोड़ रुपये विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए दिए हैं। कुल मिलाकर 46.66 करोड़ रुपये की आय संभावित है। विभिन्न मदों में 5.92 करोड़ रुपये खर्च हुआ। अन्य मद में 20.56 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। शासकीय अनुदान से 17.50 करोड़ रुपये मिलेंगे तथा जिला पंचायत का निजी धन 3.06 करोड़ रुपये है। कुल मिलाकर 27.88 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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बैठक में एमएलसी रमा निरंजन, जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र सिंह, बाल किशन, पवन कुमार, आल्हखंड सिंह, अनिल कुमार, लता रानी, किरन देवी, राजेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
1,826 दुकानों से 26.10 करोड़ आएंगे
ब्लाक दुकानें आय (करोड़ रुपये)
मऊरानीपुर 338 4.51
बंगरा 393 3.80
गुरसराय 179 2.08
बामौर 178 1.47
बबीना 313 4.57
बड़ागांव 165 5.29
चिरगांव 90 2.41
मोंठ 170 18.78
--------------------------
आठ 1,826 26.10
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अनुपस्थित अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा
जिला पंचायत की बैठक में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर मुख्य विकास अधिकारी नवनीत सिंह चहल ने तीन दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है। जिला पंचायत सदस्य भारत सिंह ने बबीना में बनी पानी की टंकी से सप्लाई नहीं होने का मुद्दा उठाया। मुख्य विकास अधिकारी ने जल निगम के अधिशासी अभियंता से जवाब देने को कहा, लेकिन वह बैठक में उपस्थित नहीं थे। सीडीओ ने अधिशासी अभियंता एपी यादव और संबंधित सहायक अभियंता का स्पष्टीकरण मांगा। विधायक कृष्णपाल सिंह राजपूत ने रक्सा से पुनावली मार्ग और नरेंद्र सिंह ने गुरसराय से चिरगांव मार्ग की जर्जर हालत के बारे में सवाल उठाया। लेकिन जवाब देने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एके जैन बैठक में नहीं थे। इस पर सीडीओ ने उनसे भी स्पष्टीकरण मांग लिया।
चपरासी की ओट में छिपे अफसर
बोर्ड बैठक में सदस्यों ने दुकानों के किराये को लेकर सवाल उठाए तो अफसर निरुत्तर थे। उन्होंने एक चपरासी को माइक पकड़ा दिया और वह टालमटोल वाला जवाब देने लगा। इस पर सदस्यों ने हंगामा कर दुकानों के किराये की सूची मांगी। लेकिन, सूची नहीं दी जा सकी। सदस्य भारत सिंह ने कहा कि गन हाउस की दुकान का किराया सिर्फ 175 रुपये महीना है, जबकि इस दुकान का किराया ज्यादा होना चाहिए। मौन अफसरों की आवाज बने चपरासी का कहना था कि दुकानदारों से बीस साल का एग्रीमेंट किया गया है, लेकिन वह यह नहीं बताया सका कि यह कब हुआ। उसने मामला हाईकोर्ट में लंबित होने की बात कही तो सदस्यों ने कोर्ट में पेंडिंग मुकदमों और पैरवी करने वाले अधिवक्ता की जानकारी मांगी। यह हुआ की सारी जानकारी अगली बैठक में दी जाएंगी।
हर दो महीने में होगी बैठक
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक समय पर नहीं होने पर शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि तय समय पर बैठक बुलाई जाए। इस पर अपर मुख्य अधिकारी कमलेश सिंह ने आश्वासन दिया कि अब हर दो महीने में बैठक होगी।
मनमाने तरीके से लग रहे बिजली के खंभे
जिला पंचायत सदस्योें ने घटौरा, लुहरगांव और नैगुंवा गांव में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत खंभे लगाने का काम मनमाने तरीके से होने का आरोप लगाया। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच करने के निर्देश दिए।
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जिला पंचायत सभागार में अध्यक्ष प्रतिमा यादव की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में संपत्ति एवं विभव कर पर चर्चा शुरू हुई। सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया कि जिला पंचायत से पंजीकृत सभी दुकानदारों को डिमांड नोटिस जारी कर टैक्स वसूल करेगा। जो दुकानदार पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें रजिस्टर्ड किया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र सिंह ने गांवों में निजी उपयोग के लिए ईंट भट्टा लगाने वालों से लाइसेंस फीस न लेने का प्रस्ताव रखा, जिसे पास किया गया। विधायक कृष्णपाल सिंह ने छुट्टा जानवरों का मुद्दा उठाया। इस पर बताया गया कि जिला पंचायत के पास छुट्टा जानवरों को खिलाने के लिए कुछ नहीं है, इस कारण कांजी हाउस बेकार हैं। बैठक में राजापुर और बैदोरा गांव में विवाह घर बनाने की मांग भी उठी।
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अपर मुख्य अधिकारी कमलेश सिंह ने 2016-17 का रिवाइज बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 2015-16में जिला पंचायत को 14.91 करोड़ रुपये मिले, इनमें 10 करोड़ रुपये सरकारी अनुदानों से तथा 4.91 करोड़ रुपये जिला पंचायत के निजी स्रोतों से मिले हैं। मूल आय में 19.85 करोड़ रुपये का अनुमान था। शासन से 22.82 करोड़ रुपये विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए दिए हैं। कुल मिलाकर 46.66 करोड़ रुपये की आय संभावित है। विभिन्न मदों में 5.92 करोड़ रुपये खर्च हुआ। अन्य मद में 20.56 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। शासकीय अनुदान से 17.50 करोड़ रुपये मिलेंगे तथा जिला पंचायत का निजी धन 3.06 करोड़ रुपये है। कुल मिलाकर 27.88 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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बैठक में एमएलसी रमा निरंजन, जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र सिंह, बाल किशन, पवन कुमार, आल्हखंड सिंह, अनिल कुमार, लता रानी, किरन देवी, राजेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
1,826 दुकानों से 26.10 करोड़ आएंगे
ब्लाक दुकानें आय (करोड़ रुपये)
मऊरानीपुर 338 4.51
बंगरा 393 3.80
गुरसराय 179 2.08
बामौर 178 1.47
बबीना 313 4.57
बड़ागांव 165 5.29
चिरगांव 90 2.41
मोंठ 170 18.78
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आठ 1,826 26.10
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अनुपस्थित अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा
जिला पंचायत की बैठक में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर मुख्य विकास अधिकारी नवनीत सिंह चहल ने तीन दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है। जिला पंचायत सदस्य भारत सिंह ने बबीना में बनी पानी की टंकी से सप्लाई नहीं होने का मुद्दा उठाया। मुख्य विकास अधिकारी ने जल निगम के अधिशासी अभियंता से जवाब देने को कहा, लेकिन वह बैठक में उपस्थित नहीं थे। सीडीओ ने अधिशासी अभियंता एपी यादव और संबंधित सहायक अभियंता का स्पष्टीकरण मांगा। विधायक कृष्णपाल सिंह राजपूत ने रक्सा से पुनावली मार्ग और नरेंद्र सिंह ने गुरसराय से चिरगांव मार्ग की जर्जर हालत के बारे में सवाल उठाया। लेकिन जवाब देने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एके जैन बैठक में नहीं थे। इस पर सीडीओ ने उनसे भी स्पष्टीकरण मांग लिया।
चपरासी की ओट में छिपे अफसर
बोर्ड बैठक में सदस्यों ने दुकानों के किराये को लेकर सवाल उठाए तो अफसर निरुत्तर थे। उन्होंने एक चपरासी को माइक पकड़ा दिया और वह टालमटोल वाला जवाब देने लगा। इस पर सदस्यों ने हंगामा कर दुकानों के किराये की सूची मांगी। लेकिन, सूची नहीं दी जा सकी। सदस्य भारत सिंह ने कहा कि गन हाउस की दुकान का किराया सिर्फ 175 रुपये महीना है, जबकि इस दुकान का किराया ज्यादा होना चाहिए। मौन अफसरों की आवाज बने चपरासी का कहना था कि दुकानदारों से बीस साल का एग्रीमेंट किया गया है, लेकिन वह यह नहीं बताया सका कि यह कब हुआ। उसने मामला हाईकोर्ट में लंबित होने की बात कही तो सदस्यों ने कोर्ट में पेंडिंग मुकदमों और पैरवी करने वाले अधिवक्ता की जानकारी मांगी। यह हुआ की सारी जानकारी अगली बैठक में दी जाएंगी।
हर दो महीने में होगी बैठक
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक समय पर नहीं होने पर शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि तय समय पर बैठक बुलाई जाए। इस पर अपर मुख्य अधिकारी कमलेश सिंह ने आश्वासन दिया कि अब हर दो महीने में बैठक होगी।
मनमाने तरीके से लग रहे बिजली के खंभे
जिला पंचायत सदस्योें ने घटौरा, लुहरगांव और नैगुंवा गांव में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत खंभे लगाने का काम मनमाने तरीके से होने का आरोप लगाया। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच करने के निर्देश दिए।